चतरा : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरायी यात्री बस, हादसे में 15 यात्री घायल

Aman Rana | 8 August, 2018 6:50 PM
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दो यात्रियों की हालत गंभीर, रांची रेफर

चतरा। रांची से चतरा लौट रही यात्री बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना में पंद्रह यात्री घायल हो गए। जिन्हें ग्रामीणों के सहयोग से उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया। घायलों में दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को उपचार के लिए रांची रेफर किया गया है। जबकि अन्य घायलों का इलाज सदर अस्पताल में ही किया जा रहा है।

देवघर : स्कूली ऑटो पेड़ से टकराई, कई बच्चे घायल

जानकारी के अनुसार एनएच-99 पर स्थित सिमरिया थाना क्षेत्र के जबड़ा इलाके में सड़क पर खेल रहे बच्चे को बचाने में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतना जोरदार थी कि बस का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

आनन-फानन में ग्रामीणों ने यात्रियों को बस से बाहर निकाल कर घटना की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी।

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लोहरदगा : एनडीआरएफ के प्रयास से किसान का मिला शव  

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 12:25 PM
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कोयल नदी में डूबने से हुई थी मौत

लोहरदगा। एनडीआरएफ की टीम के प्रयास से कैरो थाना क्षेत्र के टाटी गांव निवासी किसान विशु उरांव उर्फ विश्वनाथ उरांव का शव 40 घंटे बाद पानी के ऊपर तैरता नजर आया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कैरो थाना को दे दी है।

कैरो थाना पुलिस शव को कब्जे में लेकर कांड अंकित करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।  घटना के बादस से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। विशु अपने परिवार का एकलौता सहारा  था।

गिरिडीह : अजगर सांप के निकलने से मचा इलाके में हड़कंप

खेती-बारी कर वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वहीं प्रखंड प्रशासन ने सरकारी प्रावधान के अनुरूप सहायता करने की बात कही है।

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जमशेदपुर : पक्षी प्रेमियों ने दिखायी संवेदना, सैकड़ों पक्षियों को पिंजरे से किया आजाद

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:46 PM
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बेजुबानों को भी होती हैै आजादी प्यारी

जमशेदपुर। आजादी किसे प्यारी नहीं होती… चाहे इंसान हो या जानवर, हर कोई आजाद रहना चाहता है। आज एक ओर जहां पूरा देश  आजादी के जश्न मे डूबा हुआ है, वहीं जमशेदपुर के कुछ पक्षी प्रेमियों ने सौ से भी अधिक विदेशी पक्षियों को पिंजरा से आजाद किया और एक संदेश देने का प्रयास किया कि बेजुबानों को भी आजादी प्यारी होती है।

जमशेदपुर : बहुजन क्रांति मोर्चा ने संविधान जलाने वालाेें पर कार्रवाई को लेकर किया विशाल प्रदर्शन

टाटा जू ने भी लंगूरों को खुले बाड़े में रखने का लिया निर्णय

वहीं इस कड़ी में टाटा जू ने भी एक कदम बढ़ा दिया है और आज से जू के लंगूरों को छोटे बाड़े से निकालकर बड़े और खुले बाड़े में आजाद रखने का निर्णय लिया गया। वहीं लंगूर खुले बाड़े में काफी खुश नजर आए। खुले बाड़े में छोड़े जाने के बाद सभी लंगूर इधर उधर धमा- चौकड़ी करते हुए काफी खुश दिखे।

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देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
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देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

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