देवघर : धर्म और आस्था के साथ यहां आपको मिलेगा रोमांच भरा सफर

Sunil Kumar | 7 August, 2018 10:09 PM
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रावण के हेलीपैड के साथ पर्यटकों को लुभा रहा है रोपवे

देवघर। अगर आपको रहस्य और रोमांच का सफ़र तय करना हो तो देवघर के त्रिकुट पहाड़ से बेहतर जगह हो ही नहीं सकता। एशिया का सबसे ऊंचा रोपवे पर्यटकों को अपनी और आकर्षित कर रहा है, साथ ही यह जगह अनेक धार्मिक कथाओं से परिपूर्ण है।

इस जगह की खासियत की बात की जाए तो यहां रावण का हेलीपेड है… विश्व का सबसे बड़ा शालिग्राम पत्थर है…. सीता का दीया है….. रावण द्वारा स्थापित एक शिवलिंग है… साथ ही रावण कि कई ऐसी गुफाएं है जो इतिहास में वर्णित कथाओं को प्रमाणित करती हैं। तो हो जाइये तैयार रहस्य और रोमांच के सफ़र के लिए।

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देवघर के कण-कण में देवताओं का वास

देवघर के कण-कण में देवों का वास है और कहा जाता है कि देवघर स्थित जितने भी धार्मिक स्थल है उसकी प्रमाणिकता भी मौजूद है। देवघर से महज बीस किलोमीटर दूर हरी-भरी वादियों में स्थित है त्रिकुट। तीन चोटियों वाली ये त्रिकुट पर्वत है। इसकी तीनों चोटी में से सबसे ऊंची चोटी है विष्णु चोटी। जिसकी ऊंचाई 1282 फीट है जबकि रोपवे की लम्बाई 2512 फीट है। कहा जाता है कि इस पूरी पर्वत कि कहानी त्रेता काल से जुडी हुई है, इसके शिखर के बारे में कहा जाता है कि इस पर रावण और जटाऊ के बीच युद्ध हुआ था, जब रावण सीता को हरण कर लंका ले जा रहा था।

रावण के हेलीपेड

इस चोटी पर एक बड़ा चट्टान है जिसको रावण के हेलीपेड के रूप में जाना जाता है यहां एक दीपक भी है जो पत्थ। इस दीप को सीता दीप के नाम से जाना जाता है। यहां के बारे में यह भी कहा जाता है कि यहां रावण प्रति दिन पुष्पक विमान से आता और तपस्या करता था। यहां ऐसी-ऐसी गुफाएं है जिसका पता भी नहीं चलता है और इसके बीच में बैठा कर रावण तपस्या करता था। इस हेलीपैड पर आज भी रथ के पहिये का निशान हैं, जो आज भी दिखता है।

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यहां है त्रिकुतेश्वर नाथ का शिव मंदिर

इस पहाड़ की तराई में बाबा त्रिकुतेश्वर नाथ का शिव मंदिर है, इसके बारे में भी कहा जाता है की इसकी स्थापना भी रावण के द्वारा हुई थी। इस पहाड़ की चोटी पर एक बड़ा पत्थर है, जिसे विष्णु टॉप कहते है। यह विश्व का सबसे बड़ा शालिग्राम पत्थर है और ये दो कोण पर टिका है। इसके बीच 14 इंच का ही जगह है लेकिन इसके बीच से कितना भी मोटा आदमी क्यूं नहीं हो पार हो जाता है साथ ही कहा जाता है कि इसके बीच से गुजरते ही सभी ग्रह कट जाते हैं।

इसलिए कठिन रास्ते से गुजरते हुए भक्त यहां पहुचते हैं और इसके बीच से गुजरते हैं और आशीवाद लेते हैं। इस गुफा को शनि गुफा भी कहा जाता है। यहाँ कई गुफाएं ऐसी है जो अद्भुत और छुपी हुई है, साथ ही पहाड़ के ठीक पीछे चोटी पर एक हांथी पहाड़ भी है, जहां चालीस फीट से बडी हाथी के आकृति की चट्टान है और यहां शेष नाग की आकृति की एक नाव रूपी आशन भी है। जिसे विष्णु की शयन के रूप में देखा जाता है।

कई गुफाओं से भरा पहाड़ जो भरता है रोमांच

यहां ऐसे दर्जनों गुफाएं है अब जिज्ञासा का विषय है कि आखिर इन दुर्लभ चीजों को आप कैसे देख सकते हैं। तो आप को इस ऊंची छोटी पर ले जाने के लिए रोपवे है, जिसकी लम्बाई 2512 फीट है और ये एशिया का सबसे ऊंचा रोपवे है यहां 26 ट्रॉलियां है और ये आपको 8 मिनट में रोमांच का सफ़र तय  कर सकते हैं। ये ट्रॉलियां बिलकुल सेफ है और इस ट्रॉली से आप इस विहंगम दृश्य का आनंद ले सकते है इसके लिए आपको महज 125 रुपये देना होगा।

यहां के पर्यटक इस रोमांच के सफ़र का खूब आनंद लेते है और अपने सारे गम भूल जाते हैं। बन्दर यहां की शोभा है और इसकी संख्यालगभग दो हजार है। कुल मिलाकर यह सफ़र इतिहास से वाकिफ तो करता ही है साथ ही आपको एडवेंचर से भी रु-ब- रु कराता है तो तैयार हो जाइये रोमांच के इस सफ़र का आनंद लेने के लिए ।

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बोकारो : भाई-बहन को बंधक बनाए रखने के मामले में चिकित्सक पर मामला दर्ज

NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 8:22 AM
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बोकारो । को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लांट संख्या 229 के मालिक दीपू घोष व उनकी बहन मंजूश्री घोष को कैद रखने के मामले में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता पर पूर्णेन्दू सिंह के बयान पर सिटी पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया है। दीपू घोष व उसकी बहन मंजूश्री का इलाज फिलहाल बोकारो जेनरल अस्पताल में चल रहा है। दीपू की हालत में काफी सुधार है जबकि मंजूश्री शारीरिक रूप से स्वस्थ्य होने के बावजूद मानसिक यातना के कारण हालत ठीक नहीं है।

 धनबाद : डायरियां से एक व्यक्ति की मौत, दर्जनों लोग बीमार

विदित हो कि पुलिस कप्तान कार्तिक एस ने गुरूवार को स्वयं अस्पताल पहुंचकर भाई-बहन से जानकारी ली थी। मंजू श्री ने एसपी को जो बताया उससे स्पष्ट हुआ कि उसको प्रताड़ित किया गया है। इधर मुकदमा दर्ज होने के बाद डॉ. डीके गुप्ता की मुश्किलें बढ़ गई है। सरकारी चिकित्सक होते हुए किस परिस्थिति में वे बाहर के क्लिनिक में इलाज कर रहे थे ये सवाल उठ रहे हैं। डॉ. गुप्ता चास अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित हैं।

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गोमिया : उच्च विद्यालय विभागीय उदासीनता का शिकार, पठन-पाठन ठप

NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 11:39 AM
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आजसू केंद्रीय सचिव लंबोदर महतो ने किया उच्च विद्यालय का निरीक्षण

गोमिया (बोकारो) । तेनुघाट शिविर संख्या दो स्थित नदी घाटी योजना उच्च विद्यालय देखते ही देखते विभागीय उदासीनता का शिकार हो गया। जिसके कारण पिछले कई वर्षों से उक्त विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह से बंद हो गया। विद्यालय के बंद हो जाने से आस-पास के क्षेत्रों के सैकड़ों बच्चों को मैट्रिक तक की पढ़ाई के लिए काफी परेशानी उत्पन्न हो गई है।

लोगों ने कहा कि पांच किलोमीटर तक एक भी उच्च विद्यालय नहीं है। जिस कारण खास कर लड़कियों के लिए मैट्रिक तक की पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। कहा कि सरकार का बेटी पढ़ाओ का नारा यहां धूमिल होता प्रतित हो रहा है। लोगों ने आजसू के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो से मुलाकात कर इस समस्या से अवगत कराते हुए पुनः उक्त विद्यालय में पठन-पाठन चालू करवाने का अनुरोध किया।

चतरा : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का हर महीने करें मूल्यांकन- उपायुक्त

वहीं डॉ. महतो ने लोगों के अनुरोध पर नदी घाटी योजना उच्च विद्यालय का निरीक्षण कर लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि निश्चित तौर पर आगामी सेशन से विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य शुरू हो जायेगा।

उन्होंने इस बाबत  तेनुघाट बांध के कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण विद्यालय बंद हुआ है। इसलिए अब विभाग की ही जिम्मेवारी है कि पुनः इस विद्यालय को चालू करें। इस अवसर पर विकास झा, नरेन्द्र सिंह, अनादि दे, प्रकाश झा, कमल लोचन सिंह, लक्ष्मी प्रसाद, कुंदन सिंह, सुजीत कुमार पाण्डेय, पंकज पाठक, पांडु कुमार पांडु सहित कई लोग मौजूद थे।

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गढ़वा : पुलिस ने पूरे गिरोह का किया उद्भेदन, लंबे समय से थी तलाश

NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 11:10 AM
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बड़े चालाकी से देते थे घटना को अंजाम

गढ़वा। इधर कुछ दिनों से लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटना से जहां एक तरफ वाहन चालक हलकान थे, वहीं दूसरी ओर पुलिस भी खासा परेशान थी। जिससे निजात पाने के लिए आखिरकार पुलिस ने चोर गिरोह का उद्भेदन कर दिया।

चोर गिरोह के चार सदस्‍य को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर पलामू से बाकि के चार चोरों को गिरफ्तार किया। जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि ये चोर गाड़ी के लॉक को आसानी से खोल कर वारदात को अंजाम दिया करते थे।

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फिर उस गाड़ी के पार्ट्स को गैराज में देकर अलग अलग कर दिया जाता था। पुलिस बहुत दिनों से इनके तलाश में थी। गुप्त सूचना के आलोक में पहले गिरोह के एक सदस्य की गिरफ्तारी हुई। फिर उसके निशानदेही पर पूरे गिरोह का उद्भेदन किया। चोरी किया हुआ मोटरसाइकिल भी बरामद किया गया।

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