रांची : मेडिकल में धांधली पर अंकुश के लिए जल्द ही बिल जाएंगे- जेपी नड्डा

NewsCode Jharkhand | 30 November, 2017 6:40 PM
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एबीवीपी कार्यकर्ताओं से टीकाकरण अभियान में सहयोग की अपील

रांची। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार मेडिकल में धांधली पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही संसद में एक विधेयक लाएगी, जिससे मेडिकल में धांधली की सभी आशंकाएं समाप्त हो सकेगी। वे आज रांची में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) के 63वें राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में नामांकन में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने देशभर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की व्यवस्था लागू की है, इससे गरीब विद्यार्थियों को भी मेडिकल में प्रवेश मिल सकेगा, इससे पहले मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए क्या व्यवस्था थी सभी को इसकी जानकारी है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्ट्राचार मुक्त देश बनाने का निर्णय लिया है और इसी के तहत केंद्र सरकार कई कठोर कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्रों में माध्यम से देशभर के अस्पतालों में जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है, इससे कई ब्रांडेड दवाओं में कम कीमत पर अस्पताल में पहुंचाने में सफलता मिली है।

जेपी नड्डा ने एबीवीपी कार्यकर्त्ताओं से अपील की कि वे टीकाकरण अभियान में स्वयंसेवक की भूमिका निभाएं और जिन बच्चों को टीका नहीं लगा है, उनके अभिभावकों को जागरूक करें और टीकाकरण के लक्ष्य को 90 फीसदी पहुंचाने में सहयोग करें, अभी देश में प्रतिवर्ष 10लाख बच्चे डायरिया के कारण अस्पताल में भर्त्ती होते है, जबकि 13लाख बच्चों को निमोनिया जैसी गंभीर गंभीर बीमारी हो जाती है और दो लाख बच्चों की मौत हो जाती है, इसलिए सभी बच्चों का टीकाकरण जरूरी है।

और पढ़ें : रांची : विद्यार्थी परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन, जेपी नड्डा का हुआ भव्य स्वागत

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब विमुद्रीकरण लागू किया, तो पूरे देश की जनता ने साथ दिया, जबकि जीएसटी को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश की गयी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिये गये कई कठोर फैसलों की वजह से आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है । अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर रैकिंग देने वाली दुनिया की सबसे विश्वसनीय एजेंसियों में एक मेडिज ने भी भारत के रैकिंग में सुधार किया है और माना है कि इन फैसलों से आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि युवा बिना पतवार की नाव नहीं बने, सही दिशा में चलें और अपनी पहचान तथा शक्ति को समझने की कोशिश करें, अंधी दौड़ में शामिल नहीं हो और अपनी ताकत को पहचान कर मां भारती की सेवा में जुट जाएं। इस कार्यक्रम में ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त और परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेश ठाकुर ने भी संबोधित किया।

रांची : नागपंचमी के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस की रंग में रंगा पहाड़ी मंदिर

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 10:31 AM
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रांची । नागपंचमी पर पूरे देश में श्रद्धालु भोलेनाथ के साथ नाग देव की पूजा कर रहे हैं। दूध-लावा का भोग चढ़ा रहे हैं। इस मौके पर रांची के पहाड़ी मंदिर स्थित नाग देवता मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा है। लोग नाग-नागिन को दूध और धान का लावा चढ़ाकर परिवार के लिए दुआ मांग रहे हैं।

कई सपेरों ने अपने सापों के साथ यहां पर डेरा भी डाल रखा है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को महादेव ने गले में नाग देवता वासुकी को धारण किया था तब से इस दिन का विशेष  महत्व है। भक्त नाग राज के साथ राजा तक्षक की भी पूजा कर रहे हैं।

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धार्मिक मान्यता एवं परम्परा के मुताबिक सनातनी श्रद्धालु घरों में कटहल के पत्ते पर दूध-लावा रखकर पूजा करते हैं। कई घरों में सरसों मिले गाय के गोबर से दीवारों पर नाग देवता की आकृति बनायी जाती है। शास्त्रीय दृष्टिकोण से समस्त दुर्गुणों का त्याग कर सदगुण के साथ भोलेनाथ के गले में विराजमान होनेवाले नाग देवता नागपंचमी के दिन सगुण से युक्त होकर अभिष्ट सिद्धि देते हैं। नागपंचमी पर नमका-चमका के महामंत्रों से शिव की आराधना फलदायी होती है ।

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71 साल पहले ऐसे मना था देश का पहला स्‍वतंत्रता दिवस, देखें 15 अगस्‍त 1947 की दुर्लभ तस्‍वीरें

NewsCode | 15 August, 2018 10:14 AM
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नई दिल्ली। इस वर्ष हम 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आजादी के 71 साल पूरे हो रहे हैं तो मन में यह विचार भी आना स्वाभाविक है कि पहला स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया गया होगा और उस वक्त कैसा रहा होगा अपना देश? तस्वीरों में देखें 1947 में आजाद भारत की कुछ चुनिंदा तस्वीरें।

पहले स्वतंत्रता दिवस का आगाज पं जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त की आधी रात की उद्घोषणा के साथ हुआ। लेकिन यह भी सच है कि इस बात की खबर मिलने के बाद देश के लोगों ने 15 अगस्त की सुबह ही जश्न मनाया था। यह तस्वीर 15 अगस्त की सुबह की कोलकाता की है जहां लोग गलियों चौराहों में निकलकर आजादी का जश्न मनाते दिख रहे हैं।


पहले स्वतंत्रता दिवस का संबोधन प्र‌थम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधी रात को किया लेकिन उनके प्रथम संबोधन के नाम से यह जो तस्वीर उपलब्‍ध है वह 14 अगस्त की शाम संविधान सभा को संबोधन करने की है।


तत्‍कालीन ब्रिटिश गवर्नर जर्नल लॉर्ड माउंटबेटन और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू। 15 अगस्त 1947 को नई दिल्‍ली के इंडिया गेट पर तिरंगे को सेल्‍यूट करते हुए।


स्‍वतंत्रता दिवस सम्‍मेलन में भाग लेने पहुंचे हजारों लोग। ये सभी लोग नई दिल्‍ली के रासीना हिल पर एकत्रित हुए थे।


यह तस्वीर आजादी के 11 दिन पहले की है जिसमें भारत के अंतिम वॉयसराय लॉर्ड माउंटबेटन भारतीय नेताओं को सत्ता हस्तांतरण की तैयारी में लगे हैं।


सभी देशवासियों के लिए वो गर्व का पल था जब भारत की शान तिरंगा झंडा फहराया गया।


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शहीद जवान अौरंगजेब और मेजर आदित्य समेत इन जांबाजों को वीरता पुरस्कार

NewsCode | 15 August, 2018 10:01 AM
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा अगवा कर हत्या किए गए राष्ट्रीय रायफल्स के शहीद जवान औरंगजेब को उनके शौर्य और बलिदान के लिए शांति काल का तीसरा सबसे बड़ा शौर्य पुरस्कार दिया जाएगा। मेजर आदित्य कुमार और राइफलमैन औरंगजेब समेत सशस्त्र बलों के 20 जवानों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि इसी साल 15 जून को ईद मनाने घर जा रहे औरंगजेब को आतंकवादियों ने अगवा करके उनकी बर्बरता से हत्या कर दी थी। गोलियों से छलनी औरंगजेब का शव पुलवामा जिले के गुस्सू इलाके में मिला था।

बता दें कि ईद की छुट्टी मनाने जा रहे औरंगजेब ने कैंप के बाहर से दक्षिण कश्मीर के शोपियां जाने के लिए टैक्सी ली थी। लेकिन रास्ते में कालम्पोरा गांव के पास आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया था। टैक्सी ड्राइवर के सूचना देने के बाद पुलिस और सेना के संयुक्त दल को औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में मिला था। जम्मू-कश्मीर के पुंछ के रहने वाले औरंगजेब 4-जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंटरी के शादीमार्ग (शोपियां) स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।

वो हिज्बुल आतंकी समीर को 30 अप्रैल 2018 को ढेर करने वाले मेजर रोहित शुक्ला की टीम में शामिल थे। जांबाज औरंगजेब ने कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया था. सेना के ऑपरेशनों में हिस्सा लेने के चलते आतंकियों ने उनको निशाना बनाया था।

वहीं, शौर्य चक्र पाने वाले मेजर आदित्य को 2017 में कश्मीर के बडगाम में एक आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान ‘सावधानीपूर्वक योजना बनाने और बहादुर से कार्रवाई करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा सिपाही वी पाल सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र के लिए नामित किया गया है। दक्षिण कश्मीर के अलगर गांव में नवंबर 2017 में आतंकवाद रोधी अभियान में उनकी मौत हो गई थी।

इसके अलावा जम्मू कश्मीर के रहने वाले हेड कांस्टेबल शरीफ उद्दीन गैनी और मोहम्मद तफैल को प्रेसिडेंट पुलिस मैडल फॉर गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अलवा आठ सीआरपीएफ के जवानों को भी गैलेंट्री मेडल दिया जाएगा।

इसके साथ ही पानी के जहाज़ से दुनिया का चक्कर लगाने वाले अभियान में शामिल रही भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारियों को नौसेना मेडल दिया जाएगा।

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