गढ़वा : नक्सलियों के चंगुल से मुक्त हुए बच्चे, पुलिस भरेगी जीवन में रंग

Dharmendra Kumar | 8 August, 2018 7:47 PM
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गढ़वा। वह भी उड़ना चाहते थे, उन्मुक्त विचरण करना चाहते थे,पर उनका पंख कैद में था,वह आज़ाद होना चाहते थे, पर रास्ते से अनजान थे,लेकिन उन्होंने प्रयास नहीं छोड़ा था।

एक दिन वह भी आया जब वह पिंजड़ा तोड़ कर भाग निकले, अब वह खुले आकाश में परवाज़ करेंगें, अब वह भी अपने उन खुली आँखों से दुनिया देखेंगें, जो कल तलक बंद था।

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आइए इस ख़बर के जरिये जानिए उन भाई बहन की कहानी जो कल तक नक्सलियों के चंगुल में कैसे फड़फड़ाते थे, पर अब आजाद होने के बाद गढ़वा पुलिस के प्रयास से कैसे उनकी झंझावत भरी ज़िंदगी सुकून पा रही है।

 जो जीवन नक्सलियों के ताप से हो चुका है बदरंग, अब उसी ज़िंदगी में भरेगा रंग”, जी हां हम बात कर रहे हैं इन दोनों भाई बहनों  की जो सालों तक नक्सलियों के चंगुल में थे, क्योंकि नक्सलियों द्वारा उन्हें उनके घर से जबर्दस्ती उठा लिया गया था।

उसके साथ साथ कई और बच्चों को ले जाया गया था। सभी को बूढ़ा पहाड़ पर रखा गया था। कुछ माह पहले तो और बच्चे भाग निकले लेकिन यही दोनों  उनके कैद में रह गए थे, जो बराबर उनके चंगुल से निकलने की ताक में रहते थे लेकिन निकल पाना संभव नहीं होता था।

 उन्हें ज़िल्लत भरी जिंदगी गुजारनी पड़ती थी, आज आलम यह है कि उनका बचपन वाला जीवन पूरा बदरंग हो चुका है, लेकिन अब उनके बची हुई ज़िंदगी में पुलिस प्रशासन रंग भरना चाहती है।

करते करते काम वह थकते थे ख़ुद, पर बेबसी में वह दर्द दूसरों का मिटाते थे”, नक्सलियों के कब्ज़े से भाग निकला वह बच्चा बताता है कि अपार कष्ट भरा जीवन उसे गुजारना पड़ता था।

पहाड़ से नीचे उतर गांव से कई बार खाना लाने के साथ साथ पहाड़ पर इधर उधर बैठे नक्सलियों को उन तक खाना पहुंचाना पड़ता था फिर उसे नेताओं के आवभगत में लगना पड़ता था, यानी कि बारी बारी से बड़े नेताओं का शरीर भी दबाना पड़ता था।

ख़ामोश हैं लब उसके,पर आंखें बोलती हैं”,जी हां हम बात कर रहे हैं उस लड़की की जो अपने भाई के साथ आततायी नक्सलियों के क़ब्जे से भाग निकली है और आज गढ़वा पुलिस के संरक्षण में फिर से एक नयी ज़िंदगी शुरू करने का ख़्वाब संजो रही है।

पूछे जाने पर वह ज्यादा कुछ तो बोलती नहीं बस पूछने वाले को कुछ इस तरह देखती है कि लब ख़ामोश होते हुए भी आंखों से सारी कहानी बयां कर जाती है।

पूछने के दरम्यान बूढ़ा पहाड़ का नाम आते ही वह खुद के शरीर को समेटने लगती है जो यह बताने के लिए काफी है कि नक्सलियों के चंगुल में पहाड़ पर गुजरा उसका वक्त हर मायने में बहुत ही पीड़ादायक रहा होगा।

 गढ़वा उपायुक्त डॉक्टर नेहा अरोड़ा कहती हैं कि नक्सलियों के जुल्म सितम को अब ना सहन करते हुए उनके कैद से भाग निकल कर दोनो बच्चों ने उन सभी लोगों को एक राह दिखाई है जो आज मुख्य रास्ते से भटके हुए हैं।

एसपी शिवानी तिवारी कहती हैं कि अपना जीवन बचाने के लिहाज़ से नक्सलियों के चंगुल से भाग निकलने वाले भाई बहन को संरक्षण देते हुए उनकी ज़िंदगी को पूरी तरह संवारने के लिए हमने काम शुरू कर दिया है।

भाई का स्कूल में नाम लिखा दिया गया है,जबकि उसकी बहन के मन में घर कर चुके उसके डर को निकालने का प्रयास जारी है। उसे सबसे पहले खुश रखने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि वह तो हंसना ही भूल गयी है,साथ ही एसपी ने कहा कि दोनों भाई बहन की ज़िंदगी संवर कर एक नयी सफल कहानी गढ़े इसकी कोशिश हम प्राणपण से कर रहे हैं।

बच्चों के अदम्य साहस के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी ने कहा कि नक्सलियों के चंगुल से भाग कर जहां एक तरफ बच्चों ने बड़े साहस का परिचय दिया है वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपनी ओर से विरोध का विगुल भी बजा दिया है।

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चाईबासा : स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण-2018 एप डाउनलोड करने की अपील

NewsCode Jharkhand | 20 August, 2018 5:38 PM
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चाईबासा। डीसी अरवा राजकमल अरवा राजकमल ने जिले के निवासियों सहित सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है। वे भारत सरकार के जल और स्वच्छता मंत्रालय की तरफ से देश के सभी राज्यों और जिलों की गुणात्मक और संख्यात्मक के आधार पर श्रेणी निर्धारण करवाए जा रहे। पहले स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018 की सफलता के लिए अपना योगदान दें। फोन में एसएसजी 18 एप डाउन लोड करके फीडबैक दें। जिससे चाईबासा जिले के गांवों को स्वच्छता सर्वेक्षण में पहला स्थान मिल सके।

इस अवसर पर मुख्य रुप से सदर अनुमंडल पदाधिकारी आर रोनिटा, प्रशिक्षु आईएएस नीतीश कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्मृति कुमारी, हेड क्वार्टर डीएसपी प्रकाश सोय, उत्पाद अधीक्षक सुधीर कुमार, नगर परिषद चाईबासा के स्वच्छता मित्र राजाराम गुप्ता, यूनिसेफ के कंसलटेंट बासिल टोप्पो, सदर थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी और मुफस्सिल थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह मौजूद थे।

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तेनुघाट : ग्रामीणों को मिले निर्वाध विद्युत आपूर्ति- विधायक

NewsCode Jharkhand | 20 August, 2018 5:35 PM
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तेनुघाट(बोकारो)। अनुमंडल कार्यालय तेनुघाट के समक्ष विधायक बबिता देवी एवं पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद और बनिया टोला के ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया। विधायक बबिता देवी ने बताया कि कसमार प्रखंड के बनिया टोला में पिछले 1 महीने से विद्युत आपूर्ति सेवा बाधित है।

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जिससे लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए ग्रामीणों को निर्वाध विद्युत आपूर्ति मिलनी चाहिए है। ग्रामीणों ने मांग किया है कि जल्द से जल्द कसमार, पेटरवार एवं गोमिया प्रखंड की बिजली की विभिन्न समस्याओं का निदान हो। योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्हें गिरफ्तार करें नहीं किया जा रहा है, प्रशासन दोहरी नीति अपनाकर गुनाहगार को बचा रही है।

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पश्चिमी टुण्डी : सद्भावना फुटबॉल टूर्नामेंट में फतेहपुर टीम रहा विजयी

NewsCode Jharkhand | 20 August, 2018 5:34 PM
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विजेता व उपविजेता टीम किये गये संयुक्‍त रूप से पुरस्‍कृत

पश्चिमी टुंडी (धनबाद)। जाताखूंटी पंचायत अंतर्गत न्यू आदिवासी स्पोर्टिंग क्लब, संथालडीह के तत्वाधान में गमहारियाटांड़ फुटबाल मैदान में आयोजित सद्भावना फुटबाल टूर्नामेंट का फाइनल मैच का समापन हो गया।

फतेहपुर की टीम ने पोखरिया आश्रम टीम को 3-0 से हराया।

फाइनल मैच के मुख्य अतिथि झविमो ज़िलाध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा और बिशिष्ट अतिथि मुखिया मनीषा सोरेन ने विजेता और उप विजेता टीम को संयुक्त रूप से पुरस्‍कृत किया।

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इस टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों ने भाग लिया। मैन ऑफ द मैच बिशनपुर के सुरेश तथा मैन ऑफ दी सीरीज पोखरिया टीम के अनूप को दिया गया।

फाइनल मैच प्रारम्भ होने के पूर्व दोनों टीम के खिलाड़ियों का परिचय अतिथियों से कराया गया तथा झविमो ज़िलाध्यक्ष ने फुटबाल को किक मारकर मैच की शुरूआत की।

इस अवसर पर जेएमएम नेता चंदोलाल हेम्ब्रम, पंचायत समिति सदस्य दिनेश मरांडी,शिक्षक विमल मरांडी, माथुर मंडल, पंकज कुमार, अवधेश सिंह, फेनी यादव, मंटू प्रसाद मंडल, काली मोहली सहित अन्‍य लोग उपस्थित थे।

मैच निर्णायक की भूमिका में अजय सोरेन थे। टूर्नामेंट को सफल बनाने में क्लब के अध्यक्ष सोनेलाल सोरेन और सचिव पूरन मरांडी का सराहनीय योगदान रहा।

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