चाईबासा : कुपोषण के शिकार हैं जिंकीलता गांव के अनेक बच्चे, स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ पर उठे सवाल

NewsCode Jharkhand | 3 July, 2018 10:57 AM
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चाईबासा । पश्चिम सिंहभूम जिला कुपोषित बच्चों के मामले में देश में चौथे पायदान पर है। हजारों की संख्या में आदिवासी बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। कुपोषण के कारण यहां के आदिवासी बच्चों का मानसिक, बौद्धिक और शारीरिक विकास रूक गया है और बौनापन के शिकार हो गए हैं। जिनके इलाज के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है।

समय-समय पर केंद्र, राज्य और यूनिसेफ की टीमें जिले कुपोषण उपचार केंद्र और गांवों का दौरा कर रही है। जिले के डाक्टरों को बेहर इलाज और देखभाल का टिप्स दे रहे हैं। लेकिन इन सब के बावजूद आज भी सैकडों बच्चे कुपोषण के शिकार हैं और इलाज से वंचित हैं। जिले के टोंटो प्रखंड के सुदूरवर्ती जिंकीलता गांव और आस-पास के इलाके में  कुपोषित बच्चों का मिलना और इलाज से वंचित रहना राज्य स्वास्थ्य विभाग के दावे को उजागर कर रहा है।

इस गांव में कई बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार हैं। जिनका इलाज आज  तक नहीं हो पाया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ का दावा है कि वे जिले के हर गांव में बच्चों का सर्वेक्षण करते हैं और कुपोषित बच्चों को खोज कर उनका इलाज कराते हैं। इसके बावजूद  जिंकीलता गांव में काफी संख्या में कुपोषित बच्चों का मिलना स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के दावे पर प्रश्न चिन्ह खडा है।

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गौरतलब है कि कुपोषित बच्चों की पहचान और समुचित इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग  के साथ समाज कल्याण विभाग एक साथ काम करते हैं। गांवों में कुपोषित बच्चों के लिए पहचान करने के लिए यूनिसेफ और कई एनजीओ भी लगे हैं। लेकिन सभी मुख्य सडकों के आस-पास के गांवों का दौरा कर अपना ड्यूटी पूरी कर रहे हैं।  सुदूरव्रती गांवों तक न तो स्वास्थ्य विभाग पहुंच रहा है न यूनिसेफ और न एनजीओ के लोग।

जिस कारण ही आज भी जिले के सुदूरवर्ती गांवों में सैकडों आदिवासी बच्चें  कुपोषण  से जूझ रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग, युनिसेफ और एनजीओ गलत आकंडा देकर केंद्र और राज्य सरकार की आंखों  में धूल झोंक रहे हैं। जिंकीलता गांव में कुपोषित बच्चों के मिलने की जानकारी जब  कुपोषित उपचार केंद्र के प्रभारी डाक्टर जगन्नाथ हेम्ब्रम को दी गई तो उन्होंने कहा कि वे 4 जुलाई को ही गांव का दौरा करेंगे और गांव में उनकी टीम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उसे चाईबासा केंद्र में भर्ती कर इलाज कराया जाएगा।

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तेनुघाट : ग्रामीणों को मिले निर्वाध विद्युत आपूर्ति- विधायक

NewsCode Jharkhand | 20 August, 2018 5:35 PM
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तेनुघाट(बोकारो)। अनुमंडल कार्यालय तेनुघाट के समक्ष विधायक बबिता देवी एवं पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद और बनिया टोला के ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया। विधायक बबिता देवी ने बताया कि कसमार प्रखंड के बनिया टोला में पिछले 1 महीने से विद्युत आपूर्ति सेवा बाधित है।

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जिससे लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए ग्रामीणों को निर्वाध विद्युत आपूर्ति मिलनी चाहिए है। ग्रामीणों ने मांग किया है कि जल्द से जल्द कसमार, पेटरवार एवं गोमिया प्रखंड की बिजली की विभिन्न समस्याओं का निदान हो। योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्हें गिरफ्तार करें नहीं किया जा रहा है, प्रशासन दोहरी नीति अपनाकर गुनाहगार को बचा रही है।

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वैष्णो देवी यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए होगी हाईटेक व्यवस्था, मिलेंगी ये सारी सुविधाएं

NewsCode | 20 August, 2018 5:58 PM
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जम्मू। माता वैष्णो देवी के दर्शन करने आने वाले भक्तों की सुरक्षा और उच्च स्तरीय सुविधाएं देने के लिए श्राइन बोर्ड हाईटेक व्यवस्था शुरू करने जा रही है। श्रद्धालुओं की जेब कटने से बचाने के लिए घोड़ों व खच्चरों पर चिप लगाने, श्रद्धालुओं को हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के अलावा भवन मार्ग पर मोबाइल टीमें बनाने व प्रीपेड सेवा काउंटर स्थापित करना शामिल है।

मनमानी पर लगेगी लगाम

घोड़ों व खच्चरों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) चिप लगेगी। रास्ते में बने स्मार्ट कार्ड स्केनिंग काउंटरों से घोड़ों की स्थिति पर नजर रहेगी। इससे जहां घोड़े वाले श्रद्धालुओं से मनमाना दाम नहीं वसूल सकेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हेलमेट व सुरक्षा कवच मुहैया कराए जाएंगे, जिससे गिरने पर श्रद्धालु सुरक्षित रहें। बता दें कि घोड़े और खच्चरों से गिरने के दर्जनों हादसे सामने आ चुके हैं।

10,000 मजदूर करते हैं काम

वैष्णो देवी भवन और मार्ग पर घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवा उपलब्ध कराने के लिए 10,000 मजदूर काम करते हैं, मगर इन सेवाओं को लेकर श्रद्धालुओं को ओवर चार्जिंग, दु‌र्व्यवहार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इस कंपनी को मिली जिम्मेदारी 

श्राइन बोर्ड प्रशासन ने जी मैक्स आइटी सिक्योरिटी कंपनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। यह कंपनी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से श्रद्धालुओं की वैष्णो देवी यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित बनाएगी। बेस्ड ऑन टोल (बीओटी) प्रोजेक्ट के तहत उक्त कंपनी अगले पांच साल तक अपनी सेवाएं देगी। इसके तहत कंपनी भवन मार्ग पर चलने वाले करीब 4,600 घोड़ों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) माइक्रो चिप लगाएगी।

कंपनी घोड़ा, पिट्ठू, पालकी व अन्य मजदूरों के बायोमीट्रिक स्मार्ट कार्ड बनाएगी। सभी मजदूरों के साथ ही घोड़ों पर निगरानी के लिए कंपनी वैष्णो देवी भवन और सभी मार्गो पर अत्याधुनिक काउंटर स्थापित करेगी। ये काउंटर वैष्णो देवी भवन, बैटरी कार स्टैंड, भैरो घाटी, हिमकोटि, सांझी छत, अर्धकुंवारी, चरण पादुका, बाण गंगा, चेतक भवन और नए ताराकोट मार्ग पर स्थापित होंगे।

इन अत्याधुनिक काउंटरों में हाईडेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे और एलईडी स्क्रीन लगेंगी। साथ ही जगह-जगह आरएफआइडी सेंसर एंटीना लगाए जाएंगे, जिससे घोड़ा और मजदूर पूरी तरह से निगरानी में रहेंगे।

हेलमेट और सुरक्षा उपकरण दिए जाएंगे

घोड़े की सवारी करते वक्त श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए हेलमेट और सुरक्षा उपकरण दिए जाएंगे, जो पूरी तरह से निशुल्क होंगे। श्रद्धालु सुरक्षा उपकरणों और हेलमेट का उपयोग करने के बाद संबंधित मजदूर को वापस सौंपेंगे।

दु‌र्व्यवहार किया तो जब्त होंगे स्मार्ट कार्ड

अगर यात्रा के दौरान मजदूर या फिर घोड़ा चालक श्रद्धालु के साथ दु‌र्व्यवहार या फिर पैसे की मांग करता है तो वह सीधे निगरानी तंत्र के जरिए पकड़ में आ जाएगा और उसका कार्ड जब्त हो जाएगा। इसके बाद वह तब तक काम नहीं कर सकेगा जब तक पुलिस, एसडीएम या फिर श्राइन बोर्ड अधिकारी उक्त मजदूर को इजाजत नहीं देगा।

मोबाइल टीमें में भी करेंगी जांच

कंपनी भवन मार्ग पर मोबाइल टीमें बनाएगी, जो भवन मार्ग पर घोड़ों के साथ ही मजदूरों की जांच करेंगी। टीमें श्रद्धालुओं से भी फीडबैक लेंगी। कंपनी द्वारा भवन मार्ग पर प्रीपेड व्यवस्था लागू की जाएगी। चेतक भवन, चरण पादुका, बाणगंगा, अर्द्धकुंवारी, हिमकोटि, सांझी छत, भैरव घाटी और वैष्णो देवी भवन पर अत्याधुनिक काउंटर बनाए जा रहे हैं। व्यवस्था को यकीनी बनाने के लिए कंपनी करीब 200 अधिकारी व कर्मचारी तैनात करेगी। पूरी व्यवस्था की निगरानी कंपनी के साथ ही श्राइन बोर्ड प्रशासन, एसडीएम भवन और एसडीएम कटड़ा करेंगे, जिसके लिए श्राइन बोर्ड के कटरा के आध्यात्मिक केंद्र में मुख्यालय बनाया जा रहा है।

मजदूरों से जीएसटी वसूलेगी कंपनी

कंपनी 28 से 30 रुपये प्रति मजदूर जीएसटी युक्त शुल्क वसूलेगी तो दूसरी ओर मजदूर को 24 घंटों के बाद उसकी मजदूरी दी जाएगी। इस समय इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए कंपनी जोरों से काम कर रही है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर में नवरात्र में इस व्यवस्था को शुरू कर दिया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सभी तरह की परेशानियों से निजात मिले इसलिए यह व्यवस्था लागू करने जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुखमय के साथ ही सुरक्षित बनी रहे।

ऑडियो सिस्टम पर बजेंगे धार्मिक संगीत

ताराकोट मार्ग पर हाईटेक मल्टीपर्पज ऑडियो सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। मार्ग पर 15 बूथ और 550 स्पीकर लगाएं जाएंगे। श्रद्धालु धार्मिक संगीत सुन सकेंगे। संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा की देखरेख में डोगरी भाषा में भेंट, मंत्र और धार्मिक गीत पेश होंगे।

गौरतलब है कि माता वैष्णो देवी में प्रतिदिन करीब 25 हजार श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। जबकि शारदीय व चैत्र नवरात्र के अलावा गर्मी की छुट्टियां यात्रा का आंकड़ा 45 हजार से अधिक हो जाता है। कटरा से लेकर भवन तक पारंपरिक मार्ग 13.5 किमी है। जबकि बैटरी कार मार्ग 11.5 किमी है। नया ताराकोट मार्ग बाणगंगा से भवन तक 14.5 किलोमीटर है।

Asian Games 2018: भारत को मिला चौथा मेडल, लक्ष्य ने साधा रजत पर निशाना

NewsCode | 20 August, 2018 5:52 PM
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नई दिल्ली। जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में पहले दिन दो मेडल जीतने के बाद भारत ने दूसरे दिन एक और मेडल हासिल कर लिया। 10 मीटर एयर राइफल में शूटर दीपक कुमार ने शानदार प्रदर्शन कर भारत को तीसरा मेडल दिलाया। दीपक कुमार ने इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। अब भारत के खाते में एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आ गया है।

सुबह दीपक कुमार ने 10 मी. एयर रायफल में रजत पर निशाना साधा, तो हरियाणा के युवा 19 साल के लक्ष्य श्योराण ने शूटिंग के ट्रैप वर्ग में ही रजत कब्जाते हुए भारत को सोमवार को चौथा पदक दिला दिया।


दूसरी ओर महिला कुश्ती में विनेश फोगाट ने 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुंचकर रजत पदक सुनिश्चित कर लिया। विनेश ने उज्बेकिस्तान की याकशिमुरातोवा डाउलेटबिके को तकनीकी सुपरियॉरिटी में 10-0 से हरकार सोने की जंग की पटकथा लिख दी।


पूजा ढांडा और साक्षी मलिक सेमीफाइनल में अपने-अपने वर्गों में हार गईं। लेकिन ये दोनो ही खिलाड़ी रिपेज राउंड के जरिए कांस्य पदक की होड़ में बनी हुई हैं।


अंकिता रैना और प्रार्थना थांबोर की जोड़ी ने महिला डबल्‍स के प्री क्‍वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। गुणास्‍वरेण प्रजनेश ने फितरियादी को हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई। वहीं दिविज शरण और करमन कौर थांडी की जोड़ी भी मिक्‍स्‍ड डबल्‍स के प्री क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गई है।


कोरिया ने भारत को 24-23 से हरा दिया और पहली बार इंटरनेशनल स्‍तर पर भारत को हराया है।


बता दें कि भारत ने इवेंट के पहले दिन की शुरुआत शूटिंग में मिले ब्रॉन्ज मेडल से की तो वहीं दिन का अंत कुश्ती में मिले गोल्ड मेडल से किया। 18वें एशियाई खेलों में भारत के पहला गोल्ड मेडल रेसलर बजरंग पुनिया ने पुरुषों के 65 किलो फ्री-स्टाइल इवेंट में जीता। हालांकि, ब्रॉन्ज और गोल्ड के बीच एक बड़ी खबर भारत के सुपर स्टार रेसलर सुशील कुमार के सनसनीखेज हार की भी आई।


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