रेनो ने दिखाई नई कूपे एसयूवी की झलक

NewsCode | 29 June, 2018 4:31 PM
newscode-image

रेनो ने नई मिड-साइज/सी-सेगमेंट कूपे एसयूवी की झलक दिखाई है। इसका कॉन्सेप्ट मास्को मोटर शो-2018 में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। कंपनी के अनुसार इसे सबसे पहले रूस, चीन, दक्षिण कोरिया और ब्राजील में लॉन्च किया जाएगा।

Renault Drive The Future 2017-2022 Business Plan

नई कूपे एसयूवी में रेनो कैप्चर वाले फीचर दिए जा सकते हैं। कंपनी द्वारा जारी तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह काफी शार्प और आकर्षक होगी।

Renault Captur

नई कूपे एसयूवी को बी0 प्लेटफार्म पर तैयार किया जाएगा। इसी प्लेटफार्म पर विकासशील देशों में उपलब्ध रेनो कैप्चर और डस्टर भी बनी है। यूरोप जैसे मार्केट में लॉन्च होने वाले मॉडल को रेनो-निसाान के गठबंधन वाले सीएमएफ सी-डी प्लेटफार्म पर तैयार किया जा सकता है। यूरोप में इस नई कूपे एसयूवी को कडजार के साथ रखा जाएगा। यूरोप में यह रेनो की पहली मिडसाइज एसयूवी थी जिसे सीएमएफ सी-डी प्लेटफार्म पर तैयार गया। हालांकि दोनों का डिजायन लेआउट अलग-अलग होगा।

Renault Coupe-SUV

रेनो की नई कूपे एसयूवी को भारत में उतारा जाएगा या नहीं, इसके बारे में कंपनी ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है। नई कूपे एसयूवी जिस प्लेटफार्म पर बनेगी उस प्लेटफार्म पर रेनो की यहां पहले से कारें तैयार हो रही हैं। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि नई कूपे एसयूवी को भी भारत में लॉन्च किया जा सकता है। अगर कंपनी इसे भारत में लॉन्च करती है तो यहां इसका मुकाबला स्कोडा करॉक, जीप कंपास और हुंडई ट्यूसॉन से होगा।

Renault Coupe-SUV

71 साल पहले ऐसे मना था देश का पहला स्‍वतंत्रता दिवस, देखें 15 अगस्‍त 1947 की दुर्लभ तस्‍वीरें

NewsCode | 15 August, 2018 10:14 AM
newscode-image

नई दिल्ली। इस वर्ष हम 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आजादी के 71 साल पूरे हो रहे हैं तो मन में यह विचार भी आना स्वाभाविक है कि पहला स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया गया होगा और उस वक्त कैसा रहा होगा अपना देश? तस्वीरों में देखें 1947 में आजाद भारत की कुछ चुनिंदा तस्वीरें।

पहले स्वतंत्रता दिवस का आगाज पं जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त की आधी रात की उद्घोषणा के साथ हुआ। लेकिन यह भी सच है कि इस बात की खबर मिलने के बाद देश के लोगों ने 15 अगस्त की सुबह ही जश्न मनाया था। यह तस्वीर 15 अगस्त की सुबह की कोलकाता की है जहां लोग गलियों चौराहों में निकलकर आजादी का जश्न मनाते दिख रहे हैं।


पहले स्वतंत्रता दिवस का संबोधन प्र‌थम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधी रात को किया लेकिन उनके प्रथम संबोधन के नाम से यह जो तस्वीर उपलब्‍ध है वह 14 अगस्त की शाम संविधान सभा को संबोधन करने की है।


तत्‍कालीन ब्रिटिश गवर्नर जर्नल लॉर्ड माउंटबेटन और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू। 15 अगस्त 1947 को नई दिल्‍ली के इंडिया गेट पर तिरंगे को सेल्‍यूट करते हुए।


स्‍वतंत्रता दिवस सम्‍मेलन में भाग लेने पहुंचे हजारों लोग। ये सभी लोग नई दिल्‍ली के रासीना हिल पर एकत्रित हुए थे।


यह तस्वीर आजादी के 11 दिन पहले की है जिसमें भारत के अंतिम वॉयसराय लॉर्ड माउंटबेटन भारतीय नेताओं को सत्ता हस्तांतरण की तैयारी में लगे हैं।


सभी देशवासियों के लिए वो गर्व का पल था जब भारत की शान तिरंगा झंडा फहराया गया।


LIVE: 72वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम सन्देश, यहाँ देखें

Happy Independence Day: स्वतंत्रता दिवस पर इन अनोखे मैसेज से दीजिए सभी दोस्तों को बधाई

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

रांची : नागपंचमी के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस की रंग में रंगा पहाड़ी मंदिर

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 10:31 AM
newscode-image

रांची । नागपंचमी पर पूरे देश में श्रद्धालु भोलेनाथ के साथ नाग देव की पूजा कर रहे हैं। दूध-लावा का भोग चढ़ा रहे हैं। इस मौके पर रांची के पहाड़ी मंदिर स्थित नाग देवता मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा है। लोग नाग-नागिन को दूध और धान का लावा चढ़ाकर परिवार के लिए दुआ मांग रहे हैं।

कई सपेरों ने अपने सापों के साथ यहां पर डेरा भी डाल रखा है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को महादेव ने गले में नाग देवता वासुकी को धारण किया था तब से इस दिन का विशेष  महत्व है। भक्त नाग राज के साथ राजा तक्षक की भी पूजा कर रहे हैं।

हज़ारीबाग : डांस महोत्सव में कलाकारों ने मनवाया प्रतिभा का लोहा

धार्मिक मान्यता एवं परम्परा के मुताबिक सनातनी श्रद्धालु घरों में कटहल के पत्ते पर दूध-लावा रखकर पूजा करते हैं। कई घरों में सरसों मिले गाय के गोबर से दीवारों पर नाग देवता की आकृति बनायी जाती है। शास्त्रीय दृष्टिकोण से समस्त दुर्गुणों का त्याग कर सदगुण के साथ भोलेनाथ के गले में विराजमान होनेवाले नाग देवता नागपंचमी के दिन सगुण से युक्त होकर अभिष्ट सिद्धि देते हैं। नागपंचमी पर नमका-चमका के महामंत्रों से शिव की आराधना फलदायी होती है ।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

शहीद जवान अौरंगजेब और मेजर आदित्य समेत इन जांबाजों को वीरता पुरस्कार

NewsCode | 15 August, 2018 10:01 AM
newscode-image

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा अगवा कर हत्या किए गए राष्ट्रीय रायफल्स के शहीद जवान औरंगजेब को उनके शौर्य और बलिदान के लिए शांति काल का तीसरा सबसे बड़ा शौर्य पुरस्कार दिया जाएगा। मेजर आदित्य कुमार और राइफलमैन औरंगजेब समेत सशस्त्र बलों के 20 जवानों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि इसी साल 15 जून को ईद मनाने घर जा रहे औरंगजेब को आतंकवादियों ने अगवा करके उनकी बर्बरता से हत्या कर दी थी। गोलियों से छलनी औरंगजेब का शव पुलवामा जिले के गुस्सू इलाके में मिला था।

बता दें कि ईद की छुट्टी मनाने जा रहे औरंगजेब ने कैंप के बाहर से दक्षिण कश्मीर के शोपियां जाने के लिए टैक्सी ली थी। लेकिन रास्ते में कालम्पोरा गांव के पास आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया था। टैक्सी ड्राइवर के सूचना देने के बाद पुलिस और सेना के संयुक्त दल को औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में मिला था। जम्मू-कश्मीर के पुंछ के रहने वाले औरंगजेब 4-जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंटरी के शादीमार्ग (शोपियां) स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।

वो हिज्बुल आतंकी समीर को 30 अप्रैल 2018 को ढेर करने वाले मेजर रोहित शुक्ला की टीम में शामिल थे। जांबाज औरंगजेब ने कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया था. सेना के ऑपरेशनों में हिस्सा लेने के चलते आतंकियों ने उनको निशाना बनाया था।

वहीं, शौर्य चक्र पाने वाले मेजर आदित्य को 2017 में कश्मीर के बडगाम में एक आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान ‘सावधानीपूर्वक योजना बनाने और बहादुर से कार्रवाई करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा सिपाही वी पाल सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र के लिए नामित किया गया है। दक्षिण कश्मीर के अलगर गांव में नवंबर 2017 में आतंकवाद रोधी अभियान में उनकी मौत हो गई थी।

इसके अलावा जम्मू कश्मीर के रहने वाले हेड कांस्टेबल शरीफ उद्दीन गैनी और मोहम्मद तफैल को प्रेसिडेंट पुलिस मैडल फॉर गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इसके अलवा आठ सीआरपीएफ के जवानों को भी गैलेंट्री मेडल दिया जाएगा।

इसके साथ ही पानी के जहाज़ से दुनिया का चक्कर लगाने वाले अभियान में शामिल रही भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारियों को नौसेना मेडल दिया जाएगा।

72वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम सन्देश

स्वतंत्रता दिवस : राष्ट्र के नाम संदेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गांधी जी को किया याद

Happy Independence Day: स्वतंत्रता दिवस पर इन अनोखे मैसेज से दीजिए सभी दोस्तों को बधाई

More Story

more-story-image

रांची : भारत का एक मात्र पहाड़ी मंदिर जहां राष्ट्रीय...

more-story-image

LIVE: 72वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीएम मोदी...