जामताड़ा : पुलिस ने साइबर क्राइम का किया खुलासा, 13 अपराधी गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 3 April, 2018 9:15 PM

भाषाई आधार पर क्षेत्र विशेष में साइबर अपराध को देता था अंजाम

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छत्तीसगढ़ से आयी थी पुलिस, 21 बैंक खाता, छह एटीएम सहित कई सामान बरामद

जामताड़ा। सोमवार को जिले के जामताड़ा, नारायणपुर व करमाटांड थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पुलिस छापेमारी में 13 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को इन 13 में से 11 आरोपियों को जामताड़ा जेल भेज दिया गया। जबकि तीन आरोपियों को छत्तीसगढ़ पुलिस अपने साथ ले गई।

छापेमारी में गिरफ्तार साइबर आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 21 बैंक खाता, छह एटीएम कार्ड, 21 बड़ा-छोटा मोबाइल एवं 07 फर्जी सिम पुलिस ने जब्त किया है। उक्त जानकारी मंगलवार को साइबर थाना में प्रेस वार्ता का आयोजन कर साइबर डीएसपी सुमित कुमार ने दी।

छत्तीसगढ़ सीटी कोतवाली सदर थाना में था मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ सीटी कोतवाली थाना सदर के इंस्पेक्टर व नारायणपुर थाना प्रभारी अजय कुमार के संयुक्त नेतृत्व में नारायणपुर, जामताड़ा व करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बांस पहाड़ी, शंकरपुर, झिलुवा,पाकडीह आदि गांव में छापेमारी कर चार साइबर आरोपियों क्रमश: शंकरपुर निवासी भागीरथ पंडित, बांसपहाडी निवासी सह राम-लखन होटल के संचालक लखन मंडल, विकास मंडल,पाकडीह निवासी गांधी राणा को गिरफ्तार किया गया। इन चारों में से लखन मंडल को जामताड़ा जेल भेजा गया वहीं शेष तीन आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ पुलिस अपने साथ ले गई।

15 दिनों से पुलिस कर रही थी जांच

छत्तीसगढ़ पुलिस कोतवाली थाना में दर्ज 35 हजार रुपए अवैध निकासी की पड़ताल करने पहुंचे थी। जांच के क्रम में करोड़ों रुपए साइबर अपराध करने का मामला प्रकाश में आया है। सीटी कोतवाली थाना इंसपेक्टर मोहर मंडल ने बताया कि थाना में दर्ज मामले के अनुसंधान को ले गत 15 दिनों से बिहार के मुंगेर व झारखंड के जामताड़ा, देवघर व गिरिडीह जिला में भ्रमण कर रहा था। ये चारों साइबर अपराध में प्रमुख सरगना है।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी, सात गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा की गई छापेमारी में जामताड़ा व करमाटांड थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सात साइबर आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अधीक्षक को जामताड़ा व करमाटांड थाना क्षेत्र के सियाटांड, सोनबाद व रामपुर में साइबर आरोपियों के बारे में सूचना मिली थी। इस निमित छापेमारी दल का गठन कर गिरफ्तारी करने का निर्देश दिया गया।

छापेमारी के क्रम में सोनबाद गांव से गौतम दत्ता, राजीव नाग, मालू दां वहीं सियाटांड से गुड्डू मंडल, रामनाथ मंडल, रामपुर गांव से पलटन मंडल के दोनों पुत्र क्रमश: विष्णु मंडल व हरेंद्र मंडल को बांस की झाड़ी में साइबर अपराध को अंजाम देते गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से साइबर अपराध में प्रयोग किये गये मोबाइल फोन व फर्जी सिम भी जब्त किया गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध जामताड़ा साइबर थाना मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।

गुड्डू मंडल पूर्व के मामले में भी संलिप्त

करमाटांड थाना क्षेत्र के सियाटांड निवासी भूनी मंडल का पुत्र गुड्डू मंडल पूर्व में दर्ज साइबर मामले में भी संलिप्ता है। पूर्व में दर्ज साइबर मामले में गुड्डू मंडल का नाम दर्ज है। पुन: उसके नाम पर मामला दर्ज किया गया। वहीं जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद गांव से गिरफ्तार आरोपी बांग्‍ला भाषी है इसी कारण ये पश्चिम बंगाल व दार्जलिंग क्षेत्र को लक्ष्य निर्धारित कर साइबर अपराध को अंजाम देता था। इसी प्रकार सियाटांड गांव से गिरफ्तार गुड्डू मंडल व रामनाथ मंडल दक्षिण भारत व मध्य भारत को टारगेट बनाया था। इसके द्वारा इन्हीं क्षेत्र के लोगों के बैंक खाता से राशि उड़ाने का मामला है।

नाला व कुंडहित से एक-एक साइबर आरोपी गिरफ्तार

बीती रात नाला पुलिस ने छापेमारी कर नाला व कुंडहित से एक-एक साइबर आरोपी को गिरफ्तार किया है। नाला से निमाई घोष वहीं कुंडहित से दिलीप घोडई को गिरफ्तार किया गया है। निमाई घोष अपने एटीएम कार्ड का साइबर से अर्जित राशि निकासी में उपयोग करता था। एक साल में लगभग दो लाख से अधिक रुपए की निकासी करने का आरोप है। दिलीप घोड़ई भी अपने एटीएम का उपयोग साइबर अर्जित से पैसे के निकास में करता रहा है।

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छापेमारी दल में ये थे शामिल

पुलिस उपाधीक्षक साइबर क्राइम सुमित कुमार, साइबर थाना प्रभारी बाल्मिकी कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार, गंदूर उरांव, पुलिस अवर निरीक्षक अमृत सिंह व करमाटांड थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। इसी प्रकार नाला व नारायणपुर में भी थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापेमारी की गई।

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Paytm के मालिक को ब्लैकमेल कर मांगे 20 करोड़, महिला सेक्रेटरी समेत तीन गिरफ्तार

NewsCode | 23 October, 2018 12:13 PM
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नई दिल्ली। मशहूर मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम (Paytm) के कुछ खास कर्मचारियों द्वारा कंपनी के सीईओ विजय शेखर का पर्सनल डाटा चुराकर 20 करोड़ रुपए उगाही करने का मामला सामने आया है। मामले में नोएडा की थाना सेक्टर-20 पुलिस ने कंपनी की महिला वाइस प्रेसिडेंट, उसके पति और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।

नोएडा के एसएसपी अजय पाल शर्मा के मुताबिक विजय शर्मा ने उनसे शिकायत की थी कि कोई उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है। विजय शर्मा ने बताया कि 20 सितंबर को जब वे जापान में थे, उसी समय उनके पास थाइलैंड के एक नंबर से ब्लैकमेलर का फोन आया। उसने दावा किया कि विजय शर्मा के निजी डाटा उसके पास हैं। इसके एवज में ब्लैकमेलर ने 20 करोड़ की मांग की। साथ ही उसने कहा कि अगर उसे पैसे नहीं दिए गए तो वे पर्सनल डाटा सार्वजनिक कर देगा, जिससे विजय शेखर की छवि खराब हो जाएगी।

ब्लैकमेलर ने कहा कि उसके पास ये डाटा कंपनी के ही एडमिन डिपार्टमेंट में काम करने वाले राहुल और देवेंद्र से मिली है। इन दोनों कर्मचारियों को विजय शर्मा के पर्सनल डाटा कंपनी में सेक्रेटरी सोनिया धवन से मिली है। ब्लैकमेलर ने ये भी बताया कि उगाही की रकम का 10 प्रतिशत राहुल और देवेंद्र को दिया जाएगा। विजय शेखर के मुताबिक अपने ही कर्मचारियों की इस कारगुजारी पर उन्हें पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ। इससे वे तनाव में आ गए।

दो महीने से चल रही थी ब्लैकमेलिंग

विजय शेखर के भाई अजय शेखर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में लिखा कि उनकी कंपनी में सोनिया धवन और देवेंद्र कुमार काम करते हैं। सोनिया के पति का नाम रूपक जैन है। वह नोएडा में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। सोनिया धवन विजय शेखर की निजी सचिव के रूप में कंपनी में काम करती थीं।

सोनिया, रूपक और देवेंद्र कुमार ने ही साजिश करके विजय के निजी कम्प्यूटर से तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां चोरी कर लीं। डेटा चोरी करने के बाद इन लोगों को कोई ऐसा आदमी चाहिए था जो इनसे पैसे निकाल सके। इसके लिए कोलकाता में रोहित चोमल को खोजा गया। उसके बाद देवेंद्र ने कोलकाता जाकर रोहित को डेटा दिया।

सच्चाई जांचने के लिए जमा किए 2 लाख रुपये

डेटा मिल जाने के बाद 10 सितंबर 2018 को रोहित चोमल ने विजय शेखर को फोन किया। एक बार फोन करने के बाद फिर उन्हें वॉट्सऐप कॉल की। पहले 10 करोड़ रुपये मांगे। रोहित ने इन पैसों को बैंक में जमा कराने के लिए आईसीआईसीआई बैंक का खाता नंबर भी दिया।

पुलिस को दी शिकायत में अजय शेखर ने बताया कि 10 अक्टूबर को पहले 67 रुपये और फिर 15 अक्टूबर को 2 लाख रुपये इस खाते में ट्रांसफर भी कर दिए गए। पैसे ट्रांसफर हो जाने के बाद रोहित ने फिर 10 करोड़ रुपये की मांग शुरू कर दी। जब रोहित ने फिर से पैसे जमा करने के लिए प्रेशर बनाना शुरू किया तो उसके बाद अजय शेखर ने पुलिस में शिकायत कर दी।

शिकायत मिलने पर नोएडा पुलिस Paytm के सेक्टर पांच स्थित ऑफिस पहुंची और तीनों आरोपियों- सेक्रेटरी सोनिया, राहुल और देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड सोनिया है। उसे इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दबोचा गया।

बता दें कि पेटीएम साल 2012 में अस्तित्व में आई। आज 7 मिलियन लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद अधिकतर लोग Paytm मोबाइल ऐप के जरिये इसी ई-वॉलेट से भुगतान कर रहे थे। साल 2017 में कंपनी का करोड़ों का कारोबार रहा है।


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बिहार में 25 अक्टूबर से पॉलीथीन बैन, प्रयोग करने पर 1 लाख तक लगेगा जुर्माना

NewsCode | 23 October, 2018 1:14 PM
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पटना। बिहार में प्लास्टिक कैरी बैग के प्रयोग को प्रतिबंधित करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। 25 अक्टूबर से हर प्रकार के कैरी बैग के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। पटना हाई कोर्ट के आदेश पर बिहार सरकार ने ये फैसला लिया है।

आपको बता दें कि पहले पटना हाई कोर्ट के निर्देश पर प्रतिबंध 24 सितंबर से लगने वाला था लेकिन सरकार ने तैयारियों के लिए एक महीने का समय लिया था। पर्यावरण और वन मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक, पॉलीथीन के उत्पादन या बार-बार प्रयोग पर पांच साल की जेल और 1 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि सरकार ने अबतक के स्टॉक को खपाने के लिए 60 दिनों की मोहलत भी दी है। इसके बाद 15 दिसंबर से पॉलीथीन के प्रयोग पर दंड की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

बैन में सिर्फ प्लास्टिक कैरी बैग को प्रतिबंधित किया गया है जबकि बायो वेस्ट के संग्रहण और भंडारण के लिए प्रयोग होने वाले 50 माइक्रोन से अधिक के कैरी बैग पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा। साथ ही सभी प्रकार के खाद्य और अन्य पदार्थ की पैकेजिंग, दूध और पौधे उगाने के प्रयोग में आने वाले बैग भी इस बैन से मुक्त रहेंगे।

इससे पहले राज्य सरकार ने कोर्ट का भरोसा दिलाया था कि जरूरी नियमावली बनाने के बाद पूर्ण प्रतिबंध के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा बिहार सरकार ने कोर्ट में यह भी बताया कि 25 अक्टूबर से शहरों में पॉलिथीन के पूर्ण प्रतिबंध के बाद 25 नवंबर को राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी इस पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। यानी शहरों के एक महीना बाद गांवों में पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

पहले 24 सितंबर से बिहार में पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध का डेडलाईन पटना हाईकोर्ट की तरफ से दिया गया था लेकिन उस समय राज्य सरकार ने कहा था कि अभी इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। इसलिए अब खुद राज्य सरकार ने बिहार के शहरी क्षेत्रों को पॉलिथीन रहित करने के लिए 25 अक्टूबर की तारीख तय की है।


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सुप्रीम कोर्ट का फैसला – दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे के लिए जलाएं पटाखे

NewsCode | 23 October, 2018 11:35 AM
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नई दिल्ली। दिवाली के मौके पर पटाखों की बिक्री को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। सर्वोच्च अदालत ने कुछ शर्तों के साथ देश में पटाखा बिक्री को स्वीकृति दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि कोशिश की जाए कि कम प्रदूषण वाले पटाखों का इस्तेमाल हो ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान ना पहुंच पाए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इस दिवाली पर देश में पटाखे की गूंज जरूर सुनाई देगी और लोग धमाकेदार अंदाज में दिवाली मना पाएंगे।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा फोड़ने के लिए समयसारिणी जारी कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, दिवाली पर लोग रात 8 बजे से 10 बजे तक, क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11.45 बजे से 12.15 बजे तक ही पटाखे फोड़ पाएंगे। इसके अलावा कोई भी विक्रेता ऑनलाइन पटाखे नहीं बेच पाएगा।

बता दें कि जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने बीते 28 अगस्त को इस मसले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं के अलावा पटाखा व्यापारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत एनजीओ के पक्ष जाने थे। बेंच ने सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा था कि स्वास्थ्य के अधिकार और व्यापार में सामंजस्य बैठाने की जरुरत है।

पिछले साल कोर्ट ने लगाया था बैन

इससे पहले पिछले साल कोर्ट ने प्रदूषण के मद्देनजर दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। दिवाली से ठीक पहले 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगाते हुए अपने आदेश में यह भी कहा था कि कुछ शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री एक नवंबर, 2017 यानी दिवाली गुजर जाने के बाद फिर से की जा सकेगी।

2016 में दीवाली के बाद बढ़े प्रदूषण के मुद्दे पर दाखिल एक याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में दिल्ली-एनसीआर में पटाखे की बिक्री पर बैन लगा दिया था। हालांकि 12 सितंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर पाबंदी वाले आदेश में संशोधन कर दिया और कुछ शर्तों के साथ पटाखा विक्रेताओं के अस्थायी लाइसेंस की संख्या में 50 फीसदी कटौती करने का आदेश दिया था।

साथ ही कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दूसरे राज्यों से पटाखे लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के उक्त फैसले ने एक बार फिर नवंबर 2016 के पुराने आदेश को बहाल करते हुए दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दे दिया था।


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