अजब-गजब : यहाँ एक मुस्लिम महिला ने बंदर के नाम कर दी अपनी सारी संपत्ति

NewsCode | 20 May, 2018 1:40 PM
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उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में जानवरों के प्रति अपनापन और प्यार-लगाव की एक अनोखी कहानी सामने आई है। इस कहानी के केंद्र में सबसे बड़ा किरदार चुनमुन नाम का एक बंदर है। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि चुनमुन की वजह से एक महिला के हिस्से में इतनी खुशियां आ गईं कि उसने सारी संपत्ति अपने पालतू बंदर के नाम कर दी है।

चुनमुन की पिछले साल जब मौत हो गई, तो महिला ने अपने घर में उसका मंदिर बनवा दिया। बीते मंगलवार को मंदिर में राम-लक्ष्मण और सीता के साथ बंदर की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस मौके पर भंडारा भी कराया गया। महिला ने अपने घर का नाम भी बंदर के नाम पर ही रखा है।

दरअसल, रायबरेली के शक्तिनगर निवासी कवयित्री साबिस्ता को यह बंदर करीब 13 साल पहले मिला था। सबिस्ता मानती हैं कि चुनमुन के आने के बाद उनकी किस्मत ने करवट ली और उनकी जिंदगी बदल गयी। आपको बता दें कि सबिस्ता मुस्लिम हैं, इसके बावजूद उन्होंने अपने घर में मंदिर बनवाया। उन्होंने 1998 में ब्रजेश श्रीवास्तव से प्रेम विवाह किया था दोनों की कोई संतान नहीं है।

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बकौल साबिस्ता, “जब हमने ब्रजेश से लव मैरिज की, तो समाज में जीना दूभर हो गया था। कामकाज ठप्प होने से हमारे ऊपर कर्ज भी बढ़ता चला गया। मन की शांति के लिए हम हिंदू धर्मग्रंथों को पढ़ने लगे, साधु-संतों की शरण में जाने लगे। इसी बीच एक जनवरी, 2005 को चुनमुन हमारे घर का नन्हा मेहमान बना।”

उन्होंने कहा, “जब हमने एक मदारी से चुनमुन को लिया, तब उसकी उम्र सिर्फ तीन महीने थी। चुनमुन हमारे लिए भाग्यशाली साबित हुआ। न सिर्फ हमारा सारा कर्ज उतर गया, बल्कि धन-दौलत सबकुछ हासिल हुआ।”

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साबिस्ता ने बंदर की अच्छी तरह से परवरिश की। घर के तीन कमरे उसके लिए विशेषतौर पर रखे गए थे। चुनमुन के कमरे में एयरकंडीशनर और हीटर भी लगा हुआ था। 2010 में शहर के पास ही छजलापुर निवासी अशोक यादव के यहां पल रही बंदरिया से उसका विवाह भी कराया गया। सबिस्ता के मुताबिक, उनकी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने चुनमुन को ही अपना बेटा मान लिया। चुनमुन के नाम से एक संस्था बनाई और सारी संपत्ति उसके नाम कर दी।

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14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
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नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


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रांची : राजकीय कार्यक्रम में हंगामा करने पर 216 पारा शिक्षक बर्खास्त

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:20 PM
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600 अन्य की बर्खास्तगी को लेकर कार्रवाई, गिरफ्तार कर पारा शिक्षकों को कैंप जेल में रखा गया

रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन पूरे राज्य भर से राजधानी रांची में आए पारा शिक्षकों ने सरकारी कार्यक्रम को बाधा पहुंचाने की कोशिश की। साथ ही विधि व्यवस्था को अपने हाथ में लेकर पत्थरबाजी भी की।

विधि व्यवस्था में लगे  पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षक, सिटी पुलिस अधीक्षक  एवम् ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारियों पर  पारा शिक्षकों  ने  हमला किया जिससे कई पुलिसकर्मी और  पदाधिकारी गंभीर रूप से जख्मी हुए।

पारा शिक्षकों द्वारा सरकारी कार्यक्रम में व्यवधान डालने, विधि व्यवस्था को तोड़ने एवम् सरकारी लोगो पर हमला करने की घटना को बेहद अशोभनीय एवम् गंभीर रूप से लेते हुए  वीडियो रिकॉर्डिंग एवम् कार्यक्रम स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरा से  लिए फुटेज एवम् अन्य प्रमाणों के आधार पर  16 प्रखंड के कुल 216 पर शिक्षकों को बर्खास्त किया गया।

साथ ही लगभग 600 पारा शिक्षकों को जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई खेलगांव एवम् रेड क्रॉस अस्थायी जेल में गिरफ़्तार कर रखा गया है। जिन पर सीसीटीवी कैमरा एवम्  वीडियो रिकॉर्डिंग से मिले प्रमाण के आधार पर बर्खास्त करने की कारवाई चल रही है।

अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को भी यहां शामिल पारा शिक्षकों की सूची भेजी जा रही है जिसके आधार पर  चिन्हित कर अनुशासनात्मक कारवाई की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।  स्थापना दिवस एक राजकीय दिवस है जी सम्पूर्ण राजवसियो के लिए सम्मान एवम् गौरव  का दिन है।

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रांची : झारखंड स्थापना दिवस- संपूर्ण झारखंड खुले में शौच मुक्त घोषित, करीब 2100 को मिला नियुक्ति पत्र

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:02 PM
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रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस मना रहा है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने संपूर्ण झारखंड को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की। समारोह में राज्य के तीन जिलों देवघर, हजारीबाग और लोहरदगा को पूर्ण विद्युतीकृत किये जाने की घोषणा की गयी।

इस मौके पर अरबों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन के साथ ही परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। समारोह में करीब 2100 लोगों को नियुक्ति पत्र का भी वितरण किया गया।

झारखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य की जनता को कई सौगात दी। रांची में आयोजित मुख्य समारोह में उन्होंने राज्य को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर लोगों की आदतों में भी अब बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने हर घर तक बिजली पहुंचाने के अपने वायदों को पूरा करते हुए राज्य के तीन जिलों देवघर, लोहरदगा और हजारीबाग को पूर्ण रूप से विद्युतीकृत होने का भी ऐलान किया। इस दौरान श्री दास ने कहा कि वर्तमान सरकार  पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से काम कर रही  है और अब तक इस पर एक भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे है।

इस दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के विकास में झारखंड का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जनता को चुनी हुई सरकार से आकांक्षाएं होती है , जिसे पूरा करने में सरकार लगी है।

समारोह के दौरान अरबों रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया और कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन भी हुआ। करीब 2100 लोगों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण और झारखंड और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। जिला मुख्यालयों में भी परिसंपत्तियों का वितरण हुआ।

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