CBI में घमासान पर राहुल बोले- राफेल पर सवाल उठाने वाले डायरेक्टर को ‘चौकीदार’ ने हटाया, सरकार ने झाड़ा पल्ला

NewsCode | 24 October, 2018 8:23 PM
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नई दिल्ली। सीबीआई बनाम सीबीआई (CBI vs CBI) विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। इस विवाद में उलझे सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से केंद्र सरकार ने सारे अधिकार वापस ले लिए हैं और उन दोनों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के झालावाड़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीबीआई में मचे घमासान पर टिप्पणी की और इसे राफेल विमान डील से जोड़ते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा।

राहुल गांधी ने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर को इसलिए हटाया गया है क्योंकि उन्होंने राफेल पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘कल रात चौकीदार ने सीबीआई के डायरेक्टर को हटाया क्योंकि सीबीआई के डायरेक्टर ने राफेल पर सवाल उठाए थे।’

राहुल गांधी ने इस मसले पर एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘सीबीआई चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले के कागजात इकट्ठा कर रहे थे। उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया। प्रधानमंत्री का मैसेज एकदम साफ है जो भी राफेल के इर्द गिर्द आएगा, हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा। देश और संविधान खतरे में हैं।’

केजरीवाल और ममता ने भी मोदी सरकार को घेरा 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को लगता है कि आलोक वर्मा को हटाए जाना और राफेल डील में कुछ तो संबंध है।

बुधवार को जैसे ही यह फैसला आया कि आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को हटा कर छुट्टी पर भेज दिया है, वैसे ही सीएम केजरीवाल ने एक ट्वीट किया। ट्वीट में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि- ‘क्या राफेल डील और आलोक वर्मा को हटाने के बीच कोई संबंध है? क्या आलोक वर्मा राफले में जांच शुरू करने जा रहे थे, जो मोदी जी के लिए समस्या बन सकती थी?

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक ट्वीट के जरिये मोदी सरकार पर हमला बोला। ममता ने लिखा, “सीबीआई अब बीबीआई (बीजेपी जांच ब्यूरो) हो गयी है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण।”

विवाद से सरकार ने झाड़ा पल्ला

सीबीआई में चल रहे कलह पर विपक्ष द्वारा सरकार को घेरे जाने के बाद बुधवार को केंद्र सरकार ने बयान दिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मीडिया से रूबरू हुए। सीबीआई विवाद पर अरुण जेटली ने कहा कि CBI इस देश की प्रतिष्ठित संस्था है। इसकी साख बनी रहे इसके लिए मोदी सरकार तत्पर है।

वित्तमंत्री ने कहा कि सीबीआई में विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा हुई है। दो वरिष्ठ डायरेक्टर पर सवाल उठे हैं। डायरेक्टर ने अपने नीचे और दूसरे नंबर के अधिकारी ने डायरेक्टर पर आरोप लगाया है। इसकी जांच कौन करेगा यह सरकार के सामने सवाल है। ये केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और न ही सरकार इसकी जांच करेगी।

अधिकारियों को छुट्टी पर क्यों भेजा गया

अरुण जेटली ने कहा कि केन्द्र सरकार का दायित्व सिर्फ सुपरवीजन का है। मंगलवार को सीवीसी ने बताया कि दोनों अधिकारी इन आरोपों की जांच नहीं कर सकते और न ही इन अधिकारियों के नेतृत्व में इस जांच को करना संभव है। लिहाजा, जबतक यह जांच नहीं होती इन अधिकारियों को इनके काम से मुक्त कर दिया गया है। इस जांच को अब स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम को दी गई है और जबतक यह एसआईटी जांच पूरी नहीं कर लेती इन अधिकारियों को सीबीआई से अलग कर दिया गया है।

जेटली ने कहा कि हम सीबीआई के अधिकारियों में किसी को दोषी नहीं मान रहे हैं। कानून के मुताबिक जबतक जांच पूरी न हो इसलिए अधिकारियों को बाहर कर दिया गया है। यदि जांच में उनकी भूमिका पर सवाल नहीं उठता तो वह वापस अपने कार्यभार को लेंगे। लेकिन निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी था कि जांच की अवधि तक अधिकारियों को सीबीआई से बाहर रखा जाए।

सरकार की भूमिका पर सवाल उठाना गलत

जेटली ने कहा कि सीवीसी सुपरवाइजरी अथॉरिटी है और वह एसआईटी का गठन करेगी। सरकार की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है और न ही सरकार इसमें किसी भूमिका को अदा करने की दिशा में देख रही है। जेटली ने बताया कि मंगलवार को सीवीसी की मीटिंग हुई और बुधवार को सरकार ने यह फैसला लिया है. लिहाजा, सरकार की भूमिका पर सवाल उठाने का कोई आधार नहीं है।

गौरतलब है कि सीबीआई में चल रहे विवाद के दौरान रातोंरात जिस तरह शीर्ष अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया उससे हर कोई हैरान है।


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रांची : राजकीय कार्यक्रम में हंगामा करने पर 216 पारा शिक्षक बर्खास्त

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:20 PM
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600 अन्य की बर्खास्तगी को लेकर कार्रवाई, गिरफ्तार कर पारा शिक्षकों को कैंप जेल में रखा गया

रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन पूरे राज्य भर से राजधानी रांची में आए पारा शिक्षकों ने सरकारी कार्यक्रम को बाधा पहुंचाने की कोशिश की। साथ ही विधि व्यवस्था को अपने हाथ में लेकर पत्थरबाजी भी की।

विधि व्यवस्था में लगे  पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षक, सिटी पुलिस अधीक्षक  एवम् ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारियों पर  पारा शिक्षकों  ने  हमला किया जिससे कई पुलिसकर्मी और  पदाधिकारी गंभीर रूप से जख्मी हुए।

पारा शिक्षकों द्वारा सरकारी कार्यक्रम में व्यवधान डालने, विधि व्यवस्था को तोड़ने एवम् सरकारी लोगो पर हमला करने की घटना को बेहद अशोभनीय एवम् गंभीर रूप से लेते हुए  वीडियो रिकॉर्डिंग एवम् कार्यक्रम स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरा से  लिए फुटेज एवम् अन्य प्रमाणों के आधार पर  16 प्रखंड के कुल 216 पर शिक्षकों को बर्खास्त किया गया।

साथ ही लगभग 600 पारा शिक्षकों को जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई खेलगांव एवम् रेड क्रॉस अस्थायी जेल में गिरफ़्तार कर रखा गया है। जिन पर सीसीटीवी कैमरा एवम्  वीडियो रिकॉर्डिंग से मिले प्रमाण के आधार पर बर्खास्त करने की कारवाई चल रही है।

अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को भी यहां शामिल पारा शिक्षकों की सूची भेजी जा रही है जिसके आधार पर  चिन्हित कर अनुशासनात्मक कारवाई की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।  स्थापना दिवस एक राजकीय दिवस है जी सम्पूर्ण राजवसियो के लिए सम्मान एवम् गौरव  का दिन है।

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रांची : झारखंड स्थापना दिवस- संपूर्ण झारखंड खुले में शौच मुक्त घोषित, करीब 2100 को मिला नियुक्ति पत्र

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:02 PM
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रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस मना रहा है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने संपूर्ण झारखंड को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की। समारोह में राज्य के तीन जिलों देवघर, हजारीबाग और लोहरदगा को पूर्ण विद्युतीकृत किये जाने की घोषणा की गयी।

इस मौके पर अरबों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन के साथ ही परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। समारोह में करीब 2100 लोगों को नियुक्ति पत्र का भी वितरण किया गया।

झारखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य की जनता को कई सौगात दी। रांची में आयोजित मुख्य समारोह में उन्होंने राज्य को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर लोगों की आदतों में भी अब बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने हर घर तक बिजली पहुंचाने के अपने वायदों को पूरा करते हुए राज्य के तीन जिलों देवघर, लोहरदगा और हजारीबाग को पूर्ण रूप से विद्युतीकृत होने का भी ऐलान किया। इस दौरान श्री दास ने कहा कि वर्तमान सरकार  पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से काम कर रही  है और अब तक इस पर एक भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे है।

इस दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के विकास में झारखंड का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जनता को चुनी हुई सरकार से आकांक्षाएं होती है , जिसे पूरा करने में सरकार लगी है।

समारोह के दौरान अरबों रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया और कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन भी हुआ। करीब 2100 लोगों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण और झारखंड और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। जिला मुख्यालयों में भी परिसंपत्तियों का वितरण हुआ।

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विधानसभावार बूथ स्तर तक प्रोजेक्ट शक्ति में लोगों को जोड़ने की जरुरत- डॉ अजय

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 6:56 PM
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रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रोजेक्ट शक्ति की बैठक आज कांग्रेस मुख्यालय, कांग्रेस भवन, रांची में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ अजय ने कहा कि जनसंपर्क कर प्रोजेक्ट शक्ति में नये लोगों को जोड़े और कांग्रेस पार्टी के  साथ-साथ कार्यकर्ता अपने आप को भी  शक्ति देने का काम करें। इस बैठक में  प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने राज्य के सभी जिलाध्यक्ष एवं विधानसभा प्रभारी, वरीय जिला उपाध्यक्ष के साथ-साथ प्रोजेक्ट शक्ति के जोनल को-ऑर्डिनेटर, जिला को-ऑर्डिनेटर अपने अपने विधानसभा में जाकर बूथ स्तर तक प्रोजेक्ट शक्ति में व्यक्तियों को जोड़े।

डॉ अजय ने कहा कि हमारी संगठन लगातार बूथवार मजबूती की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस पार्टी लोगों की जनसस्याओं को लेकर पंचायत स्तर से लेकर जिलास्तर एवं प्रदेश स्तर तक लगातार अभियान चला रही है। पार्टी जनमानस का ज्वलंत मुद्दा एवं लोगों की दुख-सुख की सहभागिता में अपना बहूमूल्य योगदान दे रही है।

बैठक मं प्रोजेक्ट शक्ति के को-ऑर्डिनेटर पप्पू अजहर ने कहा कि  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने प्रोजेक्ट शक्ति का निर्माण कार्यकर्ताओं को शक्ति देने के लिए किया है। इससे बूथ स्तर के भी कार्यकर्ता प्रोजेक्ट शक्ति से जुड़कर अपने आप को शक्ति देने का काम करेंगे।

इस अवसर पर मुख्य रूप प्रदेश कांग्रेस कमिटी के जोनल को-ऑर्डिनेटर सुलतान अहमद, रमा खलखो एवं भीम कुमार संगठन मोर्चा विभाग के प्रभारी रवीन्द्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, शमशेर आलम, उपस्थित हुए।

बैठक का संचालन प्रदेश कांग्रेस प्रोजेक्ट शक्ति के को-ऑर्डिनेटर पप्पू अजहर ने किया।में मुख्य रूप से ज्योति मथारू, ईश्वर आनंद, सुदीप तिग्गा, गजेन्द्र सिंह, जिलाध्यक्ष-मंजूर अंसारी, ब्रजेन्द्र सिंह, अरविंद तुफानी, जशरंजन पाठक, मुक्ता मंडल, मनोज सहाय पिंकू, छोटे राय सिंकू, रामकृष्ण चौधरी, रौशन बरवा, साजिद अहमद आदि प्रमुख उपस्थित थे।

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