सलमान खान की बढ़ी मुश्किलें, अब हर बार विदेश जाने के लिए लेनी होगी परमिशन

NewsCode | 4 August, 2018 4:43 PM
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जोधपुर। बॉलीवुड ऐक्टर सलमान खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोर्ट ने एक बार फिर सलमान खान को तगड़ा झटका दिया है। काला हिरण शिकार मामले में जमानत पर चल रहे अभिनेता सलमान खान को अब अपनी हर विदेश यात्रा से पहले कोर्ट की इजाजत लेनी होगी।

बता दें कि सलमान खान की ओर से शुक्रवार को विदेश जाने के लिए अनुमति मांगे जाने को लेकर याचिका दायर की गई थी। शुक्रवार इस मामले पर सनुवाई अधूरी रह गई थी, इसलिए आज इस पर सुनवाई के बाद जोधपुर कोर्ट ने सलमान की अर्जी को खारिज कर दिया।

वहीं, काले हिरण शिकार केस में सलमान के वकील ने दूसरी अर्जी दायर की है। इसमें 10 से 26 अगस्त तक सलमान के आबूधाबी व माल्टा जाने की अनुमति मांगी है। इस अर्जी पर सुनवाई बाकी है।

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आपको बता दें कि इस केस में सलमान को इस साल 05 अप्रैल को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में सैफ अली खान, तब्‍बू, नीलम और सोनाली बेन्‍द्रे को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

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जमशेदपुर : लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो- रघुवर दास

NewsCode Jharkhand | 8 November, 2018 4:15 PM
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जमशेदपुर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने चाहिए। जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत में रघुवर दास ने एक बार फिर विपक्षी दलों के गठबंधन को महाठगबंधन बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 नवंबर को रांची के रिनपास में टाटा कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी गरीबों को घर मुहैय्या कराने का वायदा 2022 में ही पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कोई जनता बेघर नहीं रहे, इस संकल्प को लेकर सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में भी यह फैसला लिया गया कि शहरी क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी  एवं स्लम बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों को भी मकान उपलब्ध कराया जाए, इसके तहत राज्यभर में करीब डेढ़ लाख मकान बनाये जाएंगे। सिर्फ जमशेदपुर के ही शहरी क्षेत्र में 27 हजार मकान बनाये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के क्षेत्र में भी झारखंड में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। चार वर्ष पहले जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तो सिर्फ 18प्रतिशत घरों में ही शौचालय की सुविधा था, अब यह 99 प्रतिशत से अधिक घरोंतक पहुंच गयी है, दिसंबर 2018 तक सभी घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

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पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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