रांची : सीसीएल में दो दिवसीय विभागीय शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ

Ramdin Kumar | 7 August, 2018 7:27 PM
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रांची। सीसीएल मुख्यालय में दो दिवसीय (07-08 अगस्त) ‘’सीसीएल मुख्यालय विभागीय शतरंज प्रतियोगिता’’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन सीसीएल कुजु क्षेत्र के स्टाफ अधिकारी (कार्मिक) के.के. सिंह ने किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (विधी)/निदेशक (कार्मिक) के तकनीकी सचिव पार्थो भटाचार्य, प्रबंधक (खेल) आदिल हुसैन, सहायक प्रबंधक (जनसंपर्क) अनुपम कुमार राणा सहित अन्य उपस्थित थे।

रांची : 15वें राष्ट्रीय जंप रोप प्रतियोगिता के खिलाड़ियों को सीपी सिंह ने किया सम्मानित

स्टाफ अधिकारी (कार्मिक) के.के. सिंह ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप अनुशासित रहते हुए खेल भावना और आपसी खेल प्रेम, सहयोग और सहानुभति से खेलें।

प्रतियोगिता का आयोजन पूर्व शतरंज खिलाड़ी ए.के. वर्मा के निर्णायक भूमिका/देख-रेख में खेला जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 62 प्रतिभागी भाग ले रहें हैं। प्रतियोगिता का समन्वेय आर.आर. सिंह एवं इन्द्रजीत कुमार पाण्डेय द्वारा किया जा रहा है।

प्रतियोगिता कुल 5 (पांच) राउंड में खेला जा रहा है, दो राउंड के बाद नि‍म्नलिखित प्रतिभागी दो अंक प्राप्त कर बढ़त बनाये हुए हैं- राजीव रंजन सिंह, राकेश एमबी, बी.बी. श्रीवास्तयव, मनोज कुमार, राजकुमार सिंह, ए.के. चौधरी, अनिल कुमार साहनी, जी.सी. महतो एवं सुरेश लोहार।

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देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
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देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

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जमशेदपुर : पक्षी प्रेमियों ने दिखायी संवेदना, सैकड़ों पक्षियों को पिंजरे से किया आजाद

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:46 PM
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बेजुबानों को भी होती हैै आजादी प्यारी

जमशेदपुर। आजादी किसे प्यारी नहीं होती… चाहे इंसान हो या जानवर, हर कोई आजाद रहना चाहता है। आज एक ओर जहां पूरा देश  आजादी के जश्न मे डूबा हुआ है, वहीं जमशेदपुर के कुछ पक्षी प्रेमियों ने सौ से भी अधिक विदेशी पक्षियों को पिंजरा से आजाद किया और एक संदेश देने का प्रयास किया कि बेजुबानों को भी आजादी प्यारी होती है।

जमशेदपुर : बहुजन क्रांति मोर्चा ने संविधान जलाने वालाेें पर कार्रवाई को लेकर किया विशाल प्रदर्शन

टाटा जू ने भी लंगूरों को खुले बाड़े में रखने का लिया निर्णय

वहीं इस कड़ी में टाटा जू ने भी एक कदम बढ़ा दिया है और आज से जू के लंगूरों को छोटे बाड़े से निकालकर बड़े और खुले बाड़े में आजाद रखने का निर्णय लिया गया। वहीं लंगूर खुले बाड़े में काफी खुश नजर आए। खुले बाड़े में छोड़े जाने के बाद सभी लंगूर इधर उधर धमा- चौकड़ी करते हुए काफी खुश दिखे।

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रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:22 PM
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रांची। जश्न-ए-आजाद मनाने में नन्हे देशभक्त भी कहीं पीछे नहीं है। इन नन्हे देशभक्तों में हिंदुस्तानी नस्ल में देशभक्ति कूट कूट कर भरा है। कोई सुभाष चंद्र बोस तो कोई भगत सिंह तो किसी ने चंद्रशेखर आजाद के भेष में अपने जीवन को देश के लिए निछावर करने का संकल्प लिया।

ये है हमारे देश के भविष्य, भारत का सपना और न्यू इंडिया की रीढ़। आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और स्वतंत्र भारत के लिए ना जाने कितने वीरों ने कुर्बानियां दी है। उन्हीं वीरों के बताए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।

रांची : जश्‍न–ए-आजाद पर बच्‍चों ने प्रस्‍तुत किए रंगारंग कार्यक्रम

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