यूपी पुलिस की कलंक-कथा : गाड़ी न रोकने पर ऐपल के मैनेजर की गोली मारकर हत्या

NewsCode | 29 September, 2018 3:42 PM
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस की एक और कलंक-कथा सामने आई है। यूपी पुलिस के सिपाही ने ऐपल के मैनेजर की गोली मार कर हत्या कर दी। शुक्रवार रात को यूपी की राजधानी लखनऊ के वीवीआईपी इलाके में पुलिस कॉन्स्टेबल ने ऐप्पल के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी जिसमें उनकी मौत हो गई। विवेक को उस वक्त गोली मारी गई जब वो अपनी सहकर्मी को ड्रॉप करने जा रहे थे।

जानकारी के मुताबिक पुलिसकर्मियों के इशारे पर विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो सिपाही ने उस पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे विवेक के सिर में जा लगी, जिससे उसकी जान चली गई। कार में मौजूद विवेक की महिला मित्र की तहरीर पर यूपी पुलिस ने आरोपी सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया है। वहीं, महिला मित्र को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है। वहीं, इस मामले में सीएम योगी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए डीजीपी ओपी सिंह को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

विवेक के साथ मौजूद सना ने क्या बताया

घटना के वक्त विवेक के साथ गाड़ी में मौजूद सहकर्मी सना खान ने बताया कि शुक्रवार रात वह अपने सहकर्मी विवेक तिवारी के साथ घर जा रही थीं। सीएमएस गोमतीनगर विस्तार के पास उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी सामने से दो पुलिसवाले आए और इन्होंने बचकर निकलने की कोशिश की। लेकिन सिपाही ने बाइक दौड़ाकर विवेक को गोली मारी।

गोमतीनगर विस्तार में सीएमएस स्कूल के पास शुक्रवार रात करीब ढाई बजे एक कार खड़ी थी। उसी दौरान पुलिस बाइक पर सवार होकर गोमतीनगर थाने में तैनात सिपाही प्रशांत चौधरी और एक अन्य सिपाही वहां पहुंचे। दोनों ने कार में एक युवक और युवती को देखा तो मामला संदिग्ध समझ उनसे पूछताछ के लिए कार के पास पहुंचे। इतने में ही कार चला रहे मैनेजर विवेक तिवारी ने गाड़ी बढ़ा दी।

आरोप है कि पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो युवक ने कार चढ़ाने की कोशिश की। इससे सिपाहियों को भी चोट आई और उनकी बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस पर भी जब कार नहीं रुकी तो सिपाही प्रशांत चौधरी ने फायरिंग कर दी। गोली सीधे जाकर विवेक के सिर में लगी। कुछ दूरी पर गाड़ी एक दीवार से टकराकर रुक गई।

विवेक के साथ कार में बैठी सना ने बताया कि विवेक के सिर से खून बहता देख उसने मदद के लिए गुहार लगाई। कुछ देर बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तत्काल विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।

जख्मी सिपाहियों का आठ घंटे बाद मेडिकल परीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आईजी, एसएसपी समेत तमाम आलाधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया है। सना की तहरीर पर आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, घटना के करीब आठ घंटे बाद चोटिल हुए यूपी पुलिस के दोनों सिपाहियों का मेडिकल परीक्षण लोहिया अस्पताल में कराया गया। इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है।

पत्नी ने सीएम योगी से मांगा न्याय

यूपी पुलिस एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि विवेक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपी सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए एसपी क्राइम के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है। गोमतीनगर थाने को जांच न सौंपकर मामले की विवेचना महानगर एसएचओ को सौंपी गई है। इसके अलावा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की गई है।

एपल के मैनेजर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा है कि गोली मारकर हत्या करने के बाद लखनऊ पुलिस पति को चरित्रहीन साबित करने में लगी है। कल्पना ने सवाल उठाया कि गाड़ी न रोकने पर गोली चलाने का अधिकार पुलिस को किसने दिया। उन्होंने अब योगी सरकार ने न्याय की मांग की है।


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लातेहार : माओवादियों ने निर्माण कार्य में लगे मशीनों व वाहनों को किया आग के हवाले

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 3:23 PM
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लातेहार। महुआडांड थाना क्षेत्र में नक्सली संगठन भाकपा-माओवादियों के एक हथियारबंद दस्ते ने बीती रात लोध गांव में पुल निर्माण कार्य में लगी मशीनों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
मजदूरों ने बताया कि पचास-साठ की संख्या में आये अत्याधुनिक हथियारों से लैस माओवादियों ने मजदूरों को काम न करने की चेतावनी दी और मशीनों में आग लगा दी।
दरअसल महुआडांड शास्त्री चौक से लोध फॉल तक पथ निर्माण विभाग द्वारा चौवालीस करोड़ रूपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण और पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है।
पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि नक्सलियों ने लेवी वसूलने की नियत से इस घटना को अंजाम दिया है। यह इलाका छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ है।

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पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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