भारतीय भारोत्तोलन की नई आइकन बनने की ओर मीराबाई चानू

NewsCode | 5 April, 2018 4:11 PM
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नई दिल्ली| सभी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए भारत की स्टार भारोत्तोलक साएखोम मीराबाई चानू ने गुरुवार को 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।

मणिपुर की चानू ने इस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया और अपने प्रतिद्वंद्वियों को आस-पास भी नहीं भटकने दिया। चानू ने एक साथ राष्ट्रमंडल खेलों का रिकार्ड और गेम रिकार्ड अपने नाम किए।

चानू ने स्नैच में 86 का स्कोर किया और क्लीन एंड जर्क में 110 स्कोर करते हुए कुल 196 स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम किया।

स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में चानू का यह व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने साथ ही दोनों में राष्ट्रमंडल खेल का रिकार्ड भी अपने नाम किया है।

चानू ने विश्व चैम्पियन और नाइजीरिया की ऑगस्टिना नवाओकोलो का गेम रिकॉर्ड तोड़ा, जो 175 किलोग्राम का था। यह रिकॉर्ड उन्होंने 2010 में बनाया था।

चानू का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड 194 किलोग्राम का था, जो उन्होंने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में बनाया था। इसमें उन्होंने खिताबी जीत हासिल की थी।

स्पर्धा का रजत पदक मौरिशस की मैरी हैनित्रा के नाम रहा, जिन्होंने कुल 170 किलोग्राम भार उठाया जबकि श्रीलंका की दिनुशा गोमेज 155 किलोग्राम भार उठा कर कांस्य जीतने में सफल रहीं।

चानू ने शानदार शुरूआत की और पहले प्रयास में 80 किलोग्राम का भार उठाया। इसके बाद उन्होंने 84 किलोग्राम और 86 किलोग्राम भार उठा कर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल किया।

ब्रेक में चानू, मैरी पर 10 किलोग्राम की बढ़त के साथ गईं।

क्लीन एंड जर्क में भारतीय खिलाड़ी ने शानदार शुरूआत की पहले प्रयास में 103 किलोग्राम का भार उठाया। इसके बाद उन्होंने 107 किलोग्राम का भार उठाने में सफलता हासिल की। आखिरी प्रयास में 110 किलोग्राम का भार उठाते हुए चानू ने भारत की झोली में स्वर्ण डाला। 110 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क में चानू का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इससे पहले, गुरुवार को ही भारोत्तोलान में ही गुरुराज ने इन खेलों का पहला पदक दिलाया था। वह पुरुषों की 56 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में रजत जीतने में सफल रहे थे।

पिछले कुछ वर्षो में चानू के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है। वह भारतीय भारोत्तोलन की परंपरा की बागडोर अपने हाथ में ले चुकी हैं और आदर्श खिलाड़ी के रूप में अपना वर्चस्व स्थापित कर रही हैं।

चानू से इस साल एशियाई खेलों और 2020 टोक्यो ओलम्पिक खेलों में भी पदक की उम्मीद है। उनका कहना है कि वह भारत की महिला भारोत्तोलक विश्व चैम्पियन कुंजारानी देवी, 2000 ओलम्पिक खेलों की कांस्य पदक विजेता कर्णम मलेश्वरी,लैशराम मोनिका देवी और संजीता चानू को पछाड़कर देश की नई पहचान बनने के लिए तैयार हैं।

इस उपलब्धि तक पहुंचने वाली चानू के लिए जीवन आसान नहीं रहा। 23 वर्षीया चानू इम्फाल ईस्ट जिले की हैं। अन्य भारतीय खिलाड़ियों की तरह ही उन्हें भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।

चानू की प्रेरणा भारतीय महिला भारोत्तोलक कुंजारानी रही हैं, जो मणिपुर की हैं। 2007 में चानू ने इस खेल में कदम रखा था और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

दक्षिण एशियाई जूनियर खेलों में चानू ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही अपनी क्षमता का सबूत दिया। इसके बाद, उन्होंने 2011 में अंतर्राष्ट्रीय युवा चैम्पियनशिप में भी सोना जीता।

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वरिष्ठ स्तर पर उनका पहला पदक 2014 में ग्लास्गो में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों में आया। उन्होंने रजत पदक हासिल किया और संजीता चानू ने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद, 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों में और 2017 राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीते।

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 आईएएनएस

रांची : दो फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रारंभ किया जाएगा- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 11:54 AM
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अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी में 2 प्रतिशत का आरक्षण

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि राज्य में फुटबॉल खेल को बढ़ावा देने के लिए दो फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। झारखंड खेल प्राधिकरण के द्वारा बिरसा मुंडा फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रांची एवं सिदो-कान्हू फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस देवघर में प्रारंभ किया जाएगा।

राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में ही झारखंड के सभी प्रखंडों में कमल क्लब का गठन किया है। कमल क्लब के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभा को राज्य स्तर पर निखारने का काम किया जा रहा है। झारखंड में फुटबॉल खेल को आगे ले जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर के मेधावी फुटबॉल खिलाड़ियों को ड्रेस, जूता, खेल कीट एवं फुटबॉल राज्य सरकार निशुल्क उपलब्ध कराएगी। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए सरकार एक्सपर्ट कोच की भी व्यवस्था करेगी।

जनजातीय समाज के फुटबॉल खेलने वाले बच्चों को निशुल्क ड्रेस एवं खेल उपकरण दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री सोमवार को रांची कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री आमंत्रण फुटबॉल टूर्नामेंट 2018 के समापन को संबोधित कर हरे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वैसे खिलाड़ी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धाओं में मेडल अथवा पुरस्कार जीत कर आएंगे उन्हें राज्य स्तरीय सरकारी नौकरी में 2 प्रतिशत का आरक्षण राज्य सरकार देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की बेटियों ने खेल के विभिन्न क्षेत्रों में बहुत ही अच्छा कार्य किया है. बेटियां निरंतर अच्छा खेलकर सुर्खियां बटोर रही हैं. राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सभी प्रखंड एवं जिला स्तरों में लड़कियों का भी फुटबॉल टीम का गठन किया जाए।  लड़कियों की टीम को भी खेल से संबंधित सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. झारखंड की नारी शक्ति में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इनकी प्रतिभा को राज्य स्तर पर पहचान देने का कार्य सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि फुटबॉल के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी झारखंड से निकलें और राज्य एवं देश का प्रतिनिधित्व करें यह सरकार की सोच है. लक्ष्य को हमेशा आगे रखने की जरूरत है।

झारखंड खेल प्रतिभा का धनी राज्य रहा है। हॉकी, तीरंदाजी, क्रिकेट इत्यादि खेलों में झारखंड के कई खिलाड़ियों ने प्रसिद्धि प्राप्त की है और देश और दुनिया में झारखंड का नाम रोशन किया है। राज्य सरकार की यह सोच है कि फुटबॉल के क्षेत्र में भी ऐसे ही प्रसिद्ध खिलाड़ी उभर कर सामने आए और राज्य का मान बढ़ाएं।

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रांची : डी ए वी कपिलदेव पब्लिक स्कूल में रक्तदान शिविर का आयोजन 

NewsCode Jharkhand | 16 November, 2018 9:43 PM
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रांची । डी ए वी कपिलदेव पब्लिक स्कूल, कडरू, में आज झारखंड,मध्यप्रदेश, सिक्किम, प0 बंगाल, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश नेपाल और बिहार में एक सौ अस्सी से ज्यादा संख्या में डी ए वी संस्थानों की स्थापना करनेवाले भूतपूर्व निदेशक स्वर्गीय एन डी ग्रोवर जी के जन्म दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों को पुष्पगुच्छ प्रदान करने से हुई। बाद में अतिथियों ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के अतिरिक्त प्रधान सचिव के. के खंडेलवाल की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य एम के सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में स्वर्गीय एन डी ग्रोवर को याद करते कहा कि श्री ग्रोवर महिला शिक्षा के विशेष रूप से समर्थक थे। वे ग़रीब तथा जरूरत मंद लोगों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। प्राचार्य ने कहा कि एन डी ग्रोवर जी ने झारखंड , बिहार , पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, सिक्किम, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में शिक्षा की क्रांति पैदा कर दी। उन्होंने बताया कि गरीब छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने में वे हमेशा तत्पर रहते थे। क्षेत्र में विशेषकर सारुबेड़ा में उन्होंने ग़रीब और अशिक्षित महिलाओं के लिए अनौपचारिक शिक्षा केंद्र खुलवाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें । प्राकृतिक विपदाओं में उन्होंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष रूप से उड़ीसा में आए चक्रवात में चालीस दिनों तक अनवरत बाढ़ पीड़ितों की सेवा में लगे रहे और उन्हें भोजन, कंबल, वस्त्र जैसी आवश्यक चीजें उपलब्ध करायीं। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के अतिरिक्त प्रधान सचिव के. के. खंडेलवाल ने स्वर्गीय एन डी ग्रोवर को याद करते हुए उन्हें सामान्य और अति साधारण रहन सहन वाला समाजसेवी बताया। उन्होंने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने मन में स्वप्न रखें और दृढ़ इच्छाशक्ति से उसे पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य अगर ठान ले तो कोई भी चीज असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्राचार्य एम.के. सिन्हा के नेतृत्व में विद्यालय नयी उपलब्धियों और ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। बाद में मुख्य अतिथि के. के. खंडेलवाल और प्राचार्य एम के सिन्हा ने सम्मिलित रूप से ब्लड डोनेशन शिविर का  फीता काटकर उद्घाटन किया। रक्तदान शिविर में पचास से ज्यादा शिक्षक-शिक्षिका और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने रक्तदान किया।

मौके पर विद्यालय के छात्र छात्राओं ,वरीय शिक्षकों और रिम्स की चिकित्सीय जाँच टीम के अलावा डॉ. वी. के. वर्मा, डॉ. सुहाष तेतरवे, एलएमसी सदस्य आर. के. मिश्रा, बी. डी. तिवारी, डीएवी गांधीनगर के प्राचार्य एस के सिन्हा, डीएवी नीरजा सहाय के प्राचार्य एस. के. मिश्रा, डीएवी हेहल के प्राचार्य एम.के सिन्हा,  समाजसेवी मुकेश तनेजा, विद्यालय के जीवविज्ञान शिक्षक डॉ. एन.के. पाण्डेय, डॉ. आर.बी. शर्मा तथा पी. एन. झा भी उपस्थित थे।

रांची: विस चुनाव को लेकर कांग्रेस की बैठक, प्रत्येक बूथ पर कमेटी बनाने का निर्णय

NewsCode Jharkhand | 16 November, 2018 9:36 PM
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रांची । प्रदेश कांग्रेस कमिटी की बैठक आज झारखण्ड विधानसभा स्थित सभागार, धुर्वा, रॉंची में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अजय कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में पार्टी द्वारा चलाये जाने वाले जन-सम्पर्क अभियान की शुरूआत की गयी। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की ओर से जन-सम्पर्क अभियान के लिए नियुक्त राज्य के पर्यवेक्षक अजय शर्मा एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम मुख्य रूप से शामिल हुए।

बैठक में जन-सम्पर्क अभियान के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डा0 अजय कुमार ने कहा कि मिशन 2019 के तहत पार्टी द्वारा बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेवारी देने के लिए एक व्यापक तैयारी की गयी है, जिसके तहत हम जन-सम्पर्क कर गांव-गांव तक मतदान केन्द्रों पर आम लोगों की बैठक करेंगे और पार्टी की ओर से प्रत्येक बूथ में कम से कम पॉंच सदस्यों की कमिटी तैयार की जायेगी। कांग्रेस के सभी इकाईयों को इस अभियान से जोड़ा जायेगा तथा सभी को महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी जायेगी।

कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि समय-समय पर आवश्यकतानुसार पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने का निर्णय लेती रही है। यह जन-सम्पर्क अभियान पार्टी और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर चलाया जा रहा है, जिसमें हम जनता का सहयोग और समर्थन दोनों लेंगे तथा सभी को पार्टी से जोड़ा जायेगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के पर्यवेक्षक अजय शर्मा ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता मतदान केन्द्रों तक जायें, गांवों का भ्रमण करें और साथियों को पार्टी से जोड़ें। इस कार्यक्रम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एक बड़े उद्देश्य के तहत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने आम लोगों के बीच संगठन को जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने जन-सम्पर्क अभियान समिति के सदस्यों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।  कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस जन-सम्पर्क अभियान समिति के चेयरमेन रविन्द्र सिंह ने किया, अतिथियों का स्वागत महानगर कांग्रेस अध्यक्ष संजय पाण्डें तथा धन्यवाद ज्ञापन ग्रामीण अध्यक्ष सुरेश बैठा ने किया।  बैठक में मुख्य रूप से पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, डा0 रामेश्वर उरांव, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, कामेश्वर बैठा, के. एन. त्रिपाठी, के. एन. झा, अजय दूबे, रमा खलखो, अशोक चौधरी, सुल्तान अहमद, भीम कुमार, राजेश ठाकुर, राजीव रंजन प्रसाद, लाल किशोरनाथ शाहदेव, शमशेर आलम, गुंजन सिंह, कुमार गौरव, नेली नाथन, शकील अख्तर अंसारी, फैयाज कैशर, रणविजय सिंह, जवाहर लाल सिन्हा, रवीन्द्र कुमार झा, मानस, अजय शाहदेव, ब्रजेन्द्र प्रसाद सिंह, साजिद अहमद, रौशन बरूआ, अनूप केशरी, देवकुमार राज, रामकृष्ण चौधरी, नरेश वर्मा, मुन्ना पासवान, इमदाद हुसैन, रविन्द्र कुमार वर्मा, मंजूर अंसारी, मनोज सहाय पिंकू, जयेश रंजन पाठक, अरविन्द कुमार तूफानी, मुनेश्वर उरॉंव, विजय खां, सन्नी सिंकू, श्यामल किशोर सिंह, छोटेराय किस्कु, अनुकूल मिश्रा, दिनेश यादव, उदय लखानी, मुक्ता मंडल, मनोज कुमार, सुनील सिंह, केदार पासवान, विशु हेम्ब्रम, शकील अंसारी, दिनेश सिंह राठौर, सुमित शर्मा, सुखेर भगत, चन्द्रभान सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

 

 

 

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