हजारीबाग : जेपीएससी के संशोधित रिजल्ट में चाणक्या आईएएस एकेडमी के छात्रों ने मारी बाजी

Rohit Verma | 8 August, 2018 1:50 PM

रांची और हजारीबाग शाखा से एकेडमी के 127 से भी ज्यादा अभ्यर्थी हुए सफल

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हजारीबाग । छठे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के प्रारम्भिक परीक्षा 2015 का संशोधित रिजल्ट तीसरी बार जारी हुआ। संशोधित रिजल्ट में चाणक्य आईएएस एकेडमी हजारीबाग शाखा से शत प्रतिशत विद्यार्थियों ने पास कर अपना परचम लहराया है। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक रांची और हजारीबाग  से चाणक्या आईएएस एकेडमी के 127 से भी ज्यादा अभ्यर्थी छठे जेपीएससी प्रारम्भिक परीक्षा में सफल हुए हैं।

सफल विद्यार्थियों में खुसवंत, निशिकांत, सीमा सिंह, रमेश कुमार महतो, अमित कुमार, पुनिता सिन्हा, सुशांत कुमार चौबे, क्रमवीर, विकास कुमार महतो, रामजी, अनुराग सिंह, क्रमवीर प्रसाद, सशांक कुमार सिन्हा, मो. लकी खान, राजू दांगी, रणजीत कुमार वर्मा, रतनदीप कुमार, अनुपमा रानी, विवेक कुमार, विवेक कुमार जोशी, मनीष देव, कुंदन कुमार बक्सी, अजित कुमार, आभा कुमारी, सैलेश कुमार, ज्योति श्री, चन्द्र प्रकाश, प्रदीप प्रणव, रणजीत कुमार, रामधर रॉय, राहुल मिश्रा, मनीष कुमार, सिधार्थ कुमार सिंह, राजेश तिवारी, नीतू कुमारी, आकाश कुमार, पंकज कुमार, प्रियंका पिर्यादर्शनी, प्रदीप कुमार, अंजन लकड़ा, संजीव कुमार, शिव कुमार, सुबोध कुमार, प्रदीप कुमार, मो. सरफराज, मो. मुजाहिर, पूजा कुमारी, प्रकाश केरकेटा एवं अजय कुमार दास है। ज्ञात हो की 5वीं जेपीएससी मे संस्था से 40 अभ्यर्थियों का फाइनल चयन हुआ था। उन सभी का साक्षात्कार की तैयारी सक्सेस गुरु एके मिश्रा के मार्गदर्शन में अनुभवी मनोवैज्ञानिक के द्वारा किया गया था।

संस्थान की शैक्षणिक रिसर्च पद्धति से मिल रही सफलता : सक्सेस गुरु ए.के. मिश्रा

चाणक्य आईएएस अकादमी के संस्थापक चेयरमैन सक्सेस गुरु एके मिश्रा ने  इस परिणाम को संस्थान के  शैक्षणिक रिसर्च पद्धति  को सफलता का मूल मंत्र माना है। जिससे छात्रों को सिविल सेवा के क्षेत्र में जाकर अपने सपनों को साकार करने का  भरपूर मदद मिले। सक्सेस गुरु एके मिश्रा ने सफल विद्यार्थियों को शुभकमनाएं देते हुए कहा कि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र से विद्यार्थीयों को सफल बनाकर लोक सेवा के लिए तैयार करना है। हमारे क्षेत्र में बड़ी क्षमता वाले छात्र हैं लेकिन कई वित्तीय कठिनाइयों के कारण अपनी प्रतिभा को सफल बनाने में सक्षम नहीं हैं। उन्होने कहा कि हम इस तरह की प्रतिभा की पहचान कर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करते हैं कि वित्तीय बाधाएं उनके सफलता में रूकावट न  बनें।

बड़कागांव : चाणक्या आईएएस एकेडमी का मोटिवेशन मंत्र, आत्मविश्वास से मिलेगी सफलता  

एकेडमी के संस्थापक चेयरमैन सक्सेस गुरु एके मिश्रा कि जन्मभूमि झारखंड होने के कारण शिक्षा के प्रति राज्य में विशेष ध्यान रहता है और यही वजह है कि झारखंड ऐसा राज्य है जहां संस्थान का 3 सेंटर है जो रांची, हजारीबाग और धनबाद में बेहतर प्रबंधन के द्वारा संचालित है। उत्कृष्टता के 25 से अधिक वर्षों के साथ एकेडमी ने देश में 4500 से अधिक सिविल सेवक देश को  दिए हैं। संस्थान में सक्सेस गुरु एके मिश्रा के माध्यम से प्रबंधन टीम एवं अनुभवी शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। चाणक्य आईएएस अकादमी का उद्देश्य अपने छात्रों के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ एक प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण विकसित करना है। एकेडमी उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए सिविल सेवकों और सॉफ्ट कौशल में विशेषज्ञों की मदद से संगोष्ठियों और कार्यशालाओं का भी आयोजन करती है।

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लातेहार : स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां पूरी, दुल्हन की तरह सजा स्टेडियम

NewsCode Jharkhand | 14 August, 2018 9:43 PM
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लातेहारस्वतंत्रता दिवस को लेकर समाहरणालय, पुलिस लाइन, सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों व महापुरुषों की प्रतिमा स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

वहीं जिला मुख्यालय स्थित खेल स्टेडियम को दुल्हन की तरह सजाने संवारने में लोग पूरी तन्मयता से जुटे थे।

पुलिस कर्मियों की ओर से पुलिस लाइन में स्वतंत्रता दिवस को लेकर पूरे दिन तैयारियों का दौर चलता रहा।

हर कोई अपने-अपने ढंग से स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाने के लिए बेकरार नजर आया। विभिन्न विद्यालयों में भी बच्चों को परेड व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए रिहर्सल करते देखा गया।

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रांची : नागपंचमी के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस की रंग में रंगा पहाड़ी मंदिर

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 10:31 AM
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रांची । नागपंचमी पर पूरे देश में श्रद्धालु भोलेनाथ के साथ नाग देव की पूजा कर रहे हैं। दूध-लावा का भोग चढ़ा रहे हैं। इस मौके पर रांची के पहाड़ी मंदिर स्थित नाग देवता मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा है। लोग नाग-नागिन को दूध और धान का लावा चढ़ाकर परिवार के लिए दुआ मांग रहे हैं।

कई सपेरों ने अपने सापों के साथ यहां पर डेरा भी डाल रखा है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को महादेव ने गले में नाग देवता वासुकी को धारण किया था तब से इस दिन का विशेष  महत्व है। भक्त नाग राज के साथ राजा तक्षक की भी पूजा कर रहे हैं।

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धार्मिक मान्यता एवं परम्परा के मुताबिक सनातनी श्रद्धालु घरों में कटहल के पत्ते पर दूध-लावा रखकर पूजा करते हैं। कई घरों में सरसों मिले गाय के गोबर से दीवारों पर नाग देवता की आकृति बनायी जाती है। शास्त्रीय दृष्टिकोण से समस्त दुर्गुणों का त्याग कर सदगुण के साथ भोलेनाथ के गले में विराजमान होनेवाले नाग देवता नागपंचमी के दिन सगुण से युक्त होकर अभिष्ट सिद्धि देते हैं। नागपंचमी पर नमका-चमका के महामंत्रों से शिव की आराधना फलदायी होती है ।

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71 साल पहले ऐसे मना था देश का पहला स्‍वतंत्रता दिवस, देखें 15 अगस्‍त 1947 की दुर्लभ तस्‍वीरें

NewsCode | 15 August, 2018 10:14 AM
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नई दिल्ली। इस वर्ष हम 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आजादी के 71 साल पूरे हो रहे हैं तो मन में यह विचार भी आना स्वाभाविक है कि पहला स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया गया होगा और उस वक्त कैसा रहा होगा अपना देश? तस्वीरों में देखें 1947 में आजाद भारत की कुछ चुनिंदा तस्वीरें।

पहले स्वतंत्रता दिवस का आगाज पं जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त की आधी रात की उद्घोषणा के साथ हुआ। लेकिन यह भी सच है कि इस बात की खबर मिलने के बाद देश के लोगों ने 15 अगस्त की सुबह ही जश्न मनाया था। यह तस्वीर 15 अगस्त की सुबह की कोलकाता की है जहां लोग गलियों चौराहों में निकलकर आजादी का जश्न मनाते दिख रहे हैं।


पहले स्वतंत्रता दिवस का संबोधन प्र‌थम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधी रात को किया लेकिन उनके प्रथम संबोधन के नाम से यह जो तस्वीर उपलब्‍ध है वह 14 अगस्त की शाम संविधान सभा को संबोधन करने की है।


तत्‍कालीन ब्रिटिश गवर्नर जर्नल लॉर्ड माउंटबेटन और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू। 15 अगस्त 1947 को नई दिल्‍ली के इंडिया गेट पर तिरंगे को सेल्‍यूट करते हुए।


स्‍वतंत्रता दिवस सम्‍मेलन में भाग लेने पहुंचे हजारों लोग। ये सभी लोग नई दिल्‍ली के रासीना हिल पर एकत्रित हुए थे।


यह तस्वीर आजादी के 11 दिन पहले की है जिसमें भारत के अंतिम वॉयसराय लॉर्ड माउंटबेटन भारतीय नेताओं को सत्ता हस्तांतरण की तैयारी में लगे हैं।


सभी देशवासियों के लिए वो गर्व का पल था जब भारत की शान तिरंगा झंडा फहराया गया।


LIVE: 72वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम सन्देश, यहाँ देखें

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