रिजर्व बैंक और सरकार के बीच बढ़ी तनातनी, इस्तीफा दे सकते हैं गवर्नर उर्जित पटेल

NewsCode | 31 October, 2018 7:09 PM
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक और मोदी सरकार के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां मंगलवार वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश में बैंक एनपीए का ठीकरा आरबीआई के सिर फोड़ा है, वहीं अब आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के पास मौजूद विकल्पों में इस्तीफा देना भी शामिल है। एक प्रमुख बिजनेस चैनल की मानें तो मौजूदा परिस्थिति में उर्जित पटेल के इस्तीफा की संभावना बनी हुई है।

केंद्र सरकार और आरबीआई में सूत्रों के आधार पर रिपोर्ट ने दावा किया है कि आरबीआई और मोदी सरकार के बीच भारी मतभेद पैदा हो चुके हैं। इस अंतर को अब भरा नहीं जा सकता है। ऐसी स्थिति में रिजर्व बैंक के आला अधिकारियों का दावा है कि आरबीआई की स्वायत्तता को ध्यान में रखते हुए उसके सामने सभी विकल्प खुले हुए हैं।

गौरतलब है कि आरबीआई और मोदी सरकार के रिश्तों में आई खटास को बीते हफ्ते आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने जगजाहिर किया। आचार्य ने कहा कि आरबीआई की स्वायत्तता पर हमला देश के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

विरल के इस बयान के तुरंत बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश में बैंकों के सामने खड़ी एनपीए की समस्या के लिए केन्द्रीय बैंक को जिम्मेदार ठहराया। जेटली ने दावा किया कि 2008 से 2014 के बीच देश के बैंकों ने बड़े स्तर पर कर्ज देने का काम किया। वहीं जेटली ने आरोप लगाया कि इस दौरान रिजर्व बैंक ने अपनी भूमिका से उलट इतने बड़े स्तर पर दिए जा रहे कर्ज की प्रक्रिया की अनदेखी की।

सरकार ने क्या कहा ?

इस बीच विवाद पर मोदी सरकार ने अपना पक्ष साफ करते हुए कहा है कि आरबीआई एक्ट के तहत रिजर्व बैंक को दी गई स्वायत्तता का पूरा सम्मान करती है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक दोनों के लिए जरूरी है कि वह जनहित और देश की अर्थव्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करें।

RBI की स्वायत्तता पर जारी घमासान के बाद सरकार ने कहा है कि आरबीआई एक्ट के इस पक्ष के चलते केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाती है। ऐसी व्यवस्था सभी नियामकों के लिए बनाई गई है।

केंद्र सरकार ने अपने बयान में कहा कि उसने कभी भी केन्द्रीय बैंक के साथ की गई चर्चा का ब्यौरा जनता के सामने नहीं रखा है और महज अंतिम फैसला ही जनता के सामने लाया जाता है। इन्ही चर्चाओं में केन्द्र सरकार कई आर्थिक चुनौतियों पर अपना पक्ष रखने का काम करती है और इन चुनौतियों को हल करने के लिए अपना सुझाव देती है। लिहाजा, केंद्र सरकार भविष्य में भी अहम विषयों पर चर्चा करने और चुनौतियों को हल करने के तरीकों पर अपना पक्ष रखती रहेगी।

CBI के बाद अब RBI पर सर्जिकल स्‍ट्राइक : यशवंत स‍िन्‍हा

र‍िजर्व बैंक और मोदी सरकार के बीच तनातनी पर पूर्व व‍ित्‍त मंत्री यशवंत स‍िन्‍हा ने कहा, “इतिहास में पहली बार हुआ है कि सरकार को रिजर्व बैंक की धारा 7 के अंतर्गत डायरेक्शन आदेश देना पड़ रहा है। इसका मतलब है कि बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकला। धारा 7 में ही लिखा हुआ है कि यह आदेश देने से पहले सरकार को रिजर्व बैंक के गवर्नर के साथ कंसल्टेशन करना होगा। क्या वह हुआ या नहीं हुआ? अगर कंसल्टेशन हुआ और उर्जित पटेल उसके लिए राजी नहीं हुए जो सरकार का सुझाव था तभी सरकार को इस धारा का इस्तेमाल करना पड़ा है। यह अपने आप में अत्यंत गंभीर मसला है। मैं मानता हूं कि वित्तीय क्षेत्र में इससे ज्यादा गंभीर घटनाक्रम आज तक कभी नहीं हुआ है।”

सरकार की नीत‍ि पर सवाल उठाते हुए स‍िन्‍हा बोले, “यह सरकार तो रोज ही इतिहास बना रही है। रोज कहीं ना कहीं सर्जिकल स्ट्राइक कर रही है। कुछ दिन पहले उन्होंने सीबीआई के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक किया, अब उनका अगला टारगेट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया है। बाजार में लिक्विडिटी तो कम है ही, हमारी अर्थव्यवस्था में आज पेमेंट क्राइसिस है जो ILFS के फेल होने की वजह से हुआ है, इस वजह से संकट और गहराया है।


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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
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बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

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रांची : स्थापना दिवस- नव चयनित शिक्षक ड्रेस कोड में होंगे शामिल

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:06 PM
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रांची। राज्य स्थापना दिवस का मुख्य समारोह मोरहाबादी मैदान में होगा। इसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की अनुशंसा के बाद चयनित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (पीजीटी) शामिल होंगे। राज्य के सभी जिलों में कुल 1235 पीजीटी शिक्षकों का चयन किया गया है।

इनमें रांची जिला के लिए 130 शिक्षक हैं। इन सभी नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को ड्रेस कोड में शामिल होने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है।

स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) अशोक कुमार शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत वर्मा और जिला शिक्षा अधीक्षक सी. विजय सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सोमवार को जिला स्कूल में रांची जिले के लिए चयनित पीजीटी शिक्षकों के साथ नोडल पदाधिकारी ने बैठक दी।

नोडल पदाधिकारी सह डीएसई रांची सी. विजय सिंह ने नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। निर्धारित ड्रेस कोड में पुरुष शिक्षकों के लिए क्रीम कलर फुल शर्ट, ब्लैक फुल पैंट, मैरून टाई, मैरून स्वेटर या ब्लेजर, पॉकेट नेम प्लेट, ब्लैक शू व डॉ राधाकृष्णन जैसी पिंक कलर की पगड़ी निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार महिलाओं के लिए मैरून कलर की साड़ी या पायजामा, ब्लैक जूती या सैंडल और पिंक पगड़ी में आने का निर्देश नोडल पदाधिकारी ने दिया है।

नोडल पदाधिकारी ने समारोह स्थल पर सुबह आठ बजे तक नव चयनित शिक्षकों को रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया। कहा कि समारोह स्थल पर पहुंचने के साथ शिक्षक अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। शिक्षकों को मोबाइल साइलेंट मोड में रखने का निर्देश दिया है।

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