चक्रधरपुर : संकटमय परिस्थितियों में कार्य करने को विवश हैं गुड़ाखूू फैक्टरी के कर्मी

Ramgopal Jena | 10 August, 2018 3:54 PM
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कमला गुड़ाखूू फैक्टरी में कार्य करने वाले मज़दूरों का जीवन अंधकारमय

श्रम मंत्रालय झारखण्ड के आदेश पर जांच दल पहुंचा चक्रधरपुर

मज़दूर यूनियन के महासचिव राजाराम महतो की शिकायत पर पहुंची थी टीम

चक्रधरपुर। ग्रामीण क्षेत्रीय झारखंड मजदूर यूनियन के महासचिव राजाराम महतो के शिकायत पर श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग झारखंड सरकार के निर्देश पर चक्रधरपुर के मेसर्स  कमला गुड़ाखूू  फैक्ट्री कुसुम कुंज -2 में जांच हेतु गठित टीम पहुंची।

यहां पर यह बताना उचित है कि कमला गुड़ाखूू फैक्‍ट्री में काम करने वाले मजदूरों का जीवन अंधकार में है। ना तो इन्हें हाथ में पहनने को दस्ताना मिलता है ना ही माॅॅस्‍क। जान हथेली में लेकर मजदूरी करते हैं और  मजदूरी दर  बिल्कुल कम दी जा रही है।

मजदूरों के अनुसार 120 -130 रुपये ही भुगतान इन लोगों के काम के एवज पर किया जाता है जिसको लेकर मजदूरों में भी आक्रोश व्याप्त है। मजदूरों से धावा दल के पदाधिकारियों द्वारा पूछताछ के क्रम में मजदूरों ने इन बातों की जानकारी दी।

महासचिव राजाराम महतो की  शिकायत पर  जांच पड़ताल के लिए  एक धावा दल का गठन किया गया है। शुक्रवार को  जांच करने दल चक्रधरपुर पहुंचा।

दल में शामिल राकेश कुमार उप श्रमायुक्त जमशेदपुर अध्यक्ष, विनय कुमार कारखाना निरीक्षक चाईबासा सचिव, ऋतुराज सिंह प्रवर्तन पदाधिकारी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन चाईबासा सदस्य,  धीरेंद्र नाथ महतो श्रम अधीक्षक चाईबासा आदि सदस्याेेंें ने सभी मज़दूरों से बारी बारी से जानकारी ली।

 जांच की सूचना शिकायतकर्ता ग्रामीण क्षेत्रीय  झारखंड मज़दूर यूनियन के महासचिव राजाराम महतो को भी दी गई  थी। वे भी  जांच के क्रम में  मौजूद थे।

क्या है मामला

ग्रामीण क्षेत्रीय झारखंड मजदूर यूनियन पश्चिम सिंहभूम के महासचिव राजाराम महतो ने श्रम मंत्री झारखंड सरकार को पत्र लिखकर कमला गुड़ाखू फैक्ट्री कुसुम कुंज दो में कार्यरत 26 मजदूरों को काम करने से मना किए

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जाने  एवं काम में  वापस लेने के मामले को लेकर पत्र लिखा है। पत्र के संबंध में कहा गया है कि चक्रधरपुर में कमला  गुड़ाखूू  फैक्ट्री कुसुम कुंज 2 में  वर्षों से कार्यरत 26 मजदूरों को बिना पूर्व सूचना के बिना कारण मजदूरों को कंपनी ने विगत 31 मार्च 2018 से काम करने से रोक दिया है।

सभी मजदूरों को पहचान पत्र नहीं दिये गये हैं। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं दिये जाते हैं जबकि वर्षों से कार्यरत मजदूरों को अधिकतम मजबूरी मिलनी चाहिए। मजदूरों की भविष्य निधि की राशि कंपनी हजम कर जाती है ।

कंपनी के ऊपर कानूनी कार्रवाई करने की मांग श्री महतो ने  की है। उन्होंने मांग की है कि 26 मजदूरों को 31 मार्च 2018 से पेमेंट के साथ वर्षों से कार्यरत मजदूरों को काम पर वापस लेते हुए उनका स्थायीकरण किया जाए।

इन मज़दूरों के साथ हो रहा अन्‍याय

माधव लोहार ,परमेश्वर रामायण मिश्रीलाल महतो  प्रवीण कुमार प्रधान, मिहिर प्रधान,परेश प्रधान भरत  टुडू, टॉस्कर  महतो, सुरेंद्र महतो, संजय खंडाइत, बबलू बोदरा,केदार सामाड, गोमिया  महतो, राजेंद्र महतो, बसंत महतो, जगदीश महतो, वीरेंद्र सिंह, अनिल महतो, परेश महतो, गणेश महतो, छोटेलाल सरदार, कम्पनी सरदार, शिव शंकर बारला, कृष्ण चंद्र ग्वाला, जगमोहन महतो, रतन लाल महतो के नाम शामिल हैं।

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बोकारो : पटेल सेवा संघ का बढ़ा विवाद, अनियमितता का आरोप

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 6:02 PM
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बोकारो। पटेल सेवा संघ में हो रहे विवाद को लेकर संघ सुर्खियों में रह रहा है। आज एक बार फिर से संघ की नई कार्यकारिणी बनने के बाद भी विवाद सामने आने लगा है। संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार ने महासचिव, संस्थापक सदस्य, विद्यालय प्रबंधन समिति और पटेल स्कूल सेक्टर नाइन के प्राचार्य पर वित्तीय अनियमितता करने का आरोप लगाते हुए संघ को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।

संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार ने चास के तारानगर स्थित पटेल धर्मशाला में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर कई गंभीर आरोप लगाया। मनोज कुमार ने कहा कि संघ की नई कार्यकारिणी के सत्तर फीसदी सदस्य विद्यालय और डोनेशन की राशि का गलत इस्तेमाल अपने निजी कार्यों के लिए कर रहे है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान कमिटी के कुछ सदस्य पूर्व की कमिटी पर गबन का आरोप लगाने का काम करते थे। लेकिन आज ये सामने आ गया है कि पूर्व में आरोप लगा रहे सदस्य संघ के पैसे पर डाका डालने का काम कर रहें है।

कुमार ने कहा कि पटेल स्कूल के अधिकतर शिक्षक से लेकर कर्मचारी सभी सदस्यों को पत्र लिख कर सीबीएसई गाईडलाईन के तहत वेतनमान देने की मांग कर रहें है लेकिन ये अभी सदस्य इनकी बातों पर ध्यान नही देने का काम कर रहें है। जिसके चलते स्कूल में आंदोलन की तैयारी है। ऐसे में छात्रों का भविष्य अंधकार होता दिख रहा है।

कुमार ने कहा कि संघ की कमिटी के वर्तमान कोषाध्यक्ष पत्र लिख कर राशि को कोष में जमा नही करने की बात कह रहे है। वावजूद इसके कोई भी इस दिशा में ठोस कदम नही उठा रहे है। उन्होंने कहा कि संघ के सदस्य राशि का गलत इस्तेमाल निजी कामों के लिए किया जा राह है। जो संघ के हित मे ठीक नही है।

उन्होंने कहा कि संघ में सामिल गलत लोगों को बाहर निकालने के लिए आने वाले दिनों में समाज की आमसभा आयोजित की जाएगी।

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रांची : मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने किया कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का शुभारंभ

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:38 PM
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रांची। राज्य के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने आज मोरहाबादी स्थित पार्क प्लाजा के दूसरे तल्ले में कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने आशा जतायी कि यह सर्विसेज आम जनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

कंफर्ट लाइव सर्विसेज में फ्लैट खरीद- बिक्री, स्वास्थ्य बीमा, अवधि बीमा, म्युचुअल फंड, एसआईपी एवं वाहनों की बीमा आदि की सुविधा लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

शुभारंभ के मौके पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, चंद्रशेखर महतो, संचालक राजेश कुमार, रंजना चौधरी, गीता महतो, कल्पना मुखिया, संतोष  मुखिया, अमित साव एवं अजय श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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भोगनाडीह : झामुमो ने संथाल को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:36 PM
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भोगनाडीह  में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए

भोगनाडीह। राज्य को संथाल परगना ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से तीन तीन मुख्यमंत्री दिये,  लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया वो गरीब आदिवासी, वंचित दलित की अनदेखी कर अर्थपेटी और मतपेटी भरने का कार्य किया।

साथ ही संथाल परगना को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया। सबसे ज्यादा आदिवासियों की जमीन लूटने का काम सोरेन परिवार ने किया है। आज सीएनटी-एस पीटी एक्ट के उल्लंघन कर विभिन्न शहरों में आदिवासियों की जमीन ले ली।

जबकि संथाल परगना समेत राज्य भर में यह कह कर गुमराह किया गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आएगी तो आदिवासी की जमीन लूट लेगी। क्या 4 साल सरकार द्वारा किसी आदिवासी की जमीन लूटी गई नहीं। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही।

बरहेट का प्रतिनिधित्व करने वाला कभी विधानसभा में सवाल नहीं उठाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहेट का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले ने कभी भी विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रश्न नहीं रखा, क्योंकि उसे पता ही नहीं है कि क्षेत्र की समस्या क्या है ऐसे में विकास के कार्य कैसे सम्पन्न होंगे।

लोगों को यह सोचना चाहिए और स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे वोकिसी पार्टी का हो।

कार्यकर्ता पार्टी का प्राण, पार्टी के लिए राष्ट्र पहले

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जहां वंशवाद और परिवार नहीं। एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री और मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है। मैं भी बूथ स्तर का कार्यकर्ता था।

पार्टी के लिए समर्पण भाव से कार्य करते हुए 1995 में विधायक बना और अब मुख्यमंत्री हूं। आप भी ईमानदारी से कार्य करें। सरकार की योजनाओं को जन जन पहुंचाये। पार्टी के वविभिन्न मोर्चा के लोग इस कार्य में लगे। क्योंकि पार्टी के लिए राष्ट्र पहले है।

इस राष्ट्र को और मजबूत करने के लिए वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना चुके प्रधानमंत्री  के हाथों को मजबूत करें। इस अवसर पर अनंत ओझा,  धर्मपाल सिंह, हेमलाल मुर्मू समेत अन्य मौजूद थे।

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