नहीं रहे ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ सोमनाथ चटर्जी, 10 बार जीता था लोकसभा चुनाव

NewsCode | 13 August, 2018 11:46 AM
newscode-image

कोलकाता। लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी का निधन हो गया है। चटर्जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। दिल का हल्का दौरा पड़ने के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्‍हें कोलकाता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 89 वर्ष के थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक जताया है। सोमनाथ चटर्जी सन 1968 में सीपीएम के सदस्य बने। ज्योति बसु का सोमनाथ चटर्जी पर स्नेह बना रहा।

माकपा के पूर्व नेता सोमनाथ चटर्जी 10 बार लोकसभा के सांसद रहे हैं। वह कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए-1 सरकार में 2004 से 2009 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे थे।

यूपीए-1 शासनकाल में उनकी पार्टी सीपीएम की ओर से सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के बाद उनसे स्पीकर पद छोड़ने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। जिस कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। चटर्जी सीपीआईएम के केंद्रीय समिति के सदस्य रहे थे, और उन्हें प्रकाश करात के धुर विरोधी के रूप में जाना जाता है।

वैसे तो सोमनाथ चटर्जी ने अपनी लंबी राजनीतिक पारी में तमाम ख्याति हासिल की, लेकिन लोकसभा स्पीकर का उनका कार्यकाल कुछ खास ही चर्चित रहा।

कोलकाता और कैम्ब्रिज में की पढ़ाई

सोमनाथ चटर्जी का जन्म असम के तेजपुर में 25 जुलाई, 1929 को हुआ था। वह मशहूर वकील और हिंदू महासभा के संस्थापक अध्यक्ष निर्मलचंद्र चटर्जी के पुत्र थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई कोलकाता और उच्‍च शिक्षा कैम्ब्रिज विश्‍वविद्यालय में हुई। श्रमिक नेता और वकील सोमनाथ जी प्रभावशाली वक्ता हैं। वह 1989 से 2004 तक लोकसभा में सीपीएम संसदीय दल के नेता रहे। 2004 में वह सर्वसम्मति से लोकसभा के स्पीकर चुने गए थे।

लोकसभा स्पीकर रहते शुरू कराया लोकसभा टीवी

लोकसभा अध्यक्ष के रूप में व्यापक मीडिया कवरेज प्रदान करने हेतु सोमनाथ चटर्जी के प्रयासों से ही 24 जुलाई 2006 से 24 घंटे का लोकसभा टेलीविजन शुरू किया गया। उनके लोकसभा अध्यक्ष पर रहते हुए उनकी पहल पर ही भारत की लोकतांत्रिक विरासत पर अत्याधुनिक संसदीय संग्रहालय की स्थापना की गई। 14 अगस्त 2006 को इस संग्रहालय का उद्घाटन भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से किया गया। यह संग्रहालय जनता के दर्शन करने के लिए खुला है।

सर्वश्रेष्ठ सांसद सोमनाथ चटर्जी

सोमनाथ चटर्जी 1971 में पहली बार सांसद चुने गए और इसके बाद उन्‍होंने राजनीति के क्षेत्र में कई मुकाम हासिल किए। चटर्जी दस बार लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए। उन्होंने 35 सालों तक सांसद के तौर पर देश की सेवा की और 1996 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ रहे सोमनाथ चटर्जी पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष भी थे।

लॉर्ड्स में टीम इंडिया की शर्मनाक पराजय, पारी और 159 रनों से हार सीरीज में 0-2 से पिछड़ी

रक्षाबंधन और गणेश चतुर्थी से पहले सरकार की सौगात, राखी और मूर्तियों पर नहीं लगेगा जीएसटी

बिहार में 25 अक्टूबर से पॉलीथीन बैन, प्रयोग करने पर 1 लाख तक लगेगा जुर्माना

NewsCode | 23 October, 2018 1:14 PM
newscode-image

पटना। बिहार में प्लास्टिक कैरी बैग के प्रयोग को प्रतिबंधित करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। 25 अक्टूबर से हर प्रकार के कैरी बैग के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। पटना हाई कोर्ट के आदेश पर बिहार सरकार ने ये फैसला लिया है।

आपको बता दें कि पहले पटना हाई कोर्ट के निर्देश पर प्रतिबंध 24 सितंबर से लगने वाला था लेकिन सरकार ने तैयारियों के लिए एक महीने का समय लिया था। पर्यावरण और वन मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक, पॉलीथीन के उत्पादन या बार-बार प्रयोग पर पांच साल की जेल और 1 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि सरकार ने अबतक के स्टॉक को खपाने के लिए 60 दिनों की मोहलत भी दी है। इसके बाद 15 दिसंबर से पॉलीथीन के प्रयोग पर दंड की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

बैन में सिर्फ प्लास्टिक कैरी बैग को प्रतिबंधित किया गया है जबकि बायो वेस्ट के संग्रहण और भंडारण के लिए प्रयोग होने वाले 50 माइक्रोन से अधिक के कैरी बैग पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा। साथ ही सभी प्रकार के खाद्य और अन्य पदार्थ की पैकेजिंग, दूध और पौधे उगाने के प्रयोग में आने वाले बैग भी इस बैन से मुक्त रहेंगे।

इससे पहले राज्य सरकार ने कोर्ट का भरोसा दिलाया था कि जरूरी नियमावली बनाने के बाद पूर्ण प्रतिबंध के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा बिहार सरकार ने कोर्ट में यह भी बताया कि 25 अक्टूबर से शहरों में पॉलिथीन के पूर्ण प्रतिबंध के बाद 25 नवंबर को राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी इस पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। यानी शहरों के एक महीना बाद गांवों में पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

पहले 24 सितंबर से बिहार में पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध का डेडलाईन पटना हाईकोर्ट की तरफ से दिया गया था लेकिन उस समय राज्य सरकार ने कहा था कि अभी इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। इसलिए अब खुद राज्य सरकार ने बिहार के शहरी क्षेत्रों को पॉलिथीन रहित करने के लिए 25 अक्टूबर की तारीख तय की है।


रांची : पॉलीथीन के खिलाफ निगम की कार्रवाई, कई शॉपिंग मॉल में लगाया जुर्माना

जमशेदपुर : अवैध रूप से चल रहे पॉलीथीन फैक्ट्री में छापा, मशीन को किया सील

sun

320C

Clear

Jara Hatke

Read Also

Paytm के मालिक को ब्लैकमेल कर मांगे 20 करोड़, महिला सेक्रेटरी समेत तीन गिरफ्तार

NewsCode | 23 October, 2018 12:13 PM
newscode-image

नई दिल्ली। मशहूर मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम (Paytm) के कुछ खास कर्मचारियों द्वारा कंपनी के सीईओ विजय शेखर का पर्सनल डाटा चुराकर 20 करोड़ रुपए उगाही करने का मामला सामने आया है। मामले में नोएडा की थाना सेक्टर-20 पुलिस ने कंपनी की महिला वाइस प्रेसिडेंट, उसके पति और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।

नोएडा के एसएसपी अजय पाल शर्मा के मुताबिक विजय शर्मा ने उनसे शिकायत की थी कि कोई उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है। विजय शर्मा ने बताया कि 20 सितंबर को जब वे जापान में थे, उसी समय उनके पास थाइलैंड के एक नंबर से ब्लैकमेलर का फोन आया। उसने दावा किया कि विजय शर्मा के निजी डाटा उसके पास हैं। इसके एवज में ब्लैकमेलर ने 20 करोड़ की मांग की। साथ ही उसने कहा कि अगर उसे पैसे नहीं दिए गए तो वे पर्सनल डाटा सार्वजनिक कर देगा, जिससे विजय शेखर की छवि खराब हो जाएगी।

ब्लैकमेलर ने कहा कि उसके पास ये डाटा कंपनी के ही एडमिन डिपार्टमेंट में काम करने वाले राहुल और देवेंद्र से मिली है। इन दोनों कर्मचारियों को विजय शर्मा के पर्सनल डाटा कंपनी में सेक्रेटरी सोनिया धवन से मिली है। ब्लैकमेलर ने ये भी बताया कि उगाही की रकम का 10 प्रतिशत राहुल और देवेंद्र को दिया जाएगा। विजय शेखर के मुताबिक अपने ही कर्मचारियों की इस कारगुजारी पर उन्हें पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ। इससे वे तनाव में आ गए।

दो महीने से चल रही थी ब्लैकमेलिंग

विजय शेखर के भाई अजय शेखर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में लिखा कि उनकी कंपनी में सोनिया धवन और देवेंद्र कुमार काम करते हैं। सोनिया के पति का नाम रूपक जैन है। वह नोएडा में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। सोनिया धवन विजय शेखर की निजी सचिव के रूप में कंपनी में काम करती थीं।

सोनिया, रूपक और देवेंद्र कुमार ने ही साजिश करके विजय के निजी कम्प्यूटर से तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां चोरी कर लीं। डेटा चोरी करने के बाद इन लोगों को कोई ऐसा आदमी चाहिए था जो इनसे पैसे निकाल सके। इसके लिए कोलकाता में रोहित चोमल को खोजा गया। उसके बाद देवेंद्र ने कोलकाता जाकर रोहित को डेटा दिया।

सच्चाई जांचने के लिए जमा किए 2 लाख रुपये

डेटा मिल जाने के बाद 10 सितंबर 2018 को रोहित चोमल ने विजय शेखर को फोन किया। एक बार फोन करने के बाद फिर उन्हें वॉट्सऐप कॉल की। पहले 10 करोड़ रुपये मांगे। रोहित ने इन पैसों को बैंक में जमा कराने के लिए आईसीआईसीआई बैंक का खाता नंबर भी दिया।

पुलिस को दी शिकायत में अजय शेखर ने बताया कि 10 अक्टूबर को पहले 67 रुपये और फिर 15 अक्टूबर को 2 लाख रुपये इस खाते में ट्रांसफर भी कर दिए गए। पैसे ट्रांसफर हो जाने के बाद रोहित ने फिर 10 करोड़ रुपये की मांग शुरू कर दी। जब रोहित ने फिर से पैसे जमा करने के लिए प्रेशर बनाना शुरू किया तो उसके बाद अजय शेखर ने पुलिस में शिकायत कर दी।

शिकायत मिलने पर नोएडा पुलिस Paytm के सेक्टर पांच स्थित ऑफिस पहुंची और तीनों आरोपियों- सेक्रेटरी सोनिया, राहुल और देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड सोनिया है। उसे इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दबोचा गया।

बता दें कि पेटीएम साल 2012 में अस्तित्व में आई। आज 7 मिलियन लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद अधिकतर लोग Paytm मोबाइल ऐप के जरिये इसी ई-वॉलेट से भुगतान कर रहे थे। साल 2017 में कंपनी का करोड़ों का कारोबार रहा है।


लॉन्च हुआ पेटीएम Payments Bank, मिलेंगे ये सारे फायदे

दिल्ली से आईएसआई एजेंट गिरफ्तार, महिला कर्नल को कर रहा था ब्लैकमेल

सुप्रीम कोर्ट का फैसला – दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे के लिए जलाएं पटाखे

NewsCode | 23 October, 2018 11:35 AM
newscode-image

नई दिल्ली। दिवाली के मौके पर पटाखों की बिक्री को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। सर्वोच्च अदालत ने कुछ शर्तों के साथ देश में पटाखा बिक्री को स्वीकृति दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि कोशिश की जाए कि कम प्रदूषण वाले पटाखों का इस्तेमाल हो ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान ना पहुंच पाए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इस दिवाली पर देश में पटाखे की गूंज जरूर सुनाई देगी और लोग धमाकेदार अंदाज में दिवाली मना पाएंगे।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा फोड़ने के लिए समयसारिणी जारी कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, दिवाली पर लोग रात 8 बजे से 10 बजे तक, क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11.45 बजे से 12.15 बजे तक ही पटाखे फोड़ पाएंगे। इसके अलावा कोई भी विक्रेता ऑनलाइन पटाखे नहीं बेच पाएगा।

बता दें कि जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने बीते 28 अगस्त को इस मसले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं के अलावा पटाखा व्यापारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत एनजीओ के पक्ष जाने थे। बेंच ने सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा था कि स्वास्थ्य के अधिकार और व्यापार में सामंजस्य बैठाने की जरुरत है।

पिछले साल कोर्ट ने लगाया था बैन

इससे पहले पिछले साल कोर्ट ने प्रदूषण के मद्देनजर दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। दिवाली से ठीक पहले 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगाते हुए अपने आदेश में यह भी कहा था कि कुछ शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री एक नवंबर, 2017 यानी दिवाली गुजर जाने के बाद फिर से की जा सकेगी।

2016 में दीवाली के बाद बढ़े प्रदूषण के मुद्दे पर दाखिल एक याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में दिल्ली-एनसीआर में पटाखे की बिक्री पर बैन लगा दिया था। हालांकि 12 सितंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर पाबंदी वाले आदेश में संशोधन कर दिया और कुछ शर्तों के साथ पटाखा विक्रेताओं के अस्थायी लाइसेंस की संख्या में 50 फीसदी कटौती करने का आदेश दिया था।

साथ ही कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दूसरे राज्यों से पटाखे लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के उक्त फैसले ने एक बार फिर नवंबर 2016 के पुराने आदेश को बहाल करते हुए दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दे दिया था।


SC ने मोदी सरकार से कहा- बताइये, कैसे की राफेल विमान की डील

धनबाद : आयुष प्रकाश ने किया मुमकिन, SC की कार्यवाही का होगा लाइव प्रसारण

More Story

more-story-image

कैसा रहेगा आज आपका दिन ? जानें आज दिनांक 23-10-2018...

more-story-image

कैसा रहेगा आज आपका दिन ? जानें आज दिनांक 18-10-2018...