चांडिल : पंचायत स्तरीय मुख्यमंत्री आमंत्रण कप प्रतियोगिता प्रारंभ

NewsCode Jharkhand | 9 October, 2018 9:34 PM
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चांडिल।  ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तुता, सोङो एवं सितु पंचायत मे मंगलवार को मुख्यमंत्री आमंत्रण कप फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया गया।

सितु पंचायत के पिलीद स्टेडियम मेंं आयोजित प्रतियोगिता मे कमल क्लव पिलीद को पछाड़ कर कमल क्लव कुटाम विजयी रहा ।

बीडीओ सत्येन्द्र महतो ने बताया की 5अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है ।

मौके पर कमल क्लव के प्रखंड अध्यक्ष संजय मंडल, उपाध्यक्ष दिलीप दास , भवतारण महतो, मुखिया पंचानन पातर,  अश्विनी गोप, बंशीधर महतो आदि उपस्थित थे ।

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रांची : दो फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रारंभ किया जाएगा- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 11:54 AM
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अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी में 2 प्रतिशत का आरक्षण

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि राज्य में फुटबॉल खेल को बढ़ावा देने के लिए दो फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। झारखंड खेल प्राधिकरण के द्वारा बिरसा मुंडा फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रांची एवं सिदो-कान्हू फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस देवघर में प्रारंभ किया जाएगा।

राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में ही झारखंड के सभी प्रखंडों में कमल क्लब का गठन किया है। कमल क्लब के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभा को राज्य स्तर पर निखारने का काम किया जा रहा है। झारखंड में फुटबॉल खेल को आगे ले जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर के मेधावी फुटबॉल खिलाड़ियों को ड्रेस, जूता, खेल कीट एवं फुटबॉल राज्य सरकार निशुल्क उपलब्ध कराएगी। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए सरकार एक्सपर्ट कोच की भी व्यवस्था करेगी।

जनजातीय समाज के फुटबॉल खेलने वाले बच्चों को निशुल्क ड्रेस एवं खेल उपकरण दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री सोमवार को रांची कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री आमंत्रण फुटबॉल टूर्नामेंट 2018 के समापन को संबोधित कर हरे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वैसे खिलाड़ी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धाओं में मेडल अथवा पुरस्कार जीत कर आएंगे उन्हें राज्य स्तरीय सरकारी नौकरी में 2 प्रतिशत का आरक्षण राज्य सरकार देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की बेटियों ने खेल के विभिन्न क्षेत्रों में बहुत ही अच्छा कार्य किया है. बेटियां निरंतर अच्छा खेलकर सुर्खियां बटोर रही हैं. राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सभी प्रखंड एवं जिला स्तरों में लड़कियों का भी फुटबॉल टीम का गठन किया जाए।  लड़कियों की टीम को भी खेल से संबंधित सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. झारखंड की नारी शक्ति में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इनकी प्रतिभा को राज्य स्तर पर पहचान देने का कार्य सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि फुटबॉल के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी झारखंड से निकलें और राज्य एवं देश का प्रतिनिधित्व करें यह सरकार की सोच है. लक्ष्य को हमेशा आगे रखने की जरूरत है।

झारखंड खेल प्रतिभा का धनी राज्य रहा है। हॉकी, तीरंदाजी, क्रिकेट इत्यादि खेलों में झारखंड के कई खिलाड़ियों ने प्रसिद्धि प्राप्त की है और देश और दुनिया में झारखंड का नाम रोशन किया है। राज्य सरकार की यह सोच है कि फुटबॉल के क्षेत्र में भी ऐसे ही प्रसिद्ध खिलाड़ी उभर कर सामने आए और राज्य का मान बढ़ाएं।

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पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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