सिमडेगा : स्तनपान सप्ताह समारोह में हुई महिलाओं की गोद भराई

NewsCode Jharkhand | 7 August, 2018 8:56 PM
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सिमडेगा। विश्व स्तनपान सप्ताह  समारोह  का आयोजन नगर भवन में किया गया। इस अवसर पर महिलाओं की गोद-भराई तथा बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया। इस मौके पर उपायुक्त  जटाशंकर चौधरी ने कहा कि मां के दूध से, बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसीत होती है। छह महीने तक बच्चों को मां के दूध के अलावा किसी भी चीज का सेवन नहीं कराया जाना चाहिए। सबसे ज्यादा पोषक तत्व मां के दूध में होता है जो बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। कार्यक्रम के दौरान चावल, दाल, सब्जी, फल की टोकरी व चुनरी ओढ़ाकर 10 महिलाओं की गोद भराई की गयी। वहीं कार्यक्रम  में  5 बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन समारोह कार्यक्रम का आयोजन जिला समाज कल्याण विभाग के द्वारा किया गया।

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जामताड़ा : लाखों की लागत से बना मुर्दाघर पड़ा है बेकार, नहीं हो पाया चालू

NewsCode Jharkhand | 14 August, 2018 8:28 PM
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अज्ञात शव मिलते ही उसे सुरक्षित रखने में होती है परेशानी

जामताड़ा। जिला अस्पताल में शव रखने के लिए फ्रीजर की सुविधा न होने से अज्ञात शव को रखने में समस्‍या हो रही है। नियम के मुताबिक शव बरामदगी होने के बाद पुलिस व स्वास्थ्य महकमा को उसकी पहचान नहीं होने तक सुरक्षित रखना पड़ता है।

मुर्दाघर में नहीं है व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण जिले में सरकारी मुर्दाघर का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। जामताड़ा को जिला बने हुए लगभग 18 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन अभी भी मुर्दा घर नहीं है। इससे अज्ञात शव मिलने के साथ ही परेशानी बढ़ जाती है। अज्ञात शव मिलने पर उसे प्रशासन मजबूरन सदर अस्पताल भिजवा देता है।

बिना बिजली के बीस लाख की लागत बेकार

अज्ञात शवों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक साल पूर्व पोस्टमार्टम हाउस के समीप करीब 20 लाख रुपये की लागत से मुर्दा घर का निर्माण कराया था। ठेकेदार इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंप भी चुका है। मुर्दाघर के संचालन में थ्री फेज बिजली आवश्यक है, लेकिन आजतक बिजली कनेक्‍शन नहीं हो पाया है। इसी वजह से निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी मुर्दाघर का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।

हाल में परिस्थिति हुई विकट

बीते 24 जुलाई को मिहिजाम स्थित हिल रोड मोहल्ले में तीहरे हत्या का शव जब परिजनों ने लेने से इन्कार कर दिया तो शव को रखने में जिला प्रशासन के सामने परेशानी खड़ी हो गई। फिर उसे धनबाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मालूम हो कि अज्ञात लाश की शिनाख्‍त के लिए कम से कम 72 घंटे तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है। 72 घंटे बाद शव की स्थिति बदतर हो जाती है। उसे पहचान करने में परिजनों को परेशानी होती है।

वैकल्पिक व्यवस्था में रखा जाता है शव

पुलिस पदाधिकारी व परिजनों के आग्रह पर स्वास्थ्य विभाग प्लास्टिक में बर्फ डालकर उसमें शव को रखकर बांध देता है तथा पोस्टमार्टम हाउस में रखवा देता है।

क्या कहते हैं सीएस

सीएस डॉ. बीके साहा ने बताया कि पोस्टमार्टम परिसर में मुर्दा घर का निर्माण हो चुका है। इसके संचालन के के लिए थ्री फेज विद्युत कनेक्शन आवश्यक है। जमीन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण कनेक्शन नहीं हो पाया है। इस निमित अंचल कार्यालय से जमीन संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दस्तावेज प्राप्त होते ही कनेक्शन का काम हो जाएगा, उसके बाद शव मुर्दाघर में ही रखा जाएगा।

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बाघमारा : प्रखंड प्रमुख ने किया ध्‍वजारोहण

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:49 PM
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बाघमारा (धनबाद)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाघमारा प्रखण्ड मुख्यालय में ब्‍लॉक प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर प्रखंड के गणमान्‍य लोग उपस्थित थे।

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इसके अलावा बाघमारा थाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखण्ड संसाधन केंद्र, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बरोरा थाना समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सभी पंचायत सचिवालयों में भी झंडोतोलन किया गया।

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लेखक की संवेदना और विभाजन का दर्द बयां करती है नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘मंटो’, देखें ट्रेलर

NewsCode | 15 August, 2018 2:49 PM
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नई दिल्ली। 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मंटो (Manto)’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन और विवादित लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित है। अभिनेत्री-फिल्मकार नंदिता दास द्वारा निर्देशित मंटो का ट्रेलर काफी दिलचस्प है।

फिल्म की कहानी पाकिस्तानी लेखक मंटो के इर्द-गिर्द घूमती है। ट्रेलर में नवाजुद्दीन इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत करते दिखाई दे रहे हैं। साल 1948 के दशक पर आधारित लौहार की इस कहानी में ‘मंटो’ काफी दमदार डायलॉग बोले हैं। पाकिस्तान की पृष्टभूमि पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर में मंटो कहते हैं, “जब गुलाम थे तो आजादी का ख्वाब देखते थे और अब आजाद हैं तो कौन-सा ख्वाब देखें?”

देखें, ‘मंटो’ का ट्रेलर…

विचार से बागी और स्वभाव से घुमक्कड़ लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर भारतीय फिल्मकार नंदिता दास द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अवधारणा के आधार पर बनाई गई फिल्म ‘मंटो’ ने मौजूदा हालात के हिसाब से काफी प्रासंगिक है। इसमें ऐसे ज्वलंत मुद्दे को उठाया गया है जो न सिर्फ भारत बल्कि विश्व भर में अहम है। मंटो का जन्म 11 मई, 1912 को हुआ था और वह बाद में पाकिस्तान चले गए। मंटो का निधन 42 साल की उम्र में 18 जनवरी, 1955 को हुआ।

बता दें कि यह फिल्म लेखक मंटो के 1946 से 1950 तक के जीवन पर केंद्रित है। लेखक भारत-पाक विभाजन पर लिखी गई अपनी कहानियों के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। रिलीज होने से पहले ही फिल्म काफी तारीफ बटोर चुकी है और इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अलावा ऋषि कपूर, परेश रावल और गीतकार जावेद अख्तर जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। मंटो 21 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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