त्योहारों पर रेल यात्रियों को राहत, 50% से कम सवारी वाली ट्रेनों से हटा फ्लेक्सी फेयर

NewsCode | 1 November, 2018 4:57 AM
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नई दिल्ली। त्योहारों के मौसम में रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ऐसी ट्रेनों से फ्लेक्सी फेयर पूरी तरह से हटाने की घोषणा की है, जिनमें 50 प्रतिशत से कम सीटों की बिक्री होती है। इसके अलावा सभी ट्रेनों के लिए फ्लेक्सी फेयर की अधिकतम सीमा को टिकट के आधार मूल्य के 1.5 गुणा के बजाय 1.4 गुणा किया गया है। पीयूष गोयल ने ट्विटर पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह रेलवे और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों पर किराये का बोझ कम होगा तो दूसरी तरफ डीमांड बढ़ने से रेलवे को भी फायदा होगा।

कम सीट बुकिंग वाली 15 रेलगाड़ियों से फ्लेक्सी किराया पूरी तरह हटा लिया गया है। 32 रेलगाड़ियों में ऑफ सीजन के दौरान यह प्रणाली लागू नहीं होगी, जबकि 101 रेलगाड़ियों में योजना लागू रहेगी।

इन ट्रेनों में किराया कम होगा

कम सीटें भरने के कारण जिन रेलगाड़ियों से फ्लेक्सी किराया योजना को हटाया जाएगा उनमें कालका-नई दिल्ली शताब्दी, हावड़ा-पुरी राजधानी, चेन्नै-मदुरै दुरंतो शामिल है। जिन ट्रेनों में ऑफ सीजन के दौरान फ्लेक्सी किराया लागू नहीं होगा, उनमें- अमृतसर शताब्दी, इंदौर दुरंतो, जयपुर दुरंतो, बिलासपुर राजधानी, काठगोदाम-आनंदविहार शताब्दी, रांची राजधानी सहित अन्य शामिल हैं।

साल भर से चल रही थी कवायद

रेलवे बोर्ड सूत्रों के मुताबिक बीते लगभग एक साल से फ्लेक्सी फेयर से राहत देने के लिए रेलवे कवायद कर रहा था। इस मामले में रेलवे बोर्ड ने एक कमिटी का भी गठन किया था। इस कमिटी ने अपनी रिपोर्ट भी दे दी लेकिन इसके बाद भी रेलवे में विभिन्न स्तरों पर कमिटी की सिफारिशों पर विचार किया गया। बोर्ड ने इन विकल्पों पर विचार करके रेल मंत्री को फाइल भेजी थी।

किन ट्रेनों में है फ्लेक्सी फेयर सिस्टम

राजधानी, शताब्दी और दुरंतों जैसी प्रीमियम ट्रेनों में पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु के कार्यकाल में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू किया गया था। इनमें 44 राजधानी, 52 दुरंतो और 46 शताब्दी गाड़ियां शामिल थी। इस सिस्टम के तहत एक तय सीमा में सीटें बुक होने के बाद किराये में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, जो अधिकतम 50 फीसदी तक होती है।

इस वजह से पूरी राहत नहीं

फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू होने के बाद से ही रेलवे को इन ट्रेनों से होने वाली आमदनी में 600 से 700 करोड़ रुपये सालाना का फायदा होता है। रेलवे की समस्या यह है कि अगर फ्लेक्सी फेयर को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाता है तो रेलवे की यह अतिरिक्त आमदनी खत्म हो जाएगी। ऐसे में इसकी भरपाई कैसे होगी। इसी वजह से यह विकल्प दिया गया है कि पूरी तरह से स्क्रैप करने की बजाय स्कीम में कुछ बदलाव करके यात्रियों को थोड़ी राहत दी जाए।


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दुमका : समाज कल्याण मंत्री ने रेल मंत्री से की बिक्रमशीला एक्सप्रेस का दुमका तक विस्तार करने की मांग

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 2:19 PM
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दुमका। झारखंड की समाज कल्याण मंत्री सह दुमका की विधायक डा. लुईस मरांडी ने केन्द्रीय रेल मंत्री पियुष गोयल से पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के सपनां के अनुरूप राज्य की उपराजधानी दुमका को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने के लिए भागलपुर,देवघर व रामपुरहाट तक आनेवाले ट्रेनों का विस्तार दुमका तक करने की मांग की है।

स्माज कल्याण मंत्री डाक्टर मरांडी ने रेल मंत्री पियूष गोयल को इस आशय से संबंधित एक मांग पत्र प्रेषित किया है। रेल मंत्री को भेजे गये मांग पत्र में समाज कल्याण मंत्री ने कहा है कि दिल्ली से भागलपुर तक चलनेवाली आनन्द बिहार बिक्रमशीला एक्सप्रेस, रांची से बैद्यनाथ धाम तक चलनेवाली इंटरसीटी एक्सप्रेस ट्रेन के साथ पश्चिम बंगाल के मां तारा की नगरी तारापाठी रामपुरहाट तक चलनेवाली एक्सप्रेस व मेल ट्रेनों का विस्तार दुमका तक किया जाय।

इससे झारखंड की उपराजधानी और संतालपरगना का प्रमंडलीय मुख्यालय दुमका जिले की बहुत बड़ी आबादी के लिए राजधानी दिल्ली के साथ देश के अन्य महानगरां तक रेल से आवागमन सुगम हो जायेगा।

उन्होंने स्मरण कराते हुए कहा कि पार्टी के संस्थापक आदर्श पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने दुमका वासियों को रेल से सफर का तौहफा देने का वायदा किया था। उनके कार्यकाल में ही दुमका तक रेल लाईन बिछाने का कार्य तेजी से प्रारम्भ किया गया था।

2004 के बाद इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का कार्य धीमी गति से चलता रहा है। केन्द्र में 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के अस्तित्व में आने के बाद दुमका-मंदारहिल-रामपुरहाट रेल लाईन परियोजना का कार्य पूर्ण कर इस रेल खंड पर रेल परिचालन शुरू किया गया। लेकिन कम ट्रेनों के परिचालन से इस इलाके के लोगों का रेल से सस्ता और सुगम आवागमन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इसी क्रम में उन्होंने हावड़ा से भागलपुर वाया दुमका कवि गुरू एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू किये जाने के लिए रेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दिल्ली से भागलपुर तक आनेवाली आनन्द बिहार बिक्रमशीला एक्सप्रेस,रांची-बैद्यनाथ धाम इंटरसीटी एक्सप्रेस और रामपुरहाट तक आनेवाली अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का विस्तार कर दुमका तक करने की दिशा में अविलम्ब कदम उठाने का आग्रह किया है।

समाज कल्याण मंत्री ने रेल मंत्री को प्रेषित मांग पत्र की प्रति पूर्वोत्तर रेलवे आसनसोल मडल के प्रबंधक पी.के.मिश्रा और सांसद निशिकांत दूबे को भी सौंपा है।

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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
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बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

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