गूगल पर लगा 3.4 लाख करोड़ का जुर्माना, ये है वजह

NewsCode | 19 July, 2018 12:55 PM
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नई दिल्ली। विश्व की अव्वल तकनीकी कंपनी गूगल पर यूरोपियन यूनियन रेग्यूलेटर्स ने 5 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की इस रकम को भारतीय मुद्रा में तब्दील करेंगे तो यह लगभग 34 खरब रुपये से ज्यादा है।

यूरोपियन कमीशन का कहना है कि गूगल ने अपने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम की मार्केट में पहुंच का गलत इस्तेमाल किया है। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि गूगल ने कथित तौर पर स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को एंड्रॉयड फोर्क्ड वर्जन पर चलने वाले डिवाइस बनाने नहीं दिया है।

आपको बता दें कि फोर्क्ड वर्जन यानी ओपेन सोर्स एंड्रॉयड जिसे कंपनियां अपनी तरह से कस्टमाइज करती थीं। इतना ही नहीं, कहा गया है कि गूगल ने बड़ी कंपनियों और मोबाइल नेटवर्क्स को अपने हैंडसेट्स में गूगल सर्च ऐप देने के लिए पैसे भी दिए हैं।

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गूगल की पेरेंट कंपनी ऐल्फाबेट को अपनी बिजनेस प्रैक्टिस बदलने को लेकर 90 दिनों का समय समय दिया गया है। कहा गया है कि अगर ऐसा करने में कंपनी फेल होती है तो रोजाना के टर्नओवर का 5 फीसदी हिस्सा जुर्माना के तौर पर वसूल किया जाएगा।

गौरतलब है कि गूगल पर लगाया ये जुर्माना किसी भी एक कंपनी पर लगाया गया अब तक का सबसे ज्यादा है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को इस फैसले के बारे में कंपटीशन कमीशन मार्ग्रेट वेस्टैजर पहले से ही बताया है।

जुर्माने की वजह जान लीजिये

गूगल पर लगे इस फाइन की वजह काफी साधारण है और अगर आप एंड्रॉयड यूज करते हैं तो आप इससे परिचित ही होंगे। आपको बता दें कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में गूगल के ऐप्स पहले से ही इंस्टॉल्ड होते हैं और दूसरी ऐप्स कंपनियां ये इल्जाम लगाती आई हैं कि ऐसे में यूजर्स को गूगल के ही ऐप यूज करना पड़ता है, क्योंकि वो पहले से स्मार्टफोन में होता है। ऐसा करके गूगल न सिर्फ ऐप यूज कराता है, बल्कि इसके जरिए वो अपना टार्गेट विज्ञापन भी सेट करता है।

यूरोपियन यूनियन की कंपटीशन चीफ मार्गेट वेस्टैजर ने कहा है, ‘गूगल ने एंड्रॉयड को अपने सर्च इंजन की पहुंच बढ़ाने के लिए व्हीकल के तौर पर इस्तेमाल किया है. ऐसा करके गूगल ने अपने प्रतिद्वंदियों को इनोवेट करने और मेरिट के हिसाब से टक्कर देने से रोकने का काम किया है।’

यूरोपियन कमीशन पिछले साल से एंड्रॉयड की जांच कर रहे थे और इसकी वजह गूगल के प्रतिद्वंदियों की शिकायत बताई जाती है। गूगल के प्रतिद्वंदियों का आरोप है कि गूगल अपने सॉफ्टवेयर की पहुंच का गलत इस्तेमाल कर रहा है।

द वर्ज की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में FairSearch ने गूगल के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी और इस ग्रुप में नोकिया, माइक्रोसॉफ्ट और ओरैकल जैसी कंपनियां थीं। माइक्रोसॉफ्ट के तत्कालिक सीईओ स्टीव बाल्मर ने भी कहा था कि गूगल की मोनोपॉली पर लगाम लगनी चाहिए।

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लेखक की संवेदना और विभाजन का दर्द बयां करती है नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘मंटो’, देखें ट्रेलर

NewsCode | 15 August, 2018 2:49 PM
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नई दिल्ली। 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मंटो (Manto)’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन और विवादित लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित है। अभिनेत्री-फिल्मकार नंदिता दास द्वारा निर्देशित मंटो का ट्रेलर काफी दिलचस्प है।

फिल्म की कहानी पाकिस्तानी लेखक मंटो के इर्द-गिर्द घूमती है। ट्रेलर में नवाजुद्दीन इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत करते दिखाई दे रहे हैं। साल 1948 के दशक पर आधारित लौहार की इस कहानी में ‘मंटो’ काफी दमदार डायलॉग बोले हैं। पाकिस्तान की पृष्टभूमि पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर में मंटो कहते हैं, “जब गुलाम थे तो आजादी का ख्वाब देखते थे और अब आजाद हैं तो कौन-सा ख्वाब देखें?”

देखें, ‘मंटो’ का ट्रेलर…

विचार से बागी और स्वभाव से घुमक्कड़ लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर भारतीय फिल्मकार नंदिता दास द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अवधारणा के आधार पर बनाई गई फिल्म ‘मंटो’ ने मौजूदा हालात के हिसाब से काफी प्रासंगिक है। इसमें ऐसे ज्वलंत मुद्दे को उठाया गया है जो न सिर्फ भारत बल्कि विश्व भर में अहम है। मंटो का जन्म 11 मई, 1912 को हुआ था और वह बाद में पाकिस्तान चले गए। मंटो का निधन 42 साल की उम्र में 18 जनवरी, 1955 को हुआ।

बता दें कि यह फिल्म लेखक मंटो के 1946 से 1950 तक के जीवन पर केंद्रित है। लेखक भारत-पाक विभाजन पर लिखी गई अपनी कहानियों के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। रिलीज होने से पहले ही फिल्म काफी तारीफ बटोर चुकी है और इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अलावा ऋषि कपूर, परेश रावल और गीतकार जावेद अख्तर जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। मंटो 21 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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बाघमारा : प्रखंड प्रमुख ने किया ध्‍वजारोहण

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:49 PM
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बाघमारा (धनबाद)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाघमारा प्रखण्ड मुख्यालय में ब्‍लॉक प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर प्रखंड के गणमान्‍य लोग उपस्थित थे।

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इसके अलावा बाघमारा थाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखण्ड संसाधन केंद्र, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बरोरा थाना समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सभी पंचायत सचिवालयों में भी झंडोतोलन किया गया।

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जमशेदपुर : पक्षी प्रेमियों ने दिखायी संवेदना, सैकड़ों पक्षियों को पिंजरे से किया आजाद

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:46 PM
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बेजुबानों को भी होती हैै आजादी प्यारी

जमशेदपुर। आजादी किसे प्यारी नहीं होती… चाहे इंसान हो या जानवर, हर कोई आजाद रहना चाहता है। आज एक ओर जहां पूरा देश  आजादी के जश्न मे डूबा हुआ है, वहीं जमशेदपुर के कुछ पक्षी प्रेमियों ने सौ से भी अधिक विदेशी पक्षियों को पिंजरा से आजाद किया और एक संदेश देने का प्रयास किया कि बेजुबानों को भी आजादी प्यारी होती है।

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टाटा जू ने भी लंगूरों को खुले बाड़े में रखने का लिया निर्णय

वहीं इस कड़ी में टाटा जू ने भी एक कदम बढ़ा दिया है और आज से जू के लंगूरों को छोटे बाड़े से निकालकर बड़े और खुले बाड़े में आजाद रखने का निर्णय लिया गया। वहीं लंगूर खुले बाड़े में काफी खुश नजर आए। खुले बाड़े में छोड़े जाने के बाद सभी लंगूर इधर उधर धमा- चौकड़ी करते हुए काफी खुश दिखे।

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