भारत-पाक सीमा को रोशन करेगा सु-कैम

NewsCode | 30 April, 2018 7:31 PM
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 श्रीगंगानगर(राजस्थान| पावर बैकअप और सौर सोल्यूशन में अग्रणी कंपनी सु-कैम ने राजस्थान के श्री गंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल के चौकियों को सौर उर्जा से रोशन करने की एक अनूठी पहल की शुरुआत की है।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को ग्रिड द्वारा नियमित बिजली कनेक्शन से अपने संचार और सुरक्षा उपकरणों को रिचार्ज करने के लिए अपने बेस शिविरों में लंबी दूरी तय करना पड़ता था, अब सौर उर्जा की पहुंच अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर उनके पोस्ट में होगा जिससे उनको अपने उपकरणों को रिचार्ज करने के लिए बेस कैम्प से दूर नहीं जाना होगा।

सीमा के पास स्थित यह सुरक्षा चौकियां उनके नियमित आवासीय कैम्प से बहुत दूर हैं और उपकरण रिचार्ज करने हेतु बिजली की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है।

सु-कैम पॉवर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कुंवर सचदेव ने कहा, “इस तरह के पहल की शुरुआत हमने सौर उर्जा को प्रोत्साहन और बढ़ावा देने की दृष्टि से किया है। देश के जवान हमें सुरक्षित रखने के लिए निरंतर सीमा पर चौकसी करते हैं, 24 घंटे बिजली आपूर्ति उनके लिए बहुत महत्तवपूर्ण है ताकि उन्हें निगरानी करने में कोई भी बाधा न हो। हालांकि, असमान भौगोलिक क्षेत्र होने के कारण बिजली की परेशानी होती है जिसकी वजह से जवानों को बहुत असुविधा होती है, इस पहल से उनकी बिजली की जरूरतें पूरी होने में मदद मिलेगी।”

बीएसएफ के प्रत्येक चौकी पर सु-कैम के 1.5 किलोवाट का ब्रेनी इको सौर इन्वर्टर (1600/24 वी) लगाया गया है, जिसमें 500 वाट का सोलर पैनल और बैटरी होती है और यह रोशनी के साथ-साथ दो-तीन पंखों के लिए भी बिजली प्रदान करेगा। बैट्री में स्टोर बिजली का उपयोग जवान, सूर्यास्त के बाद भी कर सकते हैं। वायरलेस सिस्टम या मोबाइल फोन को चार्ज करने के लिए उन्हें 4-5 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने शिविर तक नहीं जाना पड़ेगा तथा वे अपने चौकी पर ही अपने उपकरण को चार्ज कर सकेंगे।

इससे पहले 2016 में, सु-कैम ने भारत-पाक सीमा के पास जैसलमेर में प्रसिद्ध तनोत माता मंदिर में एक सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की थी। इस मंदिर की व्यवस्था को बीएसएफ द्वारा प्रबंधित किया जाता है।

1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई अनेक चमत्कारिक घटनाओं के लिए यह मंदिर प्रसिद्ध है। पाकिस्तानी सेना ने मंदिर को लक्षित करने वाले 3000 से अधिक बम गिराए लेकिन एक भी विस्फोट नहीं हुआ! पाकिस्तानी टैंक रेजिमेंट ने बड़े बड़े बम के गोले रखे लेकिन एक भी बम विस्फोट नहीं हुआ।

सु-कैम के इंजीनियरों ने 1 किलोवाट सौर उर्जा उत्पादन के लिए साइनी 250/12 वी यूपीएस स्थापित किया, यह मंदिर नियंत्रण रेखा से करीब 10 किलोमीटर दूर है।

1965 युद्ध के बाद ऐसा कहा जाता है कि मंदिर के प्रबंधन ने इसकी सुरक्षा और जिम्मेदारी भारतीय सीमा सुरक्षा बल को सौंप दी तब से अब तक इस मंदिर की देखरेख बीएसएफ जवानों द्वारा ही किया जाता है। मंदिर में एक संग्रहालय भी बनाया गया था जिसमें अभी भी वो सभी बम रखे हुए हैं जो की पाकिस्तान टैंक द्वारा भारत पर बरसाए गए थे।

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पाकिस्तान ने जब 1971 में दोबारा भारत पर आक्रमण किया था तब युद्ध चार दिनों तक चला था जिसमें पाकिस्तान अपने टैंको के साथ डटा हुआ था लेकिन फिर भी वह उस मंदिर को नुकसान नहीं पहुंचा सके।

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  आईएएनएस

पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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रांची : युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे- गिलुवा

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 7:35 PM
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रांची। युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए कही।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को सादर नमन करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अटल जी के नेतृत्व में राज्य का गठन किया। इसे सजाने और संवारने का प्रयास चल रहा है।

गिलुवा ने कहा कि भाजपा सरकार प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भगवान बिरसा मुंडा के सपनों के अनुरूप अटल संकल्प के साथ भयए भूख-भ्रष्टाचार मुक्त विकसित झारखंड का स्वप्न साकार करने का प्रयास कर रही है।

शुभकामना देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू, विद्युतवरण महतो, उषा पांडेय, सत्येन्द्र तिवारी, समीर उरांव, आदित्य साहू, प्रिया सिंह, प्रदीप वर्मा, प्रदेश महामंत्री सुनील कुमार सिंह, दीपक प्रकाश, अनंत ओझा, प्रदेश मंत्री नवीन जयसवाल, मुनेश्वर साहू, मनोज सिंह, सुबोध कुमार सिंह गुड्डू, नूतन तिवारी, सरिता श्रीवास्तव, प्रशिक्षण प्रमुख गणेश मिश्र, प्रदेश कोषाध्यक्ष, महेश पोद्दार, प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबीद, राजेश शुक्ला, दीनदयाल वर्णवाल, प्रतुल शाहदेव, प्रवीण प्रभाकर, अनिल सिन्हा, मिसफीका हसन, प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह प्रभारी संजय जयसवाल, सांवरमल अग्रवाल, सतीश सिन्हा, प्रमोद मिश्रा, शिव कुमार शर्मा, मोर्चा अध्यक्ष अमित कुमार, आरती सिंह, ज्योतिरीश्वर सिंह, नीरज पासवान, सोना खान, राम कुमार पाहन, अमरजीत यादव, रविनाथ किशोर सहित अन्य शामिल थे।

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