माया से दूरी सिर्फ MP-छत्तीसगढ़ ही नहीं, 2019 में भी बिगाड़ेगा कांग्रेस का खेल

NewsCode | 21 September, 2018 1:44 PM
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नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने का सपना देख रही कांग्रेस को बसपा अध्यक्ष मायावती ने करारा झटका दिया है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से बगावत कर अलग पार्टी बनाने वाले अजीत जोगी के साथ बसपा ने हाथ मिला लिया है। वहीं, बीएसपी ने मध्य प्रदेश में भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है।

बसपा के तेवर से स्पष्ट है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन की सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं। बीएसपी के कांग्रेस संग न आने से बीजेपी को एक बार फिर सत्ता को बचाए रखने की आस नजर आ रही है। वहीं, तीन राज्यों के चुनाव के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का बनता राजनीतिक समीकरण अब बिगड़ता दिख रहा है।

बता दें कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी 15 साल से सत्ता पर काबिज है। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस नेता बसपा के साथ गठबंधन की कोशिशें कर रहे थे, लेकिन मायावती ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी तीन बार से सत्ता पर काबिज है। लेकिन कांग्रेस और बीजेपी के बीच महज एक फीसदी वोट का अंतर है। जबकि बीएसपी को पिछले चुनाव में 4.5 फीसदी वोट मिले थे। 2013 के चुनाव में राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने 49 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 39 और बसपा को एक सीट मिली थी।

बहरहाल, मायावती और जोगी के बीच हुए गठबंधन में 35 सीटें बसपा के खाते में आई हैं और 55 सीटों पर जोगी जनता कांग्रेस को मिली है। जोगी के पास जहां आदिवासी वोट है वहीं बीएसपी के पास दलित मतदाताओं पर अच्छी पकड़ है। कांग्रेस नेता भी मानते हैं कि राज्य में दो दर्जन सीटें ऐसी हैं जहां बसपा के चलते नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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मध्यप्रदेश की बात करें तो बीएसपी ने 230 सीटों में से 227 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। बसपा यहां 6.42 फीसदी वोट के साथ चार सीटें जीतने में सफल रही थी। राज्य 75 से 80 सीटों पर बसपा प्रत्याशियों ने 10 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे। जबकि बीजेपी और कांग्रेस के बीच 8.4 फीसदी वोट शेयर का अंतर था। बीजेपी को 165 सीटें और कांग्रेस को 58 सीटें मिली थीं।

चित्रकूट विधानसभा सीट पर उपचुनाव में बीएसपी के न लड़ने का फायदा कांग्रेस को मिला था। इसी मद्देनजर कांग्रेस बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जैसे पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की कोशिश कर रही थी।लेकिन मायावती ने गुरुवार को अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके कांग्रेस के साथ गठबंधन के कयासों पर विराम लगा दिया है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में बीएसपी का आधार यूपी से सटे इलाकों में अच्छा खासा है। चंबल, बुंदेलखंड और बघेलखंड के क्षेत्र में बसपा की अच्छी खासी पकड़ है। कांग्रेस के साथ बसपा का न उतरना शिवराज के लिए अच्छे संकेत माने जा रहे हैं।

बसपा का कांग्रेस के साथ न आना राहुल गांधी के विपक्षी एकता के प्रयासों को झटका माना जा रहा है। इसके चलते कांग्रेस को जहां मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ बसपा रहे, ये कहना मुश्किल है। बसपा 2019 में भी इसी तरह से अलग होकर लड़ती है तो कांग्रेस को कई राज्यों में दलित मतों का नुकसान झेलना पड़ सकता है। बीजेपी और कांग्रेस के बाद बीएसपी एकलौती पार्टी है जिसका आधार राष्ट्रीय स्तर पर है।

बीएसपी ऐसा ही रुख उत्तर प्रदेश में भी दिखा सकती है। मायावती हाल ही में कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलेंगी तभी वो महागठबंधन का हिस्सा बनेगी वरना अकेले चुनाव लड़ेगी। ऐसा होने पर कांग्रेस की विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कमजोर पड़ सकती है।


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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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रांची : युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे- गिलुवा

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 7:35 PM
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रांची। युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर होता रहे। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए कही।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को सादर नमन करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अटल जी के नेतृत्व में राज्य का गठन किया। इसे सजाने और संवारने का प्रयास चल रहा है।

गिलुवा ने कहा कि भाजपा सरकार प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भगवान बिरसा मुंडा के सपनों के अनुरूप अटल संकल्प के साथ भयए भूख-भ्रष्टाचार मुक्त विकसित झारखंड का स्वप्न साकार करने का प्रयास कर रही है।

शुभकामना देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू, विद्युतवरण महतो, उषा पांडेय, सत्येन्द्र तिवारी, समीर उरांव, आदित्य साहू, प्रिया सिंह, प्रदीप वर्मा, प्रदेश महामंत्री सुनील कुमार सिंह, दीपक प्रकाश, अनंत ओझा, प्रदेश मंत्री नवीन जयसवाल, मुनेश्वर साहू, मनोज सिंह, सुबोध कुमार सिंह गुड्डू, नूतन तिवारी, सरिता श्रीवास्तव, प्रशिक्षण प्रमुख गणेश मिश्र, प्रदेश कोषाध्यक्ष, महेश पोद्दार, प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबीद, राजेश शुक्ला, दीनदयाल वर्णवाल, प्रतुल शाहदेव, प्रवीण प्रभाकर, अनिल सिन्हा, मिसफीका हसन, प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह प्रभारी संजय जयसवाल, सांवरमल अग्रवाल, सतीश सिन्हा, प्रमोद मिश्रा, शिव कुमार शर्मा, मोर्चा अध्यक्ष अमित कुमार, आरती सिंह, ज्योतिरीश्वर सिंह, नीरज पासवान, सोना खान, राम कुमार पाहन, अमरजीत यादव, रविनाथ किशोर सहित अन्य शामिल थे।

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