हिंदी दिवस पर जानिये इन भारी-भरकम शब्दों का मतलब, एकदम आसान भाषा में!

Kumar Keshav | 14 September, 2018 12:30 AM
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आज हिंदी दिवस है। दुनिया में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा के सम्मान में मनाया जाने वाला दिन। दुनियाभर में करीब 75 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा हिंदी, इसी दिन साल 1949 में भारत की आधिकारिक भाषा घोषित हुई थी। 

ये कोई बताने वाली बात नहीं है कि हिंदी भाषा का भंडार काफी भरा-पूरा है। हम सब हिंदी-भाषा-भाषी हिंदी में सोचने, बोलने, सुनने, नाचने, गाने, गरियाने के आदी होने के बावजूद भी गाहे-बगाहे ऐसे क्लिष्ट शब्दों से मिलते रहते हैं जिनका अर्थ हमें पता नहीं होता। इन शब्दों से साक्षात्कार होते ही लगभग वही फीलिंग आती है जो शशि थरूर के उस “exasperating farrago” वाली ट्वीट को पढ़ते हुए आयी थी। और हम 3 इडियट्स वाले इन मास्टर साहब की तरह पूछ बैठते हैं –

Kehna kya chahte  

तो आज हम आपको हिंदी के कुछ क्लिष्ट शब्दों और उनके मतलब से रू-बरू करवाते हैं ताकि आगे इन शब्दों से भेंट होते ही आपको डिक्शनरी की ओर न दौड़ना पड़े। यहाँ हम पहले ही स्पष्ट किये देते हैं कि आपको ‘लंब दंड गोल पिंड पकड़-धकड़ प्रतियोगिता’ अथवा ‘अग्नि ऊष्मा प्रदत्त दुग्ध जल मिश्रित शर्करा युक्त पर्वतीय बूटी निर्मित पेय पदार्थ’ जैसे शब्दों का मतलब नहीं बताएँगे। 

अकिंचन – जिसके पास कुछ न हो , निर्धन, अंग्रेजी में Poor, Destitute

पाथेय – यात्रा में खाने हेतु ले जाया जाने वाला भोजन,  यात्रा का ख़र्चा

किंकर्तव्यविमूढ़ – जब ये पता न हो कि क्या करना है, हक्का-बक्का, अंग्रेजी में bewildered

किंवंदति – दंतकथा, प्रचलित कहानी, किस्सा, अफ़साना अथवा रिवायत, अंग्रेजी में Legend, Fable

तारतम्यता – मेल, अनुरूपता, अंग्रेजी में Congruence, Compatibility

जिजीविषा – जीने की इच्छा, अंग्रेजी में Will to live, Jive

अन्यमनस्कता – जब मन इधर-उधर तितर-बितर हो, जब ध्यान एक जगह केंद्रित न हो, अंग्रेजी में  Distraction

अविच्छिन्नता – निरंतरता, अंग्रेजी में Continuity

नैसर्गिक – स्वाभाविक, अंग्रेजी में Natural

पुरातत्ववेत्ता – प्राचीन काल के वस्तुओं का जो अध्यन-विश्लेषण करता हो, अंग्रेजी में Archaeologist

भग्नावशेष – खंडहर, मलबा, अंग्रेजी में Ruins, Debris

यादृच्छिक – जैसे-तैसे, बेतरतीब, अव्यवस्थित अंग्रेजी में Random

ऊर्ध्वाधर – खड़ा, सीधा, अंग्रेजी में Vertical

अट्टालिका – गगनचुंबी इमारत, अंग्रेजी में  Skyscraper

विभीषिका – आपदा, अंग्रेजी में Disaster

अन्वेषण – जाँच, अंग्रेजी में Investigation

आपादमस्तक – सिर से पैर तक, अंग्रेजी में Top to Toe

प्रौद्योगिकी – तकनीक, अंग्रेजी में Technology

अभियांत्रिकी – इंजीनियरिंग

पारलौकिक – दूसरे लोक/संसार का,  अंग्रेजी में Otherworldly

तड़ित – आकाशीय बिजली, अंग्रेजी में Lightning

आपकी नज़र में और भी कोई कठिन शब्द हो तो कमेंट में कह डालिए। हम आपको उस शब्द का मतलब बताने का पूरा प्रयास करेंगे।


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14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
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नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


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रांची : लोक आस्था का महापर्व छठ उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 1:02 PM
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रांची। लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ राज्यभर में संपन्न हो गया। राजधानी रांची के स्वर्णरेखा, जुमार नदी के अलावा हटनिया तालाब, बड़ा तालाब सहित अन्य जलाशयों में श्रद्धालुओं ने बुधवार को सवेरे अर्घ्य अर्पित किया।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर जाकर अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड सहित देशवासियों की समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

उधर हजारीबाग में ख्याति प्राप्त झील के साथ अन्य जलाशयों में छठ महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इधर गुमला के छठ तालाब, बांध तालाब सहित अन्य जलाशयों में भगवान भाष्कर को अर्घ्य अर्पित करने के लिए छठव्रतियों की भीड़ उमड़ी। विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कोयल नदी जाकर अर्घ्य अर्पित किया।

इस मौके पर दिनेश उरांव ने कहा कि कोयल नदी घाट पर अगले वर्ष तक सूर्य मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। इस बीच साहिबगंज जिले के गंगा तट पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही छठ महापर्व संपन्न हो गया।

इससे पहले मंगलवार शाम को  राज्यभर में छठव्रतियों ने  अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। प्रकृति पर्व छठ के अवसर पर व्रत करने वाले उपासक और श्रद्धालु नदी और तालाबों की किनारे आज दोपहर बाद पहुचे और विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस पर्व के मद्देनजर व्यापक रूप से सफाई की गई थी और रास्तों में भी विद्युत सज्जा की गयी थी।

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी और श्रद्धालुओं को आने-जाने में असुविधा न हो इसके लिए शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश में रोक लगाई थी। इसके साथ ही इनके मार्ग में बदलाव किया गया था।

रांची में हटनिया तालाब, बड़ा तालाब, कांके डैम, धुर्वा डैम, स्वर्ण रेखा नदी तट के अलावे बड़ी संख्या में अन्य तालाबों के किनारे लोगों ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। बुंडू स्थित सूर्य मंदिर तालाब में भी दूर-दूर से आये लोगों ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छठव्रतियों ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। यहां दो कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने छठ घाट से अस्ताचलगामी भास्कर को प्रणाम करते हुए झारखण्ड सहित समस्त देशवासियों की समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। स्वच्छता, संयम, सादगी, नियम, नेम और निष्ठा के प्रति समर्पित सभी छठव्रतियों की श्रद्धा में अपनी गहरी आस्था प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छठी मईया सबकी मनोकामना पूरी करें।

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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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