रांची : बेटियों से भेदभाव क्यों, ये ही तो बड़ी होकर मां बनती हैं- हरीन्द्रानन्द जी

NewsCode Jharkhand | 28 October, 2018 6:36 PM
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शिव शिष्‍य परिवार ने किया बेटी है तो सृजन है, बेटी है तो कल है विषयक गोष्ठी का आयोजन

रांची। शिव शिष्‍य परिवार, राँची की ओर से ‘‘बेटी है तो सृजन है, बेटी है तो कल है’’ विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन ‘‘बांग्ल सांस्कृतिक परिषद’’, धुर्वा, राँची में किया गया।

कालखंड के प्रथम शिव शिष्‍य  हरीन्द्रानन्द जी ने आज के सामाजिक परिवेश के परिप्रेक्ष्य में कहा कि शिव की बनाई हुई दुनिया में हम भेदभाव क्यों करते हैं ? शिव तो स्वयं अर्धनारीश्‍वर हैं।

हम किस दौर से गुजर रहे हैं, यह समझ से परे है। बेटियों के बिना तो परिवार ही अधूरा हो जाता है। सम्मान तो बहुत छोटी बात है, हमारा अस्तित्व ही खतरे में आ जाएगा क्योंकि यही बेटियां बड़ी होकर मां बनती हैं।

हमारे गुरू शिव अपनी बनाई हुई सृष्टि में भेदभाव नहीं करते। शिव की शिष्‍यता ही मानवता का सुमन खिलाएगा और हमारी दुनिया, हमारा समाज सुवासित और समृद्ध होगा।

बेटियों को बराबर का दर्जा दिलाने को लेेेेकर कृतसंकल्पित हैं हम-आनन्द

संगोष्‍ठी का शुभारंभ राष्‍ट्र्गान से हुआ। आगतों का स्वागत श्री गौतम ने किया।  परिवार के मुख्य सलाहकार अर्चित आनन्द ने बेटियों के सम्मान पर बोलते हुए कहा कि हमारे समाज में बेटियों को बराबर का दर्जा मिले, इसके लिए हम कृतसंकल्पित हैं।

हमारा पूरा परिवार देश की बेटियों के साथ खड़ा है। सम्मान पाना उनका हक है। हम कुछ नया नहीं कर रहे हैं अपितु हमारी संस्कृति रही है कि बेटियों को पूजा जाता है।

आज हमारी बेटियां बाहर निकलती हैं, पढती हैं, षिव चर्चा करती हैं।उपाध्यक्षा बरखा ने बेटियों को‘‘अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी’’ के परिप्रेक्ष में कहा कि रजिया सुल्तान, रानी लक्ष्मी बाई, इंदिरा गाँधी, कल्पना चावला आदि ने बेटियों को सबला प्रमाणित किया।

हमें जागृत होना होगा एवं समाज को जागृत करना होगा। जागरण जब भी होगा तो जन मानस की जागृति से ही अन्यथा उदाहरण अपवाद होकर रह जायेंगे।

जहां नारी का सम्‍मान, वहीं  विराजते हैं देवता-अभिनव आनन्द

देश में बेटियों की स्थिति पर सचिव अभिनव आनन्द ने भी अपने विचार रखे। जहां नारी की पूजा होगी, सम्मान होगा, वहीं देवता विराजते हैं। निहारिका एवं अन्य लोगों ने भी अपने विचार प्रकट किये।
संगोष्‍ठी में लगभग चार हजार लोग आए थे।इसमेें महिलाओं की संख्या अधिक थी।

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पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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रांची : युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे- गिलुवा

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 7:35 PM
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रांची। युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए कही।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को सादर नमन करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अटल जी के नेतृत्व में राज्य का गठन किया। इसे सजाने और संवारने का प्रयास चल रहा है।

गिलुवा ने कहा कि भाजपा सरकार प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भगवान बिरसा मुंडा के सपनों के अनुरूप अटल संकल्प के साथ भयए भूख-भ्रष्टाचार मुक्त विकसित झारखंड का स्वप्न साकार करने का प्रयास कर रही है।

शुभकामना देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू, विद्युतवरण महतो, उषा पांडेय, सत्येन्द्र तिवारी, समीर उरांव, आदित्य साहू, प्रिया सिंह, प्रदीप वर्मा, प्रदेश महामंत्री सुनील कुमार सिंह, दीपक प्रकाश, अनंत ओझा, प्रदेश मंत्री नवीन जयसवाल, मुनेश्वर साहू, मनोज सिंह, सुबोध कुमार सिंह गुड्डू, नूतन तिवारी, सरिता श्रीवास्तव, प्रशिक्षण प्रमुख गणेश मिश्र, प्रदेश कोषाध्यक्ष, महेश पोद्दार, प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबीद, राजेश शुक्ला, दीनदयाल वर्णवाल, प्रतुल शाहदेव, प्रवीण प्रभाकर, अनिल सिन्हा, मिसफीका हसन, प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह प्रभारी संजय जयसवाल, सांवरमल अग्रवाल, सतीश सिन्हा, प्रमोद मिश्रा, शिव कुमार शर्मा, मोर्चा अध्यक्ष अमित कुमार, आरती सिंह, ज्योतिरीश्वर सिंह, नीरज पासवान, सोना खान, राम कुमार पाहन, अमरजीत यादव, रविनाथ किशोर सहित अन्य शामिल थे।

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