RRB Recruitment 2018: Group C ALP Admit Card जारी, प्रवेश पत्र को यहाँ करें डाउनलोड

NewsCode | 5 August, 2018 4:22 PM
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नई दिल्ली। रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) ने ग्रुप सी की भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड (RRB Group C Admit Card) जारी कर दिया है। उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड आरआरबी (RRB) की आधिकारिक वेबसाइट indianrailways.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। ग्रुप सी (RRB Group C) के 60 हजार पदों पर भर्ती परीक्षा 9 अगस्त को होनी है। रेलवे के नोटिफिकेशन के मुताबिक भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड परीक्षा से 4 दिन पहले यानी आज जारी किया जाएगा। 9 अगस्त को भर्ती के लिए पहले चरण की कम्प्यूटर बेस्ड आयोजित होगी।

RRB ALP Admit Card/RRB Admit Card 2018 ऐसे करें डाउनलोड

स्टेप 1- उम्मीदवार या तो डायरेक्ट अपने आरआरबी (जिस आरआरबी – रेलवे भर्ती बोर्ड के लिए आवेदन किया है) की वेबसाइट पर जाएं या फिर वह indianrailways.gov.in पर जा सकते हैं। indianrailways.gov.in पर जाकर Recruitment टैब पर क्लिक करें। इस पर क्लिक करते ही तमाम RRB के लिंक आपके सामने आ जाएंगे। यहां अपने आरआरबी पर क्लिक करें।

स्टेप-2 RRB की वेबसाइट खुलते ही Admit Card of 1st stage Computer Based Test (CBT) for recruitment to ALP & Technicians Centralized Employment Notice No. 01/2018(English) के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप-3 नई विंडो खुलने पर यूजर आईडी व अपनी जन्मतिथि लिखें और लॉग इन करें। आपके सामने एडमिट कार्ड आ जाएगा।

स्टेप-4 एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसका प्रिंट आउट ले लें। एडमिट कार्ड पर आपका परीक्षा केंद्र, परीक्षा का समय लिखा होगा। इस एडमिट कार्ड को परीक्षा केंद्र लेकर जाएं।

आपको बता दें कि Railway Recruitment के तहत होने वाली ये भर्ती परीक्षा ऑनलाइन होगी। मगर ये ऑनलाइन परीक्षा उम्मीदवारों को उनके आवंटित किए हुए केंद्रों पर जाकर देनी होगी। ग्रुप सी की परीक्षा के लिए 8 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र उनके शहर से 500 किलोमीटर दूर आवंटित किए गए थे।

अगर आपने RRB Recruitment के तहत होने वाली भर्ती परीक्षा का परीक्षा केंद्र चेक नहीं किया है तो आप नीचे दी गई स्टेप्स को फॉलों कर अपना परीक्षा केंद्र चेक कर सकते हैं।

परीक्षा केंद्र ऐसे करें चेक (RRB Exam Center)

उम्मीदवारों को अपना परीक्षा केंद्र चेक करने के लिए आरआरबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा। आप सबसे पहले RRB की वेबसाइट पर जाएं। वहां दिए गए ”परीक्षा शहर तथा दिनांक की जानकारी एवं एससी/एसटी उम्मीदवारों हेतु यात्रा प्राधिकार के लिए लिंक” या ”Login Link for Exam City and Date intimation and SC/ST Travel pass” के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद लॉग इन करें। आपको अपने परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी मिल जाएगी।

आइये जानते हैं Railway Recruitment 2018 के तहत होने वाली भर्ती परीक्षा के लिए कितने फीसदी उम्मीदवारों को कितने किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र मिला है।

1. RRB परीक्षा के लिए 40 लाख उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र उनके शहर से 500 किलोमीटर के दायरे के अंदर हैं।
2. 71 फीसदी से ज्यादा (यानि 34 लाख) उम्मीदवारों को 200 किमी के दायरे में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।
3. शारारिक रूप से अशक्त 99 फीसदी पुरूष और महिला उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र उनके शहर से 200 किमी के दायरे में आवंटित किए हैं।
4. 17 फीसदी यानि 8 लाख उम्मीदवारों का परीक्षा केंद्र उनके शहर से 500 किलोमीटर से ज्यादा दूर है।

रेलवे ने बढ़ाई पदों की संख्या

रेलवे ने ग्रुप सी (ALP & Technicians) की वैकेंसी 26 हजार 502 से बढ़ाकर 60 हजार कर दी है। रेलवे के 26 हजार 502 पदों पर 47 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।

ALP, Technician Exam का स्वरूप

सामान्य उम्मीदवारों के लिए 1 घंटे की परीक्षा होगी। वहीं दूसरी ओर दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 80 मिनट की परीक्षा होगी। प्रश्नपत्र में 75 मल्टी च्वॉइन क्वेश्न होंगे। यानी प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में चार विकल्प होंगे। चार में एक सही उत्तर होगा। एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग होगी। हर गलत उत्तर पर 1/3 काट लिया जाएगा। यानी अगर आपने तीन प्रश्नों का गलत जवाब दिया तो एक नंबर कट जाएगा।

15 में से कोई भी भाषा चुनने की सुविधा

3 अगस्त को जारी नोटिस में रेलवे ने कहा है कि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में अभ्यर्थी 15 भाषाओं में से अपनी सुविधानुसार मनपसंद भाषा चुन सकेंगे। उम्मीदवार अंग्रेजी के अलावा हिंदी, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कोकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू भाषा में पेपर दे पाएंगे। इनमें से अपनी सुविधा के अनुसार अभ्यर्थी किसी एक भाषा का चुनाव कर सकेगा।

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71 साल पहले ऐसे मना था देश का पहला स्‍वतंत्रता दिवस, देखें 15 अगस्‍त 1947 की दुर्लभ तस्‍वीरें

NewsCode | 15 August, 2018 10:14 AM
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नई दिल्ली। इस वर्ष हम 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आजादी के 71 साल पूरे हो रहे हैं तो मन में यह विचार भी आना स्वाभाविक है कि पहला स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया गया होगा और उस वक्त कैसा रहा होगा अपना देश? तस्वीरों में देखें 1947 में आजाद भारत की कुछ चुनिंदा तस्वीरें।

पहले स्वतंत्रता दिवस का आगाज पं जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त की आधी रात की उद्घोषणा के साथ हुआ। लेकिन यह भी सच है कि इस बात की खबर मिलने के बाद देश के लोगों ने 15 अगस्त की सुबह ही जश्न मनाया था। यह तस्वीर 15 अगस्त की सुबह की कोलकाता की है जहां लोग गलियों चौराहों में निकलकर आजादी का जश्न मनाते दिख रहे हैं।


पहले स्वतंत्रता दिवस का संबोधन प्र‌थम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधी रात को किया लेकिन उनके प्रथम संबोधन के नाम से यह जो तस्वीर उपलब्‍ध है वह 14 अगस्त की शाम संविधान सभा को संबोधन करने की है।


तत्‍कालीन ब्रिटिश गवर्नर जर्नल लॉर्ड माउंटबेटन और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू। 15 अगस्त 1947 को नई दिल्‍ली के इंडिया गेट पर तिरंगे को सेल्‍यूट करते हुए।


स्‍वतंत्रता दिवस सम्‍मेलन में भाग लेने पहुंचे हजारों लोग। ये सभी लोग नई दिल्‍ली के रासीना हिल पर एकत्रित हुए थे।


यह तस्वीर आजादी के 11 दिन पहले की है जिसमें भारत के अंतिम वॉयसराय लॉर्ड माउंटबेटन भारतीय नेताओं को सत्ता हस्तांतरण की तैयारी में लगे हैं।


सभी देशवासियों के लिए वो गर्व का पल था जब भारत की शान तिरंगा झंडा फहराया गया।


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रांची : नागपंचमी के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस की रंग में रंगा पहाड़ी मंदिर

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 10:31 AM
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रांची । नागपंचमी पर पूरे देश में श्रद्धालु भोलेनाथ के साथ नाग देव की पूजा कर रहे हैं। दूध-लावा का भोग चढ़ा रहे हैं। इस मौके पर रांची के पहाड़ी मंदिर स्थित नाग देवता मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा है। लोग नाग-नागिन को दूध और धान का लावा चढ़ाकर परिवार के लिए दुआ मांग रहे हैं।

कई सपेरों ने अपने सापों के साथ यहां पर डेरा भी डाल रखा है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को महादेव ने गले में नाग देवता वासुकी को धारण किया था तब से इस दिन का विशेष  महत्व है। भक्त नाग राज के साथ राजा तक्षक की भी पूजा कर रहे हैं।

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धार्मिक मान्यता एवं परम्परा के मुताबिक सनातनी श्रद्धालु घरों में कटहल के पत्ते पर दूध-लावा रखकर पूजा करते हैं। कई घरों में सरसों मिले गाय के गोबर से दीवारों पर नाग देवता की आकृति बनायी जाती है। शास्त्रीय दृष्टिकोण से समस्त दुर्गुणों का त्याग कर सदगुण के साथ भोलेनाथ के गले में विराजमान होनेवाले नाग देवता नागपंचमी के दिन सगुण से युक्त होकर अभिष्ट सिद्धि देते हैं। नागपंचमी पर नमका-चमका के महामंत्रों से शिव की आराधना फलदायी होती है ।

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शहीद जवान अौरंगजेब और मेजर आदित्य समेत इन जांबाजों को वीरता पुरस्कार

NewsCode | 15 August, 2018 10:01 AM
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा अगवा कर हत्या किए गए राष्ट्रीय रायफल्स के शहीद जवान औरंगजेब को उनके शौर्य और बलिदान के लिए शांति काल का तीसरा सबसे बड़ा शौर्य पुरस्कार दिया जाएगा। मेजर आदित्य कुमार और राइफलमैन औरंगजेब समेत सशस्त्र बलों के 20 जवानों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि इसी साल 15 जून को ईद मनाने घर जा रहे औरंगजेब को आतंकवादियों ने अगवा करके उनकी बर्बरता से हत्या कर दी थी। गोलियों से छलनी औरंगजेब का शव पुलवामा जिले के गुस्सू इलाके में मिला था।

बता दें कि ईद की छुट्टी मनाने जा रहे औरंगजेब ने कैंप के बाहर से दक्षिण कश्मीर के शोपियां जाने के लिए टैक्सी ली थी। लेकिन रास्ते में कालम्पोरा गांव के पास आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया था। टैक्सी ड्राइवर के सूचना देने के बाद पुलिस और सेना के संयुक्त दल को औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में मिला था। जम्मू-कश्मीर के पुंछ के रहने वाले औरंगजेब 4-जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंटरी के शादीमार्ग (शोपियां) स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।

वो हिज्बुल आतंकी समीर को 30 अप्रैल 2018 को ढेर करने वाले मेजर रोहित शुक्ला की टीम में शामिल थे। जांबाज औरंगजेब ने कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया था. सेना के ऑपरेशनों में हिस्सा लेने के चलते आतंकियों ने उनको निशाना बनाया था।

वहीं, शौर्य चक्र पाने वाले मेजर आदित्य को 2017 में कश्मीर के बडगाम में एक आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान ‘सावधानीपूर्वक योजना बनाने और बहादुर से कार्रवाई करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा सिपाही वी पाल सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र के लिए नामित किया गया है। दक्षिण कश्मीर के अलगर गांव में नवंबर 2017 में आतंकवाद रोधी अभियान में उनकी मौत हो गई थी।

इसके अलावा जम्मू कश्मीर के रहने वाले हेड कांस्टेबल शरीफ उद्दीन गैनी और मोहम्मद तफैल को प्रेसिडेंट पुलिस मैडल फॉर गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अलवा आठ सीआरपीएफ के जवानों को भी गैलेंट्री मेडल दिया जाएगा।

इसके साथ ही पानी के जहाज़ से दुनिया का चक्कर लगाने वाले अभियान में शामिल रही भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारियों को नौसेना मेडल दिया जाएगा।

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