Video : फुटबॉल के सहारे रांची से रशिया तक पहुँची शीतल टोप्पो

NewsCode Jharkhand | 15 July, 2018 8:45 PM
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रांची। जब अपने गाँव में लड़कों को फुटबाल खेलते देखती थी तो मन में काफी ईक्षा होती थी कि मैं भी फुटबॉल खेलूं। लेकिन तब शीतल टोप्पो ने कभी सोचा भी नहीं था की एक दिन वो रशिया जाकर फुटबॉल खेलेगी।

शीतल के गाँव बरटोली में लड़कियां फटबॉल नहीं खेलती थी तब उसे लगता था कि वो भी कभी नहीं खेल पायेगी, लेकिन उसकी यह इक्षा पास ही के गाँव में रहने वाले आनंद और हीरालाल महतो ने 2 अक्टूबर 2013 को पूरी कर दी।

आनंद और हीरालाल ने शीतल और उसके आस पास के गाँव में लड़कियों को फुटबाल की ट्रेनिंग देना शुरू किया।

पहले तो शुरू में आनंद और हीरालाल को बड़ी दिक्कत हुई लेकिन बाद में “OSCAR FOUNDATION” की मदद से इन दोनों ने अपने अभियान को काफी बड़ा कर दिया।

 

अब “OSCAR FOUNDATION” की मदद से ये दोनों लगभग 8 पंचायतों मे 650 से अधिक बच्चों को फुटबॉल की ट्रेनिंग दे रहे हैं। अब “OSCAR FOUNDATION” की मदद से ये दोनों लगभग 8 पंचायतों मे 650 से अधिक बच्चों को फुटबॉल की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

शीतल भी उन्ही 650 बच्चों में से एक है जिसकी शुरूआत तो गाँव में फुटबॉल देखने से हुई थी लेकिन अब तक वो कई राज्यों में फुटबाल खेली और जीत कर भी आई।

माँ ने राईस बियर बेचकर करवाई शीतल की पढ़ाई

शीतल की जिंदगी भी गाँव में रहनी वाली और लडकियों जैसी ही रही है, वो चार भाई बहन है जिसमे बड़ी बहन की शादी हो गई है और वो, छोटी बहन और भाई पढ़ाई कर रहे हैं।

शीतल के पिता किसान है लेकिन वह अपने परिवार को ज्यादा मदद नहीं कर पाते है किन्तु शीतल की माँ उसकी आदर्श है जिन्होने हडिया (राईस बियर) बेचकर शीतल और उसके भाई-बहनो की अच्छी परवरिश की और उन्हे आगे बढ़ने का मौका दिया।

“तुम-लोग क्या फुटबॉल खेलोगी जाओ घर जाकर चूल्हा-बर्तन सम्भालो”

जब शीतल ने फुटबॉल खेलना शुरू किया तो उसे कई कठनाईयों का सामना करना पड़ा था। गाँव के लोग खासकर वो लड़के जो फुटब़ॉल खेलते थे उसे और उसकी साथियों को काफी परेशान करते थे फील्ड में खलने नहीं देते है और कहते थे “तुम-लोग क्या फुटबॉल खेलोगी जाओ घर जाकर चूल्हा-बर्तन सम्भालो”।

लेकिन जब उसने खेलना चालू किया तो ऐसा खेला कि आज उसका घर ट्रोफी और मेड़ल से भर गया है और अब उसे कोई परेशान नहीं करता है सभी उसपर गर्व करते हैं और आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करते हैं।

 

फुटबॉल नहीं खेल रही होती तो शायद कहीं मजदूरी कर रही होती

शीतल नें बहुत भाबुक होकर बताया कि आज वो फुटबॉल नहीं खेल रही होती तो शायद कहीं मजदूरी कर रही होती क्योंकि गाँव में 10वीं कक्षा के बाद पढ़ने के लिये स्कूल नहीं हैं जिसके कारण वो भी बाकी बच्चों की तरह पढ़ नहीं पाती और अंत में पैसों के लिये मजदूरी कर रही होती।

माता-पिता ने उसे कभी फुटबॉल खेलने से नही रोका

लेकिन शीतल के माता-पिता ने उसे कभी फुटबॉल खेलने से नही रोका जिसके कारण ही आज वो अपने घरवालों का, गाँव का और झारखंड का नाम रोशन कर रही है। भविष्य में उसकी इक्षा है कि वो भी अपने देश के लिये फुटबॉल खेले और विश्वकप जीत कर लाये।

अभी शीतल पढ़ भी रही है और साथ में गाँव के बच्चों को फुटबॉल भी सिखा रही है।


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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
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बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

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रांची : स्थापना दिवस- नव चयनित शिक्षक ड्रेस कोड में होंगे शामिल

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:06 PM
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रांची। राज्य स्थापना दिवस का मुख्य समारोह मोरहाबादी मैदान में होगा। इसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की अनुशंसा के बाद चयनित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (पीजीटी) शामिल होंगे। राज्य के सभी जिलों में कुल 1235 पीजीटी शिक्षकों का चयन किया गया है।

इनमें रांची जिला के लिए 130 शिक्षक हैं। इन सभी नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को ड्रेस कोड में शामिल होने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है।

स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) अशोक कुमार शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत वर्मा और जिला शिक्षा अधीक्षक सी. विजय सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सोमवार को जिला स्कूल में रांची जिले के लिए चयनित पीजीटी शिक्षकों के साथ नोडल पदाधिकारी ने बैठक दी।

नोडल पदाधिकारी सह डीएसई रांची सी. विजय सिंह ने नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। निर्धारित ड्रेस कोड में पुरुष शिक्षकों के लिए क्रीम कलर फुल शर्ट, ब्लैक फुल पैंट, मैरून टाई, मैरून स्वेटर या ब्लेजर, पॉकेट नेम प्लेट, ब्लैक शू व डॉ राधाकृष्णन जैसी पिंक कलर की पगड़ी निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार महिलाओं के लिए मैरून कलर की साड़ी या पायजामा, ब्लैक जूती या सैंडल और पिंक पगड़ी में आने का निर्देश नोडल पदाधिकारी ने दिया है।

नोडल पदाधिकारी ने समारोह स्थल पर सुबह आठ बजे तक नव चयनित शिक्षकों को रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया। कहा कि समारोह स्थल पर पहुंचने के साथ शिक्षक अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। शिक्षकों को मोबाइल साइलेंट मोड में रखने का निर्देश दिया है।

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