रेलवे ग्रुप डी व सी भर्ती 2018: 90,000 पदों के लिए परीक्षा की संभावित तारीखों का ऐलान

NewsCode | 3 July, 2018 3:25 PM
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नई दिल्ली। लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार रेलवे ने 90 हजार पदों पर भर्ती के लिए पहले चरण की लिखित परीक्षा की तारीख का ऐलान कर दिया है। हालांकि अभी इसे संभावित तारीख बताया जा रहा है, लेकिन इस घोषणा से 2 करोड़ 37 लाख आवेदकों को बड़ी राहत मिली है। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने घोषणा की है कि ग्रुप सी और ग्रुप डी के लिए पहले चरण का कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) अगस्त/सितंबर, 2018 में आयोजित होगा। इस ऐलान के साथ अब उम्मीदवार अपनी परीक्षा की तैयारी की सटीक रणनीति बना सकते हैं।

अधिसूचना में आरआरबी ने कहा था परीक्षा अप्रैल/मई माह में आयोजित हो सकती है। लेकिन 2.37 करोड़ आवेदनों के आने की वजह से परीक्षा का कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया है। रेलवे ने कुछ दिनों पहले नोटिस जारी करते हुए कहा कि आवेदन पत्रों की छंटनी का काम चल रहा है और यह जल्द पूरा होगा। जुलाई के पहले सप्ताह में परीक्षा देने के योग्य व वैध उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।

छात्रों ने 29 जून को किया था प्रदर्शन

आपको बता दें कि हजारों युवाओं ने 29 जून को ‘रोजगार मांगे इंडिया’ के बैनर तले देश भर में विरोध प्रदर्शन किया था और रेलवे से परीक्षा की तिथि जारी करने की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली और कोलकाता में रेलवे भर्ती बोर्ड के कुछ अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।

रेल भवन के सामने विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इंटरनेट पर परीक्षा की तारीखों को लेकर फर्जी खबरें वायरल हो रही हैं। फर्जी खबरों से उम्मीदवारों को काफी परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरआरबी के कार्यकारी निदेशक अमिताभ खरे से भी मुलाकात की थी।

रेलवे भर्ती बोर्ड ने परीक्षा की संभावित तारीख घोषित करते हुए उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वह केवल आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट्स पर भरोसा करें और फर्जी खबरों से गुमराह होने से बचें।

रेलवे में निकली एक और भर्ती, 10वीं पास भी कर सकते हैं आवेदन

गौरतलब है कि रेलवे भर्ती बोर्ड ने फरवरी माह में ग्रुप डी के 62000 पद और असिस्टेंट लोको पायलट व टेक्नीशियन के 26000 पदों के लिए भर्तियां निकाली थी। इन भर्तियों के लिए 2 करोड़ 37 लाख आवेदन आए हैं। अब रेलवे इन आवेदनों की जांच में लगा रहा हुआ है।

लेवल-2 के पदों में लोको पायलेट, सहायक स्टेशन मास्टर आदि की लिखित परीक्षा के अलावा मनौवैज्ञानिक परीक्षा ली जाएगी, जबकि लेवल-1 के पदों में गैंगमैन, ट्रैकमैन, प्वांइटमैन आदि की लिखित परीक्षा होने के बाद संबंधित जोन में शारीरिक टेस्ट लिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि लेवल-1 की देशभर में एक दिन ही परीक्षा कराई जाएगी। इसी प्रकार दूसरे चरण में लेवल-2 की परीक्षा देशभर में एक दिन ही आयोजित की जाएगी।

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देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
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देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

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बाघमारा : प्रखंड प्रमुख ने किया ध्‍वजारोहण

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:49 PM
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बाघमारा (धनबाद)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाघमारा प्रखण्ड मुख्यालय में ब्‍लॉक प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर प्रखंड के गणमान्‍य लोग उपस्थित थे।

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इसके अलावा बाघमारा थाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखण्ड संसाधन केंद्र, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बरोरा थाना समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सभी पंचायत सचिवालयों में भी झंडोतोलन किया गया।

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लेखक की संवेदना और विभाजन का दर्द बयां करती है नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘मंटो’, देखें ट्रेलर

NewsCode | 15 August, 2018 2:49 PM
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नई दिल्ली। 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मंटो (Manto)’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन और विवादित लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित है। अभिनेत्री-फिल्मकार नंदिता दास द्वारा निर्देशित मंटो का ट्रेलर काफी दिलचस्प है।

फिल्म की कहानी पाकिस्तानी लेखक मंटो के इर्द-गिर्द घूमती है। ट्रेलर में नवाजुद्दीन इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत करते दिखाई दे रहे हैं। साल 1948 के दशक पर आधारित लौहार की इस कहानी में ‘मंटो’ काफी दमदार डायलॉग बोले हैं। पाकिस्तान की पृष्टभूमि पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर में मंटो कहते हैं, “जब गुलाम थे तो आजादी का ख्वाब देखते थे और अब आजाद हैं तो कौन-सा ख्वाब देखें?”

देखें, ‘मंटो’ का ट्रेलर…

विचार से बागी और स्वभाव से घुमक्कड़ लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर भारतीय फिल्मकार नंदिता दास द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अवधारणा के आधार पर बनाई गई फिल्म ‘मंटो’ ने मौजूदा हालात के हिसाब से काफी प्रासंगिक है। इसमें ऐसे ज्वलंत मुद्दे को उठाया गया है जो न सिर्फ भारत बल्कि विश्व भर में अहम है। मंटो का जन्म 11 मई, 1912 को हुआ था और वह बाद में पाकिस्तान चले गए। मंटो का निधन 42 साल की उम्र में 18 जनवरी, 1955 को हुआ।

बता दें कि यह फिल्म लेखक मंटो के 1946 से 1950 तक के जीवन पर केंद्रित है। लेखक भारत-पाक विभाजन पर लिखी गई अपनी कहानियों के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। रिलीज होने से पहले ही फिल्म काफी तारीफ बटोर चुकी है और इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अलावा ऋषि कपूर, परेश रावल और गीतकार जावेद अख्तर जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। मंटो 21 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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