नारायणपुर : रामचरितमानस महायज्ञ, नारायणपुर प्रखंड के करमदाहा में आयोजन

NewsCode Jharkhand | 2 April, 2018 7:54 AM
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नारायणपुर (जामताड़ा)। प्रखंड के करमदाहा में आयोजित रामचरितमानस महायज्ञ के तीसरे दिन के प्रवचन में जानकी शास्त्री जी ने भक्तों को भगवान की कथा सुनाई। उन्होंने सीताराम रटहू येही देहिया में येही तनवा में राजा राम रखउहू अपन मनवा में, गीत से प्रवचन की शुरूआत की।

उन्होंने कहा कि नारी को मां, भाभी, पत्नी, बहन न जाने कितने रिश्तों को निभानी पड़ती है। लोग अपनी कमाई का दसवां हिस्सा पुण्य के कार्य में लगाए। ऐसा करने से कोर्ट-कचहरी बीमारी का चक्कर नहीं लगेगा।

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मधुर वाणी बोलिए ऐसा परमात्मा कह गए है। स्नान कर तुलसी में जल दें लाभ होगा परंतु लोगों के पास ऐसा करने का वक्त ही नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाली समुदाय में भक्ति ज्यादा होती है। जैसा भोजन करेंगे वैसा ही मन रहेगा। इसलिए शुद्ध भोजन ही करना चाहिए।

पति-पत्नी का रिश्ता भगवान और भक्त का है। पत्नी को चाहिए कि वह पति की सेवा करें। उन्होंने कहा कि घर को मंदिर बनाएं तीर्थ करने के लिए कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सास को गौरी, ससुर को शंकर बनाए। ननद को दुर्गा समझे पति परमेश्वर है ऐसे घरों में सुख शांति होगी।

आयोजन को सफल बनाने में मनमोहन सिंह, उत्तम मंडल, संदीप मंडल, जयदेव मंडल, कृष्णा दास, बलदेव मंडल, परेश दास आदि ने अपनी अहम भूमिका निभाई।

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देवघर : बहनों का पैगाम सियाचिन में तैनात फौजी भाईयों के नाम

NewsCode Jharkhand | 14 August, 2018 4:31 PM
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सियाचिन में तैनात सैनिकों के लिए अनूठी पहल, भेजी जा रही है राखियां

देवघर। सियाचिन में तैनात सैनिकों के लिए देवघर की स्‍कूली छात्राओं ने अनूठी पहल की है। स्‍कूली छात्राएं फौजी भाईयों के नाम चिट्ठियां लिख रही है तथा साथ में राखियां भी भेज रही हैं। ये कलात्‍मक राखियां छात्राओं ने अपनी हाथों से बनाई है। चिट्ठियां इतनी भावुक है कि पढ़ने से आंख में आंसू आ जाते हैं।

ऊंची-ऊंची पर्वत श्रृंखला तथा हड्डी गला देने वाला बर्फ, इन विषम परिस्थितियों में हमारे देश के जवान सरहद की हिफाजत में संलग्‍न हैं। रक्षाबंधन, होली, दिवाली सहित अन्‍य त्‍योहारों को भूलकर दिन-रात सीमा की हिफाजत में लगे हुए हैं।

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देवघर के बरमसिया स्थित विवेकानंद विद्यालय की छात्राओं ने फौजी भाईयों के दुख-दर्द को समझा है। अपने शिक्षकों के सहयोग से उनलोगों ने राखी और चिट्ठियां तैयार की है।

चिट्ठियों में व्‍यक्‍त भाव को पढ़ने पर आंखे भर आती है। एक छात्रा लिखती है कि फौजी भैया मैं आपको नहीं जानती, आप भी मुझे नहीं जानते, लेकिन भाई-बहन के रिश्ते को तो आप जानते होंगे। आप इस कड़ाके की ठंड में देश की रक्षा कर रहे हैं। मैं आपके लिए कुछ नहीं कर सकती। आपकी छोटी बहन आपको राखी भेज रही है, ताकि कलाई सुनी न रहे। कृपया आप अपनी छोटी बहन का प्यार स्वीकार कीजिएगा।

देवघर : बहनों का पैगाम सियाचिन में तैनात फौजी भाईयों के नाम

इस तरह की और भी कई चिट्ठियां लिखी गई है। धीरे-धीरे एक निजी संस्था के जरिए पत्रों और राखियों को सियाचिन भेज दिया जाएगा। चिट्ठियां भी साधारण नहीं, उसे तिरंगे के रंग से रंगा गया है तथा देखने में बहुत ही आकर्षक है।

स्‍कूल की प्रधान शिक्षिका श्वेता शर्मा ने बताया कि पहले छात्राओं को सियाचिन पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री सिनेमा दिखाई गई। छात्राओं ने देखा कि किस तरह वहां विषम परिस्थितियों में सैनिक भाई देश की सेवा में रत हैं। उसके बाद चिट्ठियां और राखियां भेजने का निर्णय लिया गया। 100 से ज्यादा पत्र और राखियां भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। धीरे-धीरे भेजना शुरू भी कर दिया गया है।

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बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 4:17 PM
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बोकारो। झारखंड सरकार के मंत्री अमर बाउरी ने स्‍वाधीनता दिवस के मौके पर बोकारो में तिरंगा फहराया लेकिन उन्‍होंने इस दौरान पैरों में चप्‍पलें पहन रखी थी। मान्‍य परंपरा के अनुसार जूते और चप्‍पलें पहन कर तिरंगा फहराना मर्यादा के प्रतिकूल है और राष्‍ट्र ध्‍वज का अपमान है। राज्‍य सरकार के मंत्रियों से कम से कम, राष्‍ट्र ध्‍वज के सम्‍मान में इस प्रकार की लापरवाही की उम्‍मीद नहीं की जा सकती।

बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

वहीं दूसरी ओर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गिरिडीह जिले के बीजेपी सांसद रविन्द्र कुमार पांडेय ने भी बोकारो में चप्पल पहनकर ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

तिरंगे के सम्‍मान की अनदेखी की रही-सही कमी बोकारो में कांग्रेस पार्टी के नेता डॉ पी नैय्यर ने पूरी कर दी। बीजेपी के मंत्री और सांसद ने तो चप्‍पलें पहन कर तिरंगा फहराया था लेकिन कांग्रेस के नेता डॉ पी नैय्यर ने जूते पहनकर ही तिरंगा फहराया।

बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

मतलब साफ है कि तिरंगे का अपमान करने में कोई किसी से कम नहीं रहा। इन माननीयों को उस मिट्टी पर भी, थोड़ी दूर नंगे पैर चलने में कष्‍ट का अनुभव होता है जिस मिट्टी को अमर शहीदों ने अपने खून से सींचा है। जो तिरंगे को फहराने से पहले अपने पैरों से जूते-चप्‍पल नहीं उतार सकते, उनसे ये उम्‍मीद करना बेकार है कि कभी वे इस मिट्टी को अपने माथे से लगाएंगे। कहने को तो ये सभी माननीय जन प्रतिनिधि हैं लेकिन इनके कृत्‍यों से जनता क्‍या सीख लेगी ये विचारणीय है। शायद इन्‍हें ये पता नहीं है कि चाहे राष्‍ट्र ध्‍वज हो या धर्म ध्‍वज, इन्‍हें नंगे पैर फहराया जाता है। ध्‍वज के प्रति सम्‍मान प्रकट करने की ये परंपरा है।

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सरायकेला : ड्यूटी से लौट रहे दो रेलकर्मी सगे भाई की करंट लगने से दर्दनाक मौत

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 4:05 PM
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सरायकेला। सरायकेला थाना के सीनी ओपी अंतर्गत आज  ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे मोटरसाईकिल सवार रेलवे के दो चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की बिजली की नंगी तार की चपेट में आने से मौत हो गयी। मृतक 40 वर्षीय भोला महतो तथा 28 वर्षीय ईश्वर महतो दोनों ही सगे  भाई थे तथा रेलवे में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी थे।

ड्यूटी खत्म कर लौट रहे थे

बताया जा रहा है, कि आज सुबह दोनों भाई अपनी ड्यूटी खत्म कर मोटरसाईकिल से अपने घर उलीडीह लौट रहे थे, तभी सिंदरी गांव के पास नंगी लटकी बिजली के तार के चपेट में वे दोनों आ गये। जिससे करंट लगने से दोनों की मौत हो गयी।

वहीं तत्काल दोनों  को स्थानीय लोग और पुलिस की मदद से सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उधर इस घटना की सूचना पाकर मृतक के परिजनों के अलावा रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी तथा खरसांवा विधायक दशरथ गागराई सदर अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इधर रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया  है कि रेलवे के प्रावधानों के अनुरुप मृतक के परिजनों को सभी लाभ दिये जायेंगे।

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पांच हजार की तत्काल आर्थिक सहायता मिली

वहीं मृत कर्मचारियों के दाह संस्कार व अन्य कार्य के लिए रेलवे वेलफेयर एसोसिएशन ने बीस हजार रुपये तथा इंडियन रेलवे सिग्नल व टेलिकॉम विभाग की ओर से पांच हजार की तत्काल आर्थिक सहायता दी गयी है।  उधर बिजली की नंगी तार सड़क किनारे झूलने तथा इस घटना के होने से लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

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