रांची : विद्युत वितरण व्यवस्था को प्राईवेट हाथों में दिया जाय – चेंबर

NewsCode Jharkhand | 7 September, 2018 8:34 AM
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रांची। प्रदेश की प्रमुख समस्याओं पर वार्ता हेतु आज झारखण्ड चेंबर ऑफ कॉमर्स की एक बैठक माननीय राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के साथ राजभवन में संपन्न हुई। बैठक में चेंबर ने राज्य में जारी पावर कट की समस्या पर चिंता जताई और कहा कि 5-6 घंटे ही बिजली आपूर्ति प्रायः सभी जिलों में की जा रही है। पिछले चार-पांच माह से पावर कट की समस्या से राज्य का व्यापार और उद्योग प्रभावित हो रहा है। मामूली फॉल्ट, मेंटेनेंस सहित अन्य कारणों का हवाला देकर नियमित रूप से पावर कट जारी है जिस कारण वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों के व्यापारी सडकों पर आंदोलनरत हैं।

चिंतनीय है कि विद्युत एक मूलभूत आवश्यकता है किंतु यदि मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग सडकों पर आंदोलन के लिए विवश हों तब इस पर सरकार को गंभीर चिंतन करने की आवश्यकता है। चेंबर ने माननीय राज्यपाल से राज्य की विद्युत वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की मांग की। यह भी कहा गया कि राज्य में वाणिज्यिक संकाय के कॉलेजों की कमी है। इस कारण प्रदेश के विद्यार्थी अन्य प्रदेशों में चले जाते हैं जिससे राज्य का प्रतिभा पलायन जारी है। अतः राज्य में पर्याप्त वाणिज्यिक कॉलेजों की स्थापना की जाय।

प्रतिनिधिमण्डल ने यह भी कहा कि प्रदेश में दोपहिया, चार पहिया एवं व्यवसायिक वाहनों की मांग को देखते हुए राज्य में डीटीओ और एमवीआई कार्यालय को अपग्रेड करने की आवश्यकता है। यह चिंतनीय है कि राज्य के 24 जिलों में कुल 5 एमवीआई ही पदस्थापित है और प्रत्येक एमवीआई के पास 4-5 जिलों का अतिरिक्त प्रभार है जिस कारण परिवहन व्यवसायियों का कार्य महीनों तक लंबित रहता है। चेंबर नियमित रूप से राज्य में अतिरिक्त एमवीआई को पदस्थापित करने की मांग की है किंतु इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं।

यह मांग की गई कि प्रत्येक जिले में एक-एक एमवीआई की पदस्थापना की शीघ्र पहल करें। चेंबर ने अंचल कार्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं से भी माननीय राज्यपाल को अवगत कराया। यह कहा गया कि अंचल कार्यालयों में म्यूटेशन और रसीद कटाने में भारी परेशानियां हैं जिसका निदान अति आवश्यक है। चेंबर ने पुनः अपनी मांग अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन कम ट्रेड सेंटर की स्थापना हेतु प्रस्तावित स्मॉर्ट सिटी में चेंबर को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। यह भी कहा गया कि पिस्का मोड़ जीरो प्वाइंट से ईटकी रोड एनएच-23 को 600 मीटर एवं पंडरा रोड एनएच-75 को 660 मीटर तक एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा है।

यह देखा जाय तो पिस्का मोड से जुड़ हुए टंगराटोली, बांसटोली, हेसल, इंद्रपुरी एवं मधुकम के लोगों का मुख्य मार्ग एवं पहुंच पथ, पिस्का मोड़ चौराहा ही है जो इसके निर्माण से बाधित होगा एवं इससे लगभग 800 लोगों का व्यापार ठप हो जायेगा और आवागमन बाधित होगा। यह अनुरोध किया गया कि इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को यह निर्देशित करें कि एलिवेटेड फ्लाईओवर को पिस्का मोड़ तक ही रखा जाय ताकि इस एलिवेटेड रोड का ग्रामवासी, रैयत एवं स्थानीय व्यापारी उपयोग कर सकें।

माननीय राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने चेंबर द्वारा दिये गये समस्याओं व सुझावों पर उचित विचार का आश्वासन दिया। पिस्का मोड़ में एलिवेटेड निर्माण के मामले पर माननीय राज्यपाल ने कहा कि वे इस संबंध में एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता कर उचित निर्णय हेतु निर्देशित करेंगी।

प्रतिनिधिमण्डल में चैंबर अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया, उपाध्यक्ष सोनी मेहता, दीनदयाल वर्णवाल, महासचिव कुणाल अजमानी, सह सचिव प्रवीण जैन छाबड़ा, कार्यकारिणी सदस्य दीपक मारू सम्मिलित थे। विदित हो कि चेंबर अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया ने राज्य की विद्युत व्यवस्था पर उर्जा विकास विभाग के एमडी नीतिन मदन कुलकर्णी से भी वार्ता की जिसमें उन्होंने चेंबर को अवगत कराया कि रांची, धनबाद और जमशेदपुर में विद्युत वितरण की जिम्मेवारी निजी हाथों में सौंपने पर विचार चल रहा है। शीघ्र ही इसपर निर्णय लिया जायेगा।

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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
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बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

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रांची : स्थापना दिवस- नव चयनित शिक्षक ड्रेस कोड में होंगे शामिल

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:06 PM
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रांची। राज्य स्थापना दिवस का मुख्य समारोह मोरहाबादी मैदान में होगा। इसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की अनुशंसा के बाद चयनित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (पीजीटी) शामिल होंगे। राज्य के सभी जिलों में कुल 1235 पीजीटी शिक्षकों का चयन किया गया है।

इनमें रांची जिला के लिए 130 शिक्षक हैं। इन सभी नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को ड्रेस कोड में शामिल होने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है।

स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) अशोक कुमार शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत वर्मा और जिला शिक्षा अधीक्षक सी. विजय सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सोमवार को जिला स्कूल में रांची जिले के लिए चयनित पीजीटी शिक्षकों के साथ नोडल पदाधिकारी ने बैठक दी।

नोडल पदाधिकारी सह डीएसई रांची सी. विजय सिंह ने नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। निर्धारित ड्रेस कोड में पुरुष शिक्षकों के लिए क्रीम कलर फुल शर्ट, ब्लैक फुल पैंट, मैरून टाई, मैरून स्वेटर या ब्लेजर, पॉकेट नेम प्लेट, ब्लैक शू व डॉ राधाकृष्णन जैसी पिंक कलर की पगड़ी निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार महिलाओं के लिए मैरून कलर की साड़ी या पायजामा, ब्लैक जूती या सैंडल और पिंक पगड़ी में आने का निर्देश नोडल पदाधिकारी ने दिया है।

नोडल पदाधिकारी ने समारोह स्थल पर सुबह आठ बजे तक नव चयनित शिक्षकों को रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया। कहा कि समारोह स्थल पर पहुंचने के साथ शिक्षक अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। शिक्षकों को मोबाइल साइलेंट मोड में रखने का निर्देश दिया है।

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