राँची : सीआईटी-सीआईपी में पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर नामांकन जारी

NewsCode Jharkhand | 8 August, 2018 5:20 PM
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राँची। इंजीनियरिंगपॉलिटेक्निक की शिक्षा के लिए झारखंड के इंजीनियरिंग कॉलेजों में, कैंब्रिज इंस्टीच्युट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) और कैंब्रिज इंस्टीच्युट ऑफ पालिटेक्निक (सीआईपी) रांची में सर्वोत्तम हैं। झारखंड के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज कैंब्रिज इंस्टीच्युट ऑफ टेक्नॉलाजी व कैंब्रिज इंस्टीच्युट ऑफ पालिटेक्निक, रांची में बाकी बचे सीमित सीटों पर नामांकन जारी है। पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर, संस्थान में बी.टेक कोर्स के लिए सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्युटर साईंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में नामांकन जारी है। इसके अलावे कैंब्रिज इंस्टीच्युट ऑफ पालिटेक्निक में सिविल, मैकेनिकल, कंप्युटर साईंस, व इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रोनिक्स ब्रांच में डिप्लोमा कोर्स में भी नामांकन की प्रक्रिया जारी है।

कैंब्रिज इंस्टीच्युट ऑफ टेक्नोलॉजी की है अलग पहचान

वैसे तो राज्य में कई इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हैं, लेकिन राज्य के पहले गैर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, कैंब्रिज इंस्टीच्युट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) रांची की अपनी एक अलग पहचान है। बात चाहे प्लेसमेंट की हो या अनुभवी शिक्षकों या इंफ्रास्ट्रकचर की, ये संस्थान सभी मापदंडों पर खरा उतरता है। विद्यार्थियों को इंप्लॉयलेबल बनाने के लिए संस्थान अपने स्तर से ढेरों प्रयास करता है। इसके लिए विद्यार्थियों को अलग से ट्रेनिंग दी जाती है। एनटीपीसी, भेल, सेल, ओएनजीसी, टाटा टेक्नॉलोजी, सिग्मा पावर टेक, बीएसएनएल आदि, सीआईटी के ट्रेनिंग पार्टनर हैं, जिनके अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा, विद्यार्थियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। प्लेसमेंट के मामले में संस्थान का रिकॉर्ड अन्य संस्थानों से काफी बेहतर है।

11 लाख रूपए के सलाना पैकेज पर प्लेसमेंट 

इस वर्ष संस्थान के छात्र सर्वाधिक 11 लाख रूपए के सलाना पैकेज पर जॉब पाने में सफल रहे हैं। वहीं कई कंपनियों जिसमें कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनिया भी शामिल हैं जैसे ओरियंट क्राफट, स्विंग स्टेटर, न्यु टाउन ग्रांड, भीलवारा प्राईवेट लिमिटेड, सिकोर इन्फो टेक्नॉलाजी आदि में इस वर्ष संस्थान के सैकड़ों विद्यार्थियों का चयन, कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम ये किया गया है। संस्थान के छात्रों ने एक से बढ़कर एक मॉडल तैयार कर राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रौशन किया है। हाल ही में मानव संस्थान विभाग व एआईसीटीई द्वारा आयोजित स्मार्ट इंडिया हॅकाथन 2018 में संस्थान के छात्रों द्वारा तैयार स्मार्ट व्हीकल को बेंगलुरू में सेंकेंड रनर अप का पुरूस्कार मिला है जो झारखंड के लिए गौरव की बात है। 50 हजार नगद इनाम के अलावे इस योजना पर स्टार्टअप के तहत सरकार पैसा भी मुहैया करा रही है। संस्थान में बीटेक, एमटेक, एमबीए व डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई होती है। नामांकन संबधी जानकारी के लिए इन नंबरों 9931444441, 9279439460 पर संर्पक किया जा सकता है।

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लातेहार : स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां पूरी, दुल्हन की तरह सजा स्टेडियम

NewsCode Jharkhand | 14 August, 2018 9:43 PM
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लातेहारस्वतंत्रता दिवस को लेकर समाहरणालय, पुलिस लाइन, सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों व महापुरुषों की प्रतिमा स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

वहीं जिला मुख्यालय स्थित खेल स्टेडियम को दुल्हन की तरह सजाने संवारने में लोग पूरी तन्मयता से जुटे थे।

पुलिस कर्मियों की ओर से पुलिस लाइन में स्वतंत्रता दिवस को लेकर पूरे दिन तैयारियों का दौर चलता रहा।

हर कोई अपने-अपने ढंग से स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाने के लिए बेकरार नजर आया। विभिन्न विद्यालयों में भी बच्चों को परेड व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए रिहर्सल करते देखा गया।

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जमशेदपुर : पक्षी प्रेमियों ने दिखायी संवेदना, सैकड़ों पक्षियों को पिंजरे से किया आजाद

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:46 PM
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बेजुबानों को भी होती हैै आजादी प्यारी

जमशेदपुर। आजादी किसे प्यारी नहीं होती… चाहे इंसान हो या जानवर, हर कोई आजाद रहना चाहता है। आज एक ओर जहां पूरा देश  आजादी के जश्न मे डूबा हुआ है, वहीं जमशेदपुर के कुछ पक्षी प्रेमियों ने सौ से भी अधिक विदेशी पक्षियों को पिंजरा से आजाद किया और एक संदेश देने का प्रयास किया कि बेजुबानों को भी आजादी प्यारी होती है।

जमशेदपुर : बहुजन क्रांति मोर्चा ने संविधान जलाने वालाेें पर कार्रवाई को लेकर किया विशाल प्रदर्शन

टाटा जू ने भी लंगूरों को खुले बाड़े में रखने का लिया निर्णय

वहीं इस कड़ी में टाटा जू ने भी एक कदम बढ़ा दिया है और आज से जू के लंगूरों को छोटे बाड़े से निकालकर बड़े और खुले बाड़े में आजाद रखने का निर्णय लिया गया। वहीं लंगूर खुले बाड़े में काफी खुश नजर आए। खुले बाड़े में छोड़े जाने के बाद सभी लंगूर इधर उधर धमा- चौकड़ी करते हुए काफी खुश दिखे।

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देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
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देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

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