रांची : सरकार के गले की फांस बन गई है स्कूलों के विलय का मामला

NewsCode Jharkhand | 10 August, 2018 9:50 PM
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रांची। झारखंड में चल रही रघुवर सरकार ने कई अहम फैसले लेकर अपनी पार्टी के आला नेताओं के साथ-साथ आम जनता के बीच अपनी साख जमाने की कोशिश की है लेकिन सरकार का एक फैसला इन दिनों पार्टी की गले की फांस बन गई है। मामला है राज्य के पांच हजार पांच सौ प्राथमिक स्कूलों के विलय का। इस मामले में सत्ताधारी दल के ही 12 सांसदों ने विरोध दर्ज कराकर सरकार की मुसीबतें बढ़ा दी है। सरकार के सामने अब इस बात को लेकर परेशानी बढ़ गई है कि आखिर इस फैसले पर किस तरीके से काम किया जाए।

पांच हजार पांच सौ स्कूलों का होना है विलय

दरअसल राज्य सरकार ने बच्चों की संख्या के आधार पर सूबे के पांच हजार पांच सौ स्कूलों को विलय करने का फैसला लिया है। इसके कारण कई गावों में स्कूल बंद हो गए हैं और बच्चों को अपने बगल के गांव के जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। हालांकि अब तक गांव के बच्चे और उनके अभिभावक ही इस फैसले का विरोध कर रहे थे।

रांची : सरकार के फैसले से सहमत नहीं है बीजेपी सांसद – जेएमएम

रांची : सरकार के गले की फांस बन गई है स्कूलों के विलय का मामला

राज्य में विपक्षी दलों ने भी इस फैसले को जनहित के खिलाफ मानते हुए विरोध किया था। विधानसभा के अंदर भी इस मामले पर कार्यस्थगन तक का प्रस्ताव आया था। अब तक सरकार को इस विरोध का कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन अब सरकार के लिए यह फैसला बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

बीजेपी के 12 सांसदों ने किया पत्र के माध्यम से विरोध

राज्य में बीजेपी के 12 लोकसभा सांसद हैं और सभी ने एक पत्र के माध्यम से रघुवर दास के इस फैसले का विरोध दर्ज करा दिया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र राय ने एक पत्र मुख्यमंत्री रघुवर दास को लिखा है। इस पत्र में पार्टी के सभी 12 सांसदों के हस्ताक्षर है। इस पत्र में इन तमाम नेताओं ने लिखा है कि राज्य सरकार के इस फैसले के बाद से ऐसा लग रहा है, जैसे बीजेपी का जनाधार खिसक रहा है। हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में लक्षमण गिलुआ, जयंत सिन्हा, सुदर्शन भगत, कड़िया मुंडा, बीडी राम, सुनील सिंह, विद्युत वरण महतो, रामटहल चौधरी, निशिकांत दुबे और रविन्द्र पांडेय के नाम शामिल हैं।

कहीं वोट बैंक ना खिसक जाए

12 सांसदों का मानना है कि राज्य में सर्व शिक्षा अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में स्कूल खोले गए थे। इसका फायदा यहां के लोगों को मिल रहा था। गांव के बच्चे गांव में ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर रही थे लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद से गांव के बच्चों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई। गांव में बच्चे अब जंगली इलाका या नदी या पहाड़ी इलाका को पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं, जिससे अभिभावकों की भी परेशानी बढ़ गई है। सासंद इस बात को लेकर ज्यादा परेशान हैं कि अगर आम लोग उनके खिलाफ होते चले गए तो उनका उस क्षेत्र से वोट बैंक खिसक जाएगा।

विपक्ष ने कटाक्ष के साथ सरकार पर साधा निशाना

इधर विपक्षी दल जेएमएम के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी सत्ताधारी दल के सांसदों की तरफ से स्कूलों के विलय पर लिखे गए पत्र पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि हमने पहले भी कहा था की सरकार स्कूलों को बंद करवाकर शराब की दुकानें खुलवा रही है, पारा शिक्षकों को 8 से ₹10 हजार वेतन देते हैं जबकि शराब बेचने वालों को 28 से 30 हजार। ऐसे में कहा जा सकता है कि विद्यालय बंद करो और शराब के ठेके खोलो यह रघुवर सरकार की मंशा और चरित्र है।

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LIVE: पीएम मोदी ने किया केरल का हवाई दौरा, 500 करोड़ की आर्थिक मदद का किया ऐलान

NewsCode | 18 August, 2018 11:44 AM
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केरल। केरल में मानसूनी बारिश और बाढ़ के कारण शुक्रवार को एक ही दिन में 106 लोगों की मौत के बीच राज्य में ऑक्सीजन की कमी और ईंधन स्टेशनों में ईंधन नहीं होने के कारण आज संकट और गहरा हो गया। राज्य में अबतक 385 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 3 लाख से ज्यादा लोगों को पलायन करना पड़ा है। इस बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल पहुंचे और बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई दौरा किया साथ ही 500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा भी की।

आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिाय और फिर केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से बाढ़ से मरने वालों के परिजनों को दो लाख के मुआवजे का ऐलान किया। वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई।

अलग-अलग जगहों पर फंसे 80,000 से ज्यादा लोगों को शुक्रवार को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। इनमें 71,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित एर्नाकुलम जिले के अलुवा क्षेत्र से थे। तीनों सेनाओं के अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने छतों और ऊंची जगहों पर फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम फिर से शुरू किया।

बताया जा रहा है कि करीब तीन लाख से ज़्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लिए हैं। राज्य के 14 में से 12 ज़िलों में रेड अलर्ट है।

पहाड़ी इलाकों में पहाड़ के हिस्से जमीन पर गिरने से सड़क जाम हो रहे हैं, जिससे बाकी जगहों से उनका संपर्क टूट जा रहा है। द्वीप की शक्ल ले चुके कई गांवों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान भी जारी है।

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मौसम विभाग ने आज भी बारिश के आसार जताए हैं, जिससे हालात और बिगड़ने के आसार हैं। इडुक्की और एर्नाकुलम राज्य के बाक़ी हिस्सों से पूरी तरह कट गए हैं। पानी भरने की वजह से कोच्चि एयरपोर्ट को 26 अगस्त तक बंद कर दिया गया है। हज़ारों किलोमीटर सड़कें बह गई हैं। 80 बांधों को खोल दिया गया है। हालंकि, सेना, एयरफ़ोर्स, नेवी, एनडीआरएफ़ की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव का अभियान चला रही हैं।

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गोमिया : उच्च विद्यालय विभागीय उदासीनता का शिकार, पठन-पाठन ठप

NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 11:39 AM
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आजसू केंद्रीय सचिव लंबोदर महतो ने किया उच्च विद्यालय का निरीक्षण

गोमिया (बोकारो) । तेनुघाट शिविर संख्या दो स्थित नदी घाटी योजना उच्च विद्यालय देखते ही देखते विभागीय उदासीनता का शिकार हो गया। जिसके कारण पिछले कई वर्षों से उक्त विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह से बंद हो गया। विद्यालय के बंद हो जाने से आस-पास के क्षेत्रों के सैकड़ों बच्चों को मैट्रिक तक की पढ़ाई के लिए काफी परेशानी उत्पन्न हो गई है।

लोगों ने कहा कि पांच किलोमीटर तक एक भी उच्च विद्यालय नहीं है। जिस कारण खास कर लड़कियों के लिए मैट्रिक तक की पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। कहा कि सरकार का बेटी पढ़ाओ का नारा यहां धूमिल होता प्रतित हो रहा है। लोगों ने आजसू के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो से मुलाकात कर इस समस्या से अवगत कराते हुए पुनः उक्त विद्यालय में पठन-पाठन चालू करवाने का अनुरोध किया।

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वहीं डॉ. महतो ने लोगों के अनुरोध पर नदी घाटी योजना उच्च विद्यालय का निरीक्षण कर लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि निश्चित तौर पर आगामी सेशन से विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य शुरू हो जायेगा।

उन्होंने इस बाबत  तेनुघाट बांध के कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण विद्यालय बंद हुआ है। इसलिए अब विभाग की ही जिम्मेवारी है कि पुनः इस विद्यालय को चालू करें। इस अवसर पर विकास झा, नरेन्द्र सिंह, अनादि दे, प्रकाश झा, कमल लोचन सिंह, लक्ष्मी प्रसाद, कुंदन सिंह, सुजीत कुमार पाण्डेय, पंकज पाठक, पांडु कुमार पांडु सहित कई लोग मौजूद थे।

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गढ़वा : पुलिस ने पूरे गिरोह का किया उद्भेदन, लंबे समय से थी तलाश

NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 11:10 AM
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बड़े चालाकी से देते थे घटना को अंजाम

गढ़वा। इधर कुछ दिनों से लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटना से जहां एक तरफ वाहन चालक हलकान थे, वहीं दूसरी ओर पुलिस भी खासा परेशान थी। जिससे निजात पाने के लिए आखिरकार पुलिस ने चोर गिरोह का उद्भेदन कर दिया।

चोर गिरोह के चार सदस्‍य को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर पलामू से बाकि के चार चोरों को गिरफ्तार किया। जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि ये चोर गाड़ी के लॉक को आसानी से खोल कर वारदात को अंजाम दिया करते थे।

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फिर उस गाड़ी के पार्ट्स को गैराज में देकर अलग अलग कर दिया जाता था। पुलिस बहुत दिनों से इनके तलाश में थी। गुप्त सूचना के आलोक में पहले गिरोह के एक सदस्य की गिरफ्तारी हुई। फिर उसके निशानदेही पर पूरे गिरोह का उद्भेदन किया। चोरी किया हुआ मोटरसाइकिल भी बरामद किया गया।

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