देश के 26 बड़े ब्रांड्स में से 18 ब्रांड के सरिए लैब टेस्ट में फेलः रिपोर्ट

NewsCode | 26 October, 2018 11:33 AM
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नई दिल्ली। पूरे देश में अचानक इमारत गिरने की खबरें तेजी से आ रहीं हैं। इसी बीच एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि कुछ कंपनियां सरिया बनाने के लिए घटिया मैटेरियल इस्तेमाल कर रही हैं। इस ताज़ा रिपोर्ट के आंकड़े बहुत परेशान करने वाले हैं। बाज़ार में बिक रहे ज्यादातर सरियों की क्वालिटी महज़ ख़राब ही नहीं बल्कि घटिया है। देश के 26 बड़े ब्रांड्स में से 18 ब्रांड के सरिए लैब टेस्ट में फेल हो गए हैं।

बिल्डिंग क्षेत्र की थिंकटैंक फर्स्ट कंस्ट्रक्शन काउंसिल ने सरकारी और निजी दोनों की 26 कंपनियों के नमूनों को टेस्ट के लिए भेजा जिनमें 18 कंपनियों का सरिया खराब पाया गया। कई ब्रांड्स की 8 एमएम, 16 एमएम और 25 एमएम के सरिया में रासायनिक गड़बड़ी थीं। फेल हुए सरियों में फॉस्फोरस और सल्फर की मात्रा ज्यादा थी। टेस्ट में फेल सरिया सीलन में तेजी से जंग पकड़ता है जिससे बिल्डिंग कमजोर होकर गिर जाती है। इस रिपोर्ट के बाद देश का लगभग 6 खरब रुपयों का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश खतरे में आ गया है।

जांच में पाया गया कि निर्माण लागत कम करने के लिए सरिया कंपनियों ने फॉस्फोरस और सल्फर की मात्राओं में गड़बड़ी की है। जानकारों का मानना है कि लागत कम करने के लिए कंपनियां कबाड़ से भी सरिया बना रही हैं जिसकी वजह से मकान गिरने के हादसे हो रहे हैं। अब थिंकटैंक फर्स्ट कांस्ट्रक्शन काउंसिल इस्पात मंत्रालय से शिकायत कर कंपनियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की सिफारिश करेगी।

सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि ऐसे कई हजार टन खराब सरिया मॉर्केट में मौजूद हैं, कितनों का इस्तेमाल हो चुका है और अब उसको रोकना बड़ी चुनौती होगी।

आम आदमी कैसे पता लगाये कि सरिये की क्वालिटी कैसी है?

सरिए का बैच नंबर होता है और डीलर को आपको उसकी मजबूती का टेस्ट रिजल्ट दिखाना चाहिए।
दूसरा टेस्ट भी होना चाहिए जिससे पता लगेगा कि कार्बन इतना होना चाहिए और फॉस्फोरस और सल्फर कितना होना चाहिए।

मार्केट में घटिया और बढ़िया दोनों सरिया मौजूद रहता है। बिल्डर या ठेकेदार पैसे बचाने के लिए सरिया की क्वालिटी से समझौता करता है क्योंकि बढ़िया और घटिया सरिया के बीच का अंतर करीब 8 हजार रुपए प्रति टन होता है। सरिया का काम बिल्डिंग की इलास्टिसिटी यानि लचक बरकरार रखना होता है ताकि भूकंप आए तो बिल्डिंग झुके पर गिरे नहीं। अगर घटिया क्वालिटी का सरिया लगा होगा बिल्डिंग भरभराकर गिर जाएगी।

बीआईएस यानि ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स सरिया के लिए मानक तो तय कर देती है लेकिन उसकी अनदेखी को पकड़ने के लिए कोई मजबूत सिस्टम नहीं है। बीआईएस नियम बना देती है लेकिन जांच के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। ऐसे में अगर आपको पता करना है कि किस कंपनी का सरिया सही है और किसका खराब तो आप फर्स्ट कंस्ट्रक्शन काउंसिल की वेबसाइट पर जाकर पूरी लिस्ट देख सकते हैं। वैसे बिल्डर और सरिया कंपनियों के बीच सांठगांठ की एक बड़ी वजह बायर्स की लापरवाही भी है। अगर खरीदार मकान लेते समय कच्चे माल की जानकारी भी ले लें तो आपके घर की सुरक्षा और पक्की हो सकती है।


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जमशेदपुर : लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो- रघुवर दास

NewsCode Jharkhand | 8 November, 2018 4:15 PM
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जमशेदपुर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने चाहिए। जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत में रघुवर दास ने एक बार फिर विपक्षी दलों के गठबंधन को महाठगबंधन बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 नवंबर को रांची के रिनपास में टाटा कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी गरीबों को घर मुहैय्या कराने का वायदा 2022 में ही पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कोई जनता बेघर नहीं रहे, इस संकल्प को लेकर सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में भी यह फैसला लिया गया कि शहरी क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी  एवं स्लम बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों को भी मकान उपलब्ध कराया जाए, इसके तहत राज्यभर में करीब डेढ़ लाख मकान बनाये जाएंगे। सिर्फ जमशेदपुर के ही शहरी क्षेत्र में 27 हजार मकान बनाये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के क्षेत्र में भी झारखंड में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। चार वर्ष पहले जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तो सिर्फ 18प्रतिशत घरों में ही शौचालय की सुविधा था, अब यह 99 प्रतिशत से अधिक घरोंतक पहुंच गयी है, दिसंबर 2018 तक सभी घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

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रांची : राजकीय कार्यक्रम में हंगामा करने पर 216 पारा शिक्षक बर्खास्त

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:20 PM
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600 अन्य की बर्खास्तगी को लेकर कार्रवाई, गिरफ्तार कर पारा शिक्षकों को कैंप जेल में रखा गया

रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन पूरे राज्य भर से राजधानी रांची में आए पारा शिक्षकों ने सरकारी कार्यक्रम को बाधा पहुंचाने की कोशिश की। साथ ही विधि व्यवस्था को अपने हाथ में लेकर पत्थरबाजी भी की।

विधि व्यवस्था में लगे  पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षक, सिटी पुलिस अधीक्षक  एवम् ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारियों पर  पारा शिक्षकों  ने  हमला किया जिससे कई पुलिसकर्मी और  पदाधिकारी गंभीर रूप से जख्मी हुए।

पारा शिक्षकों द्वारा सरकारी कार्यक्रम में व्यवधान डालने, विधि व्यवस्था को तोड़ने एवम् सरकारी लोगो पर हमला करने की घटना को बेहद अशोभनीय एवम् गंभीर रूप से लेते हुए  वीडियो रिकॉर्डिंग एवम् कार्यक्रम स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरा से  लिए फुटेज एवम् अन्य प्रमाणों के आधार पर  16 प्रखंड के कुल 216 पर शिक्षकों को बर्खास्त किया गया।

साथ ही लगभग 600 पारा शिक्षकों को जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई खेलगांव एवम् रेड क्रॉस अस्थायी जेल में गिरफ़्तार कर रखा गया है। जिन पर सीसीटीवी कैमरा एवम्  वीडियो रिकॉर्डिंग से मिले प्रमाण के आधार पर बर्खास्त करने की कारवाई चल रही है।

अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को भी यहां शामिल पारा शिक्षकों की सूची भेजी जा रही है जिसके आधार पर  चिन्हित कर अनुशासनात्मक कारवाई की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।  स्थापना दिवस एक राजकीय दिवस है जी सम्पूर्ण राजवसियो के लिए सम्मान एवम् गौरव  का दिन है।

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रांची : झारखंड स्थापना दिवस- संपूर्ण झारखंड खुले में शौच मुक्त घोषित, करीब 2100 को मिला नियुक्ति पत्र

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:02 PM
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रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस मना रहा है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने संपूर्ण झारखंड को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की। समारोह में राज्य के तीन जिलों देवघर, हजारीबाग और लोहरदगा को पूर्ण विद्युतीकृत किये जाने की घोषणा की गयी।

इस मौके पर अरबों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन के साथ ही परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। समारोह में करीब 2100 लोगों को नियुक्ति पत्र का भी वितरण किया गया।

झारखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य की जनता को कई सौगात दी। रांची में आयोजित मुख्य समारोह में उन्होंने राज्य को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर लोगों की आदतों में भी अब बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने हर घर तक बिजली पहुंचाने के अपने वायदों को पूरा करते हुए राज्य के तीन जिलों देवघर, लोहरदगा और हजारीबाग को पूर्ण रूप से विद्युतीकृत होने का भी ऐलान किया। इस दौरान श्री दास ने कहा कि वर्तमान सरकार  पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से काम कर रही  है और अब तक इस पर एक भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे है।

इस दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के विकास में झारखंड का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जनता को चुनी हुई सरकार से आकांक्षाएं होती है , जिसे पूरा करने में सरकार लगी है।

समारोह के दौरान अरबों रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया और कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन भी हुआ। करीब 2100 लोगों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण और झारखंड और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। जिला मुख्यालयों में भी परिसंपत्तियों का वितरण हुआ।

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