दुमका : अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे एनआरएचएम के अनुबंध कर्मी

NewsCode Jharkhand | 10 August, 2018 9:31 PM
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दुमका। सरकार हमें जल्द नियमित करेंं नहीं तो तीन सितंबर से पूरे राज्य के एनआरएचएम के अनुबंध कर्मी आमरण अनशन पर एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

उक्त बातें शुक्रवार को झारखंड राज्य एएनएम जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनीता कुमारी ने डायग्नोस्टिक सेंटर में बैठक में  कही।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि दिसंबर 2017 में सभी अनुबंध एएनएम व जीएनएम को नियमित कर देंगे, लेकिन अभी तक हम लोगों का कुछ नहीं हुआ है। नियुक्ति के नाम पर संचिका सचिवालय में इधर से उधर घुमाया जा रहा है।

जबकि हम लोगों का कार्य करते हुए 10 वर्षों से ज्यादा हो गया है। यह सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा दियेे गयेे समान काम का समान वेतन केे आदेश भी लागू नहीं कर रही है। इसके साथ ही यह भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 10 वर्ष से ज्यादा जो अनुबंध पर काम कर लिया है, उन्हें नियमित किया जाए।

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इस आदेश को भी यह सरकार नहीं मान रही है। इसके पूर्व संघ के पदाधिकारियों द्वारा 8 अगस्त को मुख्यमंत्री रघुवर दास, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, स्वास्थ्य सचिव निधि खरे से मिलकर अपनी बातों से अवगत कराया और कहा कि हमें जल्द नियमित किया जाए, नहीं तो तीन सितंबर से सपरिवार आमरण-अनशन पर चले जाएंगे। बैठक में कुसुम कुमारी, सरिता कुमारी, तिलोत्तमा साह, प्रीति जायसवाल, प्रीति पायल, शांति सोरेन मर्सेला मुर्मू, रीना पाल, शांति हेंब्रम, रेशमा टूडू, अनुसुभा षिनी आदि शामिल थी।

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बड़कागाँव : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लाभ लेने को ले डाक घरों में उमड़ी भीड़

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:17 PM
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बड़कागांव में अफवाहों का बाजार गर्म

दनादन करा रहे हैं स्पीड पोस्ट

बड़कागाँव। विकसित देश की श्रेणी में लाने को लेकर तमाम तरह की योजनाएं देश में लागू की जा रही है। साथ ही साथ आम लोगों को जागरुक करने को लेकर तरह-तरह के कार्य किए जा रहे हैं। बावजूद देश के असंख्य लोग आज भी अफवाहों के शिकार हैं।

जिसका ज्वलंत उदाहरण बड़कागांव के पोस्ट ऑफिस में लगी भीड़ है। ग्रामीणों की भीड़ इतनी है कि पोस्ट ऑफिस परिसर के साथ-साथ मुख्य सड़क भी जाम का शिकार हो गया है। जहां केंद्र सरकार के बाल एवम कल्याण विभाग के  नाम स्पीड पोस्ट कराने की होड़ मची हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत दो लाख की धनराशि बैंक खातों के माध्यम से मिलने का प्रावधान किया गया है। जिसको लेकर व्हाट्सएप्प एवं अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाया गया है जो पूरा झूठ है।

साथ ही साथ अफवाह फैलाने में कारगर साबित हुआ है । जिसको लेकर प्रखंड प्रशासन, पुलिस के साथ-साथ डाक विभाग के पदाधिकारी व कर्मचारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  इस संबंध में लाख समझाने के बावजूद भी ग्रामीण समझने को तैयार नहीं है।

सभी लोग दनादन स्पीड पोस्ट करवा रहे हैं।  इधर बड़कागांव पोस्ट ऑफिस हेड सह उप डाकपाल शालिग्राम सिंह ने बताया कि 1 वर्ष के लिए मंगाये गये स्पीड पोस्ट के बारकोड उक्त अफवाह के बाद मात्र 2 दिन में ही समाप्त हो गया और पुनः हमें भारी संख्या में बारकोड मंगाना पड़ा।

जबकि इस संबंध में हमें किसी तरह की कोई विभागीय  जानकारी नहीं है। जिसको लेकर ग्रामीणों को बताया जा रहा है। बावजूद कोई भी ग्रामीण समझने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ को लेकर बार-बार बड़कागाँव पुलिस प्रशासन की सहायता ली जा रही है।

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वहींं बीडीओ अलका कुमारी ने बताया कि ग्रामीण अफवाह के शिकार हैंं। अफवाह से बचें। किसी तरह की ऐसी योजना नहीं है, जिसके माध्यम से बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का फॉर्म भरवाकर सीधे तौर पर पर बैंक खाते में दो लाख की राशि दी जाएगी ।

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जमशेदपुर : पक्षी प्रेमियों ने दिखायी संवेदना, सैकड़ों पक्षियों को पिंजरे से किया आजाद

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:46 PM
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बेजुबानों को भी होती हैै आजादी प्यारी

जमशेदपुर। आजादी किसे प्यारी नहीं होती… चाहे इंसान हो या जानवर, हर कोई आजाद रहना चाहता है। आज एक ओर जहां पूरा देश  आजादी के जश्न मे डूबा हुआ है, वहीं जमशेदपुर के कुछ पक्षी प्रेमियों ने सौ से भी अधिक विदेशी पक्षियों को पिंजरा से आजाद किया और एक संदेश देने का प्रयास किया कि बेजुबानों को भी आजादी प्यारी होती है।

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टाटा जू ने भी लंगूरों को खुले बाड़े में रखने का लिया निर्णय

वहीं इस कड़ी में टाटा जू ने भी एक कदम बढ़ा दिया है और आज से जू के लंगूरों को छोटे बाड़े से निकालकर बड़े और खुले बाड़े में आजाद रखने का निर्णय लिया गया। वहीं लंगूर खुले बाड़े में काफी खुश नजर आए। खुले बाड़े में छोड़े जाने के बाद सभी लंगूर इधर उधर धमा- चौकड़ी करते हुए काफी खुश दिखे।

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देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
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देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

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