साहिबगंज : गंगा को अविरल बनाए रखने में जनभागीदारी आवश्‍यक- अनन्‍त ओझा

NewsCode Jharkhand | 11 September, 2018 7:09 PM
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गंगा सम्‍मेलन सह कार्यशाला में गंगा को प्रदूषण मुक्‍त करने पर चली चर्चा

साहिबगंज। गंगा सम्मेलन सह एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन साहेबगंज टाउन हॉल  में किया गया। कार्यशला का उद्घाटन राजमहल के  विधायक अनन्त ओझा, उपायुक्त संदीप सिंह, उप विकास आयुक्त नैंसी सहाय ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यशाला में विचार व्‍यक्‍त करते हुए अनन्त ओझा ने कहा कि यह साहिबगंज के लोगों की जिम्मेवारी है कि अपने जिले में बहनेवाली गंगा को निर्मल, पवित्र और अविरल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। गंगा तट पर बसे हुए ग्रामीण प्रतिदिन दो घण्टे श्रमदान करेंगे तो गंगा की वर्तमान स्थिति में एक बड़ा बदलाव आएगा।

लोगों से उन्‍हेांने गंगा में गंदगी नहीं फैलाकर इसकी सफाई करने की अपील की। ऐसा करने से निश्चित ही गंगा प्रदूषण मुक्त  होकर रहेगी। विधायक ने गंगा की स्‍वच्‍छता और अविरल प्रवाह को बनाए रखने के लिए जनभागीदारी आवश्यक बताया।

साहिबगंज : उप विकास आयुक्त ने तालझारी प्रखण्ड का किया निरीक्षण, दिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश

साहिबगंज : गंगा को अविरल बनाए रखने में जनभागीदारी आवश्‍यक- अनन्‍त ओझा

उपायुक्त संदीप सिंह ने कहा कि साहेबगंज एवं राजमहल नगर क्षेत्र में कचड़ा प्रबंधन के लिए जमीन चिन्हित कर सॉलिड वेस्ट मैनजेमेंट का कार्य किया जा रहा है। गंगा नदी के तट का कटाव नहीं हो इसे सुनिश्चित करने के लिए वृक्षारोपण सबसे बेहतर उपाय है।  डॉल्फिन सहित अन्य जलीय जीवों का पाया जाना यह सिद्ध करता है कि गंगा की पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित है। गंगा एक बड़े जनसमुदाय की आस्था से जुड़ा है, इस नाते भी हम सभी का कर्तव्य है कि गंगा को गन्दा न करें।

उपायुक्‍त ने आगे कहा कि समदानाला मल्टी मोडल टर्मिनल के निर्माण के पश्चात यह जिला एक व्यापारिक केंद्र में विकसित होगा। इस परिपेक्ष्य में गंगा तट पर निवास करने वाले लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे 78 गांव के विकास की रुपरेखा तैयार कर कार्य किया जा रहा है। स्वच्छता के साथ-साथ इन तटीय गांवों में कृषि और पशुपालन के माध्यम स्वरोजगार के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उप विकास आयुक्त नैंसी सहाय ने कहा कि नमामि गंगे योजना 2014 से देश के 5 राज्यों में चलाई जा रही है। झारखण्ड का एकमात्र  जिला साहिबगंज है जहां यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा। इस योजना के अन्तर्गत गंगा की साफ-सफाई, घाट निर्माण समेत अन्‍य कार्य करवाये जा रहे हैं। सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट का प्रशिक्षण भी दिया गया है।

वन प्रमण्डल पदाधिकारी मनीष तिवारी ने कहा कि गंगा को अपने प्राकृतिक रूप में संजोए रखना हम सभी जिलावासियों का कर्तव्य है। ग्रामीण सक्रिय होकर इस दिशा में कार्य करें तो गंगा की नैसर्गिकता बनी रहेगी। गंगा को प्रदूषित करने पर कड़े क़ानूनी प्रावधान है।

तिवारी ने कहा कि वृक्षारोपण का कार्य वन विभाग द्वारा किया जा रहा है। गंगा तट के ग्रामीणों को  वन विभाग पौधे उपलब्ध कराएगा। लोगों को जमीन चिन्हित कर वृक्षारोपण करना होगा। गंगा के जलीय जीवों को संरक्षित करने के लिए भी  जिला प्रशासन को सहयोग करना होगा।  जलीय जीवों का शिकार करना दण्डनीय अपराध है। डॉल्फिन (सोंस) का संरक्षण करने के लिए ग्रामीणों को आगे आना होगा। योजनाबद्ध तरीके से कोई व्यक्ति या गिरोह इसका शिकार करता है तो जिला प्रशासन को तुरंत सूचित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि गंगा पेट्रॉलिंग का कार्य भी शीघ्र शुरू किया जाएगा। गंगा की पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए प्रवासी पक्षियों के निवास स्थल को भी संरक्षित करना अति आवश्यक है।

गंगा स्वच्छता मंच के राज्य समन्वयक धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए लोगों को को जागरूक करना जरूरी है। आज के समय में गंगा की विकट स्थिति के लिए मानव ही जिम्‍मेवार है। इसमें सुधार लाने के लिए हमें जागृत होकर कार्य करना होगा।

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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
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बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

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रांची : स्थापना दिवस- नव चयनित शिक्षक ड्रेस कोड में होंगे शामिल

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:06 PM
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रांची। राज्य स्थापना दिवस का मुख्य समारोह मोरहाबादी मैदान में होगा। इसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की अनुशंसा के बाद चयनित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (पीजीटी) शामिल होंगे। राज्य के सभी जिलों में कुल 1235 पीजीटी शिक्षकों का चयन किया गया है।

इनमें रांची जिला के लिए 130 शिक्षक हैं। इन सभी नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को ड्रेस कोड में शामिल होने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है।

स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) अशोक कुमार शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत वर्मा और जिला शिक्षा अधीक्षक सी. विजय सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सोमवार को जिला स्कूल में रांची जिले के लिए चयनित पीजीटी शिक्षकों के साथ नोडल पदाधिकारी ने बैठक दी।

नोडल पदाधिकारी सह डीएसई रांची सी. विजय सिंह ने नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। निर्धारित ड्रेस कोड में पुरुष शिक्षकों के लिए क्रीम कलर फुल शर्ट, ब्लैक फुल पैंट, मैरून टाई, मैरून स्वेटर या ब्लेजर, पॉकेट नेम प्लेट, ब्लैक शू व डॉ राधाकृष्णन जैसी पिंक कलर की पगड़ी निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार महिलाओं के लिए मैरून कलर की साड़ी या पायजामा, ब्लैक जूती या सैंडल और पिंक पगड़ी में आने का निर्देश नोडल पदाधिकारी ने दिया है।

नोडल पदाधिकारी ने समारोह स्थल पर सुबह आठ बजे तक नव चयनित शिक्षकों को रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया। कहा कि समारोह स्थल पर पहुंचने के साथ शिक्षक अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। शिक्षकों को मोबाइल साइलेंट मोड में रखने का निर्देश दिया है।

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