राँची :  2022 तक हर पंचायत में होगा प्लस 2 विद्यालय – नीरा यादव 

Manish Jha | 8 August, 2018 10:19 PM
newscode-image

राँची।  शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा है कि 2022 तक हर पंचायत में प्लस 2 विद्यालय खोलने का लक्ष्य रखा गया है। नीरा यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विद्या का दान सबसे बड़ा दान है। अपने अर्जित ज्ञान को बांटने से ज्ञान बढ़ता है। नयी-नयी तकनीकों के माध्यम से हम इसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकते हैं। हमारी सरकार का यही उद्देश्य है। शिक्षा ऐसी हो जो रोजगार दे सके। केवल डिग्री से काम नहीं चलेगा।

राँची :  2022 तक हर पंचायत में होगा प्लस 2 विद्यालय - नीरा यादव 

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को हमें शिक्षित प्रदेशों की सूची में लाना है। मानव संसाधन का विकास शिक्षा के माध्यम से ही किया जा सकता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवी संस्थाओं से आदिवासी क्षेत्रों में ज्यादा काम करने की अपील करते हुए कहा कि वे आज भी गरीब और अशिक्षित हैं। शिक्षित होने से उनके जीनवस्तर में सुधार आयेगी।

कार्यक्रम में राज्य सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच तीन एमओयू हुए। इस दौरान मुख्य सचिव  सुधीर त्रिपाठी, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री एपी सिंह, राज्य विकास परिषद के सीइओ श्री अनिल स्वरूप, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सिल्ली : आजसू ने मनाया निर्मल महतो का शहादत दिवस, वृक्षारोपण भी किया

 (अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

रांची : भारत का एक मात्र पहाड़ी मंदिर जहां राष्ट्रीय पर्व पर फहराया जाता है तिरंगा

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 9:55 AM
newscode-image

रांची । झारखंड की राजधानी रांची के पहाड़ी मंदिर की कहानी बेहद ही रोचक है। पहाड़ पर स्थित भगवान शिव का यह मंदिर देश की आजादी के पहले अंग्रेजों के कब्जें में था। हिंदुस्तान को दुनिया में मंदिरों का देश कहा जाता है। इनमें कुछ मंदिर अपनी खास वास्तुकला, मान्यता और पूजा के नियमों में अलग ही मायने रखते हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हम आपको ऐसे ही मंदिर के बारे में बता रहे हैं। जहां भगवान की भक्ति और धार्मिक झंडे के साथ राष्ट्रीय झंडे को भी फहराया जाता है।

पहाड़ी बाबा मंदिर का पुराना नाम टिरीबुरू था जो आगे चलकर ब्रिटिश हुकूमत के समय फांसी टुंगरी में परिवर्तित हो गया। क्योंकि अंग्रेजो के राज में देश भक्तों और  क्रांतिकारियों को यहां फांसी पर लटकाया जाता था। आजादी के बाद रांची में पहला तिरंगा धवज यही पर फहराया गया था। जिसे रांची के ही एक स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण चन्द्र दास से फहराया था।

देवघर : बाबा बैधनाथ मंदिर में बेलपत्र प्रदर्शनी, बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव होते हैं प्रसन्न

उन्होंने यहां पर शहीद हुए देश भक्तों की याद व सम्मान में तिरंगा फहराया था, तभी से यह परम्परा बन गई की स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को यहां पर तिरंगा फहराया जाता है। राष्ट्र ध्वज को धर्म ध्वज से ज्यादा सम्मान देते हुए उसे मंदिर के ध्वज से ज्यादा ऊंचाई पर फहराया जाता है। पहाड़ी बाबा मंदिर में एक शिलालेख लगा है जिसमें 14 अगस्त, 1947 को देश की आजादी संबंधी घोषणा भी अंकित है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

रांची : नागपंचमी के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस की रंग में रंगा पहाड़ी मंदिर

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 10:31 AM
newscode-image

रांची । नागपंचमी पर पूरे देश में श्रद्धालु भोलेनाथ के साथ नाग देव की पूजा कर रहे हैं। दूध-लावा का भोग चढ़ा रहे हैं। इस मौके पर रांची के पहाड़ी मंदिर स्थित नाग देवता मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा है। लोग नाग-नागिन को दूध और धान का लावा चढ़ाकर परिवार के लिए दुआ मांग रहे हैं।

कई सपेरों ने अपने सापों के साथ यहां पर डेरा भी डाल रखा है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को महादेव ने गले में नाग देवता वासुकी को धारण किया था तब से इस दिन का विशेष  महत्व है। भक्त नाग राज के साथ राजा तक्षक की भी पूजा कर रहे हैं।

हज़ारीबाग : डांस महोत्सव में कलाकारों ने मनवाया प्रतिभा का लोहा

धार्मिक मान्यता एवं परम्परा के मुताबिक सनातनी श्रद्धालु घरों में कटहल के पत्ते पर दूध-लावा रखकर पूजा करते हैं। कई घरों में सरसों मिले गाय के गोबर से दीवारों पर नाग देवता की आकृति बनायी जाती है। शास्त्रीय दृष्टिकोण से समस्त दुर्गुणों का त्याग कर सदगुण के साथ भोलेनाथ के गले में विराजमान होनेवाले नाग देवता नागपंचमी के दिन सगुण से युक्त होकर अभिष्ट सिद्धि देते हैं। नागपंचमी पर नमका-चमका के महामंत्रों से शिव की आराधना फलदायी होती है ।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

71 साल पहले ऐसे मना था देश का पहला स्‍वतंत्रता दिवस, देखें 15 अगस्‍त 1947 की दुर्लभ तस्‍वीरें

NewsCode | 15 August, 2018 10:14 AM
newscode-image

नई दिल्ली। इस वर्ष हम 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आजादी के 71 साल पूरे हो रहे हैं तो मन में यह विचार भी आना स्वाभाविक है कि पहला स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया गया होगा और उस वक्त कैसा रहा होगा अपना देश? तस्वीरों में देखें 1947 में आजाद भारत की कुछ चुनिंदा तस्वीरें।

पहले स्वतंत्रता दिवस का आगाज पं जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त की आधी रात की उद्घोषणा के साथ हुआ। लेकिन यह भी सच है कि इस बात की खबर मिलने के बाद देश के लोगों ने 15 अगस्त की सुबह ही जश्न मनाया था। यह तस्वीर 15 अगस्त की सुबह की कोलकाता की है जहां लोग गलियों चौराहों में निकलकर आजादी का जश्न मनाते दिख रहे हैं।


पहले स्वतंत्रता दिवस का संबोधन प्र‌थम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधी रात को किया लेकिन उनके प्रथम संबोधन के नाम से यह जो तस्वीर उपलब्‍ध है वह 14 अगस्त की शाम संविधान सभा को संबोधन करने की है।


तत्‍कालीन ब्रिटिश गवर्नर जर्नल लॉर्ड माउंटबेटन और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू। 15 अगस्त 1947 को नई दिल्‍ली के इंडिया गेट पर तिरंगे को सेल्‍यूट करते हुए।


स्‍वतंत्रता दिवस सम्‍मेलन में भाग लेने पहुंचे हजारों लोग। ये सभी लोग नई दिल्‍ली के रासीना हिल पर एकत्रित हुए थे।


यह तस्वीर आजादी के 11 दिन पहले की है जिसमें भारत के अंतिम वॉयसराय लॉर्ड माउंटबेटन भारतीय नेताओं को सत्ता हस्तांतरण की तैयारी में लगे हैं।


सभी देशवासियों के लिए वो गर्व का पल था जब भारत की शान तिरंगा झंडा फहराया गया।


LIVE: 72वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम सन्देश, यहाँ देखें

Happy Independence Day: स्वतंत्रता दिवस पर इन अनोखे मैसेज से दीजिए सभी दोस्तों को बधाई

More Story

more-story-image

शहीद जवान अौरंगजेब और मेजर आदित्य समेत इन जांबाजों को...

more-story-image

LIVE: 72वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी...