500 साल पहले कोलंबस ने चंद्र ग्रहण का डर दिखाकर लोगों को ऐसे बनाया था ‘उल्लू’

NewsCode | 26 July, 2018 9:29 AM
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नई दिल्ली। 27 जुलाई को इस सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य एक सीधी रेखा में आ जाएंगे और पृथ्वी की गहरी छाया चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेगी। अब तो लोग चंद्र ग्रहण के खूबसूरत नजारे को अपनी आंखों में बसाने को उत्सुक रहते हैं लेकिन एक समय ऐसा भी था कि जब लोग चंद्रग्रहण से भयभीत रहते थे। प्राचीन समय में लोग चंद्रग्रहण को विनाश का संकेत मानते थे और इस खगोलीय घटना से बुरी तरह डर जाते थे।

प्रचलित कहानियों में चंद्रग्रहण को लेकर एक ऐसा ही दिलचस्प उदाहरण मिलता है। ये कहानी करीब 500 साल पहले को है जब अमेरिका की खोज करने वाले महान यात्री क्रिस्टोफर कोलंबस विश्व भ्रमण पर निकला था। कोलंबस चंद्र ग्रहण की घटना से अच्छी तरह वाकिफ था और 29 फरवरी 1504 को उसने इस चीज का भरपूर फायदा उठाया।

स्पेस.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलंबस और उसके साथी यात्रा के दौरान एक द्वीप में 6 महीनों तक फंसे रह गए थे। अब इस द्वीप को जमैका के नाम से जाना जाता है। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, स्थानीय लोगों की उदारता और मेहमाननवाजी में कमी आने लगी। उन लोगों ने कोलंबस और उसके साथियों को खाना खिलाना बंद कर दिया।

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तब कोलंबस ने आने वाले पूर्ण चंद्रग्रहण का फायदा उठाया। उसके पास जर्मन खगोलविद जोहान्स मूलर का एक कैलेंडर था जिससे उसे पहले ही पता चल गया था कि 29 फरवरी 1504 को पूर्ण चंद्रग्रहण पड़ने वाला है। कोलंबस ने इस परिस्थिति से निपटने के लिए एक चाल चली। उसने वहां के लोगों से कहा कि उनका भगवान बहुत नाराज है क्योंकि वे उन्हें खाना नहीं खिला रहे हैं। कोलंबस ने उन लोगों के मुखिया से कहा कि इसलिए अब उनका भगवान चंद्रमा को गायब कर देगा और 3 दिनों के भीतर चंद्रमा गुस्से से लाल हो जाएगा।

रविवार की रात को जब वाकई ब्लड मून आसमान में दिखा तो स्थानीय लोग सन्न रह गए। भयभीत होकर वे कोलंबस और उसके साथियों को उनकी जरूरत का सारा सामान उपलब्ध कारने के लिए राजी हो गए। उन्होंने कोलंबस से कहा कि वह अपने भगवान से कहें कि वह आसमान में रोज निकलने वाला चंद्रमा लौटा दें।

दुनिया के महान यात्री क्रिस्टोफर कोलंबस ने लोगों से कहा कि उन्हें अपने भगवान से बात करने के लिए थोड़ी देर एकांत में छोड़ना होगा। इसके बाद उसने खुद को लगभग 50 मिनट के लिए एक कमरे में बंद कर लिया। कोलंबस ने चंद्रग्रहण के चरणों का सटीक अंदाजा लगाने के लिए बालू घड़ी का इस्तेमाल किया।

चंद्र ग्रहण खत्म होने के कुछ मिनट पहले कोलंबस कमरे से बाहर निकले और लोगों के सामने ऐलान कर दिया कि उनके भगवान ने सबको माफ कर दिया है और अब वह धीरे-धीरे आसमान में चांद लौटा देंगे।

क्रिस्टोफर कोलंबस के इस ऐलान के तुरंत बाद ही धीरे-धीरे चांद नजर आने लगा क्योंकि गणना के मुताबिक चंद्रमा पृथ्वी की छाया से बाहर निकल चुका था। लोग अवाक रह गए। उन्हें यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगा। उन लोगों ने कोलंबस और उसके साथियों को हिस्पोनिया से राहत दल के ना आने तक खिलाया-पिलाया।  फिर कोलंबस और उसके साथी 7 नवंबर को स्पेन लौट आए।

सांस्कृतिक खगोलविद हैम्चर ने कहा कि आसमान के बारे में भविष्यवाणी करना आसान है लेकिन जब कुछ असामान्य होता है और इस रोजमर्रा के ढांचे में पूरी तरह फिट नहीं बैठता है तो इससे लोगों के मन में हैरानी या डर का भाव जग जाता है।

उदाहरण के तौर पर, ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय लोग लाल रंग को बुराई, खूनी या अग्नि से जोड़कर देखते हैं। आसमान में सामान्यत: कुछ भी ऐसा नहीं नजर आता है जिसका रंग लाल हो। लेकिन यहां के कुछ लोग समझते हैं कि अगर आसमान में लाल रंग नजर आना किसी बुरी घटना का संकेत है।

प्राचीन मेसोपोटामियन मिथकों में भी चंद्रग्रहण को सात राक्षसों के आक्रमण का परिणाम बताया गया है। नैशनल जियोग्राफिक के मुताबिक, पेरू के लोग ग्रहण को चंद्रमा पर किसी के आक्रमण की तरह देखते थे। चंद्रमा और पृथ्वी को बचाने के लिए पेरू के सम्राट चंद्रमा की तरफ भाले फेंकते थे, खूब शोर मचाते थे और अपने कुत्तों की चीख निकालने के लिए उन्हें पीटते थे।

हैम्चर कहते हैं कि अलग-अलग संस्कृतियां अपने आस-पास की दुनिया को अलग-अलग तरह के अर्थ देती हैं। अब लगभग पूरी दुनिया में इस खगोलीय घटना को लेकर लोग जागरुक है और उन्हें इसका वैज्ञानिक कारण पता है। ऐसे में अब हम जानते हैं कि इसमें डरने जैसा कुछ नहीं है। अब लोगों को पता है कि चांद का लाल रंग वातावरण में होने वाली घटनाओं का नतीजा है और कुछ नहीं।

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14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
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नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


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रांची : मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने किया कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का शुभारंभ

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:38 PM
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रांची। राज्य के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने आज मोरहाबादी स्थित पार्क प्लाजा के दूसरे तल्ले में कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने आशा जतायी कि यह सर्विसेज आम जनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

कंफर्ट लाइव सर्विसेज में फ्लैट खरीद- बिक्री, स्वास्थ्य बीमा, अवधि बीमा, म्युचुअल फंड, एसआईपी एवं वाहनों की बीमा आदि की सुविधा लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

शुभारंभ के मौके पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, चंद्रशेखर महतो, संचालक राजेश कुमार, रंजना चौधरी, गीता महतो, कल्पना मुखिया, संतोष  मुखिया, अमित साव एवं अजय श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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भोगनाडीह : झामुमो ने संथाल को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:36 PM
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भोगनाडीह  में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए

भोगनाडीह। राज्य को संथाल परगना ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से तीन तीन मुख्यमंत्री दिये,  लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया वो गरीब आदिवासी, वंचित दलित की अनदेखी कर अर्थपेटी और मतपेटी भरने का कार्य किया।

साथ ही संथाल परगना को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया। सबसे ज्यादा आदिवासियों की जमीन लूटने का काम सोरेन परिवार ने किया है। आज सीएनटी-एस पीटी एक्ट के उल्लंघन कर विभिन्न शहरों में आदिवासियों की जमीन ले ली।

जबकि संथाल परगना समेत राज्य भर में यह कह कर गुमराह किया गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आएगी तो आदिवासी की जमीन लूट लेगी। क्या 4 साल सरकार द्वारा किसी आदिवासी की जमीन लूटी गई नहीं। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही।

बरहेट का प्रतिनिधित्व करने वाला कभी विधानसभा में सवाल नहीं उठाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहेट का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले ने कभी भी विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रश्न नहीं रखा, क्योंकि उसे पता ही नहीं है कि क्षेत्र की समस्या क्या है ऐसे में विकास के कार्य कैसे सम्पन्न होंगे।

लोगों को यह सोचना चाहिए और स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे वोकिसी पार्टी का हो।

कार्यकर्ता पार्टी का प्राण, पार्टी के लिए राष्ट्र पहले

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जहां वंशवाद और परिवार नहीं। एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री और मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है। मैं भी बूथ स्तर का कार्यकर्ता था।

पार्टी के लिए समर्पण भाव से कार्य करते हुए 1995 में विधायक बना और अब मुख्यमंत्री हूं। आप भी ईमानदारी से कार्य करें। सरकार की योजनाओं को जन जन पहुंचाये। पार्टी के वविभिन्न मोर्चा के लोग इस कार्य में लगे। क्योंकि पार्टी के लिए राष्ट्र पहले है।

इस राष्ट्र को और मजबूत करने के लिए वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना चुके प्रधानमंत्री  के हाथों को मजबूत करें। इस अवसर पर अनंत ओझा,  धर्मपाल सिंह, हेमलाल मुर्मू समेत अन्य मौजूद थे।

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