जमशेदपुर : नदी बनी जहरीली लोग प्यास बुझाने के लिए कोड़ रहे हैं बालू

NewsCode Jharkhand | 14 June, 2018 2:49 PM
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जमशेदपुर । नदी बनी जहरीली जहां लोग प्यास बुझाने के लिए कोड़ रहे हैं बालू। हलक में एक बूंद पानी के लिए सैकड़ों महिलाएं नदी के किनारे बालू में गढ़ा कोड़ कटोरे से पानी निकाल हांडी और बाल्टी में पीने के लिए ले जाते हैं। पानी की किल्लत का कष्ट से परेशान चार बस्ती के लोगों ने कहा हम सरकार के लिए मगर हमारे लिए सरकार नहीं । जहां जिला विकास पदाधिकारी ने पानी की किल्लत को गलत बताते हुए कहा जमशेदपुर में पानी की कोई कमी नहीं है। मगर जनाब तस्वीर झूठ नहीं बोलता । पानी के लिए घंटों पसीना बहाकर नदी के किनारे बालू खोद पानी पीते इस सत्य को कोई झूठ नही बोल सकता।

जमशेदपुर : नदी बनी जहरीली लोग प्यास बुझाने के लिए कोड़ रहे हैं बालू

झारखंड का जमशेदपुर में यू तो कंपनियों का पानी सप्लाई होता है। मगर जमशेदपुर के शहरी क्षेत्र छोड़ कर आस- पास इलाकों में पानी की किल्लत दिख रहा है। आप अनुमान लगा सकते हैं की पानी कैसे बनी है लोगों के लिए परेशानी। जमशेदपुर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली नदी स्वर्ण रेखा और खड़कई नदी जिसका संगम क्षेत्र दुमुहनी  है। जहा आस-पास इलाकों में लगभग 10 हजार लोग वर्षो से निवास करते हैं। जो मजबूरन पूरी तरह से नदी पर ही निर्भर होना पड़ता है।

इनके क्षेत्र में चापानल है मगर पानी लाल निकलता है। इस कारण क्षेत्र के बस्ती वासियों को एक नल के सामने सैकड़ों गैलन, बाल्टी, और हंडी लाइन में लगाते हैं। फिर भी समय से पानी नहीं आने पर नदी का जहरीला पानी पीने पर मजबूर हैं। नदी प्रदूषित होने के कारण नदी से निकाल पानी नहीं पीते बल्कि वहीं नदी किनारे बालू खोद गढ़ा कर कटोरे से पानी निकाल अपने जरूरत के मुताबित बर्तनों में भर एक साथ पैदल लंबी दूरी तय कर घर ले जाते हैं।

जमशेदपुर : सरकार की पहल से गरीब तक पहुंचा आधार कार्ड

पहले आप नदी को देखिए जिसमें जल कुम्भी का कब्जा है जिसमे जमशेदपुर की कई छोटी बड़ी कंपनियों का प्रदर्षित पानी का नाला बहता है। जिससे नदी का पानी जहरीला हो चला है जो बदबू भी करता है। मगर जरूरत तो जरूरत है हलक की प्यास बुझाने के लिए क्षेत्र की महिलाएं को देखिए कैसे अपने मजबूरी के कारण बालू खोद पानी की तलाश में दर बदर भटकती है। जहां चेहरे से पसीना बहती महिलाएं बताती है यह बालू से निकला पानी भी बदबूदार होता है।

जमशेदपुर : नदी बनी जहरीली लोग प्यास बुझाने के लिए कोड़ रहे हैं बालू

जिसे तीन बार पानी छान कर भरते हैं और पीने के लायक बनाते है। हमारी मजबूरी ही है कि यहां इस कदर पानी निकालते हैं जबकि जन प्रतिनिधियों को अपना अधिकार वोट के रूप में देते हैं। मगर मूलभूत सुविधा नहीं मिलती जहा हमें देखने  वाला भी कोई नहीं। पानी की इस तड़प का दृश्य को देख शायद सरकार को पसीना आये ना आए मगर आप छोटी बच्चियों और महिलाओं के इस दूर दराज भटकने और बालू निचोड़ कर पानी निकाल हलक की प्यास बुझाते देख आप दर्शकों को पीसना जरूर आ जायेगा।

जहां एक महिला बताती है कि गरीबों का क्या कोई नहीं की पानी जैसी समस्या का समाधान कर सके। वही स्कुलों में पढ़ाई करने वाली बच्चियां भी इस पानी की किल्लत से जूझ रही है कहती है पढ़ाई बाद में पहले पानी जिससे जान बचाई जा सके। वही पानी का हाहाकार इस कदर है कि सैकड़ों बर्तनों के साथ नल से पानी का इंतजार करता युवक बताता है नालो में पानी कब आएगा और जाएगा हमें क्या समय को भी ज्ञात है इस कारण लाइन लगा इंतजार करना पड़ता है।

वही जिले की लगभग 17 लाख की आबादी का विकास की जिम्मेवारी का बीड़ा उठाने वाले सरकारी अधिकारी जिला विकास अधिकारी इस तरह के पानी की समस्या को नकारते दिखे कहा जिले में पानी की कोई किल्लत नहीं। वहीं नदी किनारे पानी बालू से निकलते लोगों का मामला संज्ञान में नहीं । जहां पानी की उपस्थिति के लिए नलकूप और अन्य बेवस्था को ठीक कराया जा रहा। देश भर में पेय जल की समस्या को नजदीक से दिखता जमशेदपुर पानी की तड़प का यह दृश्य जो आज नहीं आने वाले कल की पानी की किल्लत को बताता है।

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पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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रांची : युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे- गिलुवा

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 7:35 PM
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रांची। युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए कही।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को सादर नमन करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अटल जी के नेतृत्व में राज्य का गठन किया। इसे सजाने और संवारने का प्रयास चल रहा है।

गिलुवा ने कहा कि भाजपा सरकार प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भगवान बिरसा मुंडा के सपनों के अनुरूप अटल संकल्प के साथ भयए भूख-भ्रष्टाचार मुक्त विकसित झारखंड का स्वप्न साकार करने का प्रयास कर रही है।

शुभकामना देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू, विद्युतवरण महतो, उषा पांडेय, सत्येन्द्र तिवारी, समीर उरांव, आदित्य साहू, प्रिया सिंह, प्रदीप वर्मा, प्रदेश महामंत्री सुनील कुमार सिंह, दीपक प्रकाश, अनंत ओझा, प्रदेश मंत्री नवीन जयसवाल, मुनेश्वर साहू, मनोज सिंह, सुबोध कुमार सिंह गुड्डू, नूतन तिवारी, सरिता श्रीवास्तव, प्रशिक्षण प्रमुख गणेश मिश्र, प्रदेश कोषाध्यक्ष, महेश पोद्दार, प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबीद, राजेश शुक्ला, दीनदयाल वर्णवाल, प्रतुल शाहदेव, प्रवीण प्रभाकर, अनिल सिन्हा, मिसफीका हसन, प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह प्रभारी संजय जयसवाल, सांवरमल अग्रवाल, सतीश सिन्हा, प्रमोद मिश्रा, शिव कुमार शर्मा, मोर्चा अध्यक्ष अमित कुमार, आरती सिंह, ज्योतिरीश्वर सिंह, नीरज पासवान, सोना खान, राम कुमार पाहन, अमरजीत यादव, रविनाथ किशोर सहित अन्य शामिल थे।

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