धनबाद : ‘अयोग्य कार्ड धारी ही कर रहे आधार लिंक का विरोध’  

Ajay Upadhaya | 10 August, 2018 5:28 PM
newscode-image

डीबीटी सिस्‍टम फेल नहीं हुई है- सरयू राय

धनबाद। खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू डीबीटी (डॉयरेक्ट बैंक ट्रांसफर) स्कीम फेल नहीं हुई है। जबकि कुछ लोगों ने इसका दुष्प्रचार भी किया। वे वही लोग है जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों में बायोमेट्रिक सिस्टम से अनाज देने एवं आधार लिंक का विरोध कर रहे है।

आधार का विरोध इसलिए कर रहे है क्‍योंकि इसके माध्यम से अयोग्य कार्ड धारी पकड़े जा रहे है और उनकी छटनी हो रही है। भारत की केंद्र शासित प्रदेश पांडिचेरी, दादर एवं नगर हवेली तथा चंडीगढ़ में डीबीटी स्कीम सफलता पूर्वक चल रही है।

गढ़वा : सरकारी चौखट का चक्कर लगा रही दिव्यांग की बेरहम प्रशासन नहीं सुन रहा फरियाद

झारखंण्ड सरकार केवल रांची नगरी से इस स्कीम को वापस लिया है। नगरी में डीबीटी को एक पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था लेकिन यह योजना नगरी के लोगों को पसंद नहीं आई।

12 हजार कार्ड धारी में तकरीबन 2 हजार लोग ही थे जो प्रतिमाह राशन लेने से वंचित रह गए थे। वहां के लोगों को यह योजना पसंद नहीं आ रही थी। जिसके बाद सरकार ने इस योजना को नगरी से वापस लेने का फैसला लिया।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

AAP से आशुतोष ने दिया इस्तीफा, केजरीवाल ने किया इंकार, कहा- ‘ना, इस जनम में तो नहीं’

NewsCode | 15 August, 2018 1:42 PM
newscode-image

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आज यानी बुधवार को पार्टी की सर्वोच्च संस्था पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) को अपना इस्तीफा सौंप दिया। आशुतोष ने कहा कि वो बेहद निजी कारण से आम आदमी पार्टी छोड़ रहे हैं।

आशुतोष ने ट्वीट कर इस्तीफे का ऐलान किया है। उन्होंने ट्वीट में पत्रकारों से कहा है कि वे इस मसले पर किसी सवाल का जवाब नहीं देंगे। आशुतोष ने कहा कि हर यात्रा का एक अंत होता है। आपके साथ यात्रा बेहद क्रांतिकारी और खूबसूरत रहा। मैं इस्तीफा देते हुए पार्टी की कार्यकारिणी परिषद से आग्रह करता हूं कि वे इसे स्वीकार करें मैंने विशुद्ध निजी कारणों से यह फैसला लिया है।

आशुतोष ने आप के साथ अपने सियासी सफर में उन्हें सहयोग देने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया। पार्टी की ओर से इस बारे में फिलहाल कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है।

हालांकि, आशुतोष के इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही केजरीवाल ने ट्वीट करते उनका इस्तीफा स्वीकार करने से मना कर दिया और कहा कि इस जन्म में मैं आपका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकता।

53 वर्षीय आशुतोष पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आए थे और पिछले चार साल से पार्टी के साथ जुड़े थे। आशुतोष ने 2014 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन किया था और चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव भी लड़ा था, मगर उस चुनाव में उनकी हार हुई थी।

उल्लेखनीय है कि साल 2015 में दिल्ली में केजरीवाल सरकार के गठन के बाद आप से अलग हुये प्रमुख नेताओं की फेहरिस्त में आशुतोष, चौथा बड़ा नाम हैं। इससे पहले आप के संस्थापक सदस्य योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं।


71 साल पहले ऐसे मना था देश का पहला स्‍वतंत्रता दिवस, देखें 15 अगस्‍त 1947 की दुर्लभ तस्‍वीरें

LIVE: 72वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम सन्देश, यहाँ देखें

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
newscode-image

देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

 (अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:22 PM
newscode-image

रांची। जश्न-ए-आजाद मनाने में नन्हे देशभक्त भी कहीं पीछे नहीं है। इन नन्हे देशभक्तों में हिंदुस्तानी नस्ल में देशभक्ति कूट कूट कर भरा है। कोई सुभाष चंद्र बोस तो कोई भगत सिंह तो किसी ने चंद्रशेखर आजाद के भेष में अपने जीवन को देश के लिए निछावर करने का संकल्प लिया।

ये है हमारे देश के भविष्य, भारत का सपना और न्यू इंडिया की रीढ़। आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और स्वतंत्र भारत के लिए ना जाने कितने वीरों ने कुर्बानियां दी है। उन्हीं वीरों के बताए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।

रांची : जश्‍न–ए-आजाद पर बच्‍चों ने प्रस्‍तुत किए रंगारंग कार्यक्रम

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

More Story

more-story-image

चंदनकियारी : हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

more-story-image

बड़कागाँव : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लाभ लेने...