2018 हुंडई क्रेटा Vs रेनो कैप्चर, जानिए कौन सी कार है बेहतर

NewsCode | 7 July, 2018 5:50 PM
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भारतीय ग्राहकों का रूझान इन दिनों कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में हुंडई क्रेटा सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। इसका मुकाबला रेनो कैप्चर से है। यहां हमने कद-काठी और केबिन स्पेस के मोर्चे पर दोनों कारों की तुलना की है, तो क्या रहे इस तुलना के नतीजे जानेंगे यहां…

कद-काठी

Hyundai Creta Vs Renault Captur

फ्रंट

Hyundai Creta Renault Captur
हुंडई क्रेटा रेनो कैप्चर
फ्रंट हैडरूम 920 एमएम – 980 एमएम 940 एमएम – 990 एमएम
फ्रंट लैगरूम 925 एमएम – 1120 एमएम 945 एमएम – 1085 एमएम
फ्रंट नी रूम 610 एमएम – 840 एमएम 540 एमएम – 730 एमएम
सीट बेस (लंबाई) 595 एमएम 490 एमएम
सीट बेस (चौड़ाई) 505 एमएम 505 एमएम

रियर

Hyundai Creta Renault Captur
हुंडई क्रेटा रेनो कैप्चर
केबिन चौड़ाई 1400 एमएम 1355 एमएम
हैडरूम 980 एमएम 945 एमएम
शोल्डर रूम 1250 एमएम 1280 एमएम
नी रूम 615 एमएम – 920 एमएम 640 एमएम – 850 एमएम
सीट बेस (लंबाई) 450 एमएम 460 एमएम
सीट बेस (चौड़ाई) 1260 एमएम 1245 एमएम
सीट बेस (ऊंचाई) 640 एमएम 590 एमएम
बूट स्पेस 402 लीटर 392 लीटर

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लेखक की संवेदना और विभाजन का दर्द बयां करती है नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘मंटो’, देखें ट्रेलर

NewsCode | 15 August, 2018 2:49 PM
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नई दिल्ली। 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मंटो (Manto)’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन और विवादित लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित है। अभिनेत्री-फिल्मकार नंदिता दास द्वारा निर्देशित मंटो का ट्रेलर काफी दिलचस्प है।

फिल्म की कहानी पाकिस्तानी लेखक मंटो के इर्द-गिर्द घूमती है। ट्रेलर में नवाजुद्दीन इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत करते दिखाई दे रहे हैं। साल 1948 के दशक पर आधारित लौहार की इस कहानी में ‘मंटो’ काफी दमदार डायलॉग बोले हैं। पाकिस्तान की पृष्टभूमि पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर में मंटो कहते हैं, “जब गुलाम थे तो आजादी का ख्वाब देखते थे और अब आजाद हैं तो कौन-सा ख्वाब देखें?”

देखें, ‘मंटो’ का ट्रेलर…

विचार से बागी और स्वभाव से घुमक्कड़ लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर भारतीय फिल्मकार नंदिता दास द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अवधारणा के आधार पर बनाई गई फिल्म ‘मंटो’ ने मौजूदा हालात के हिसाब से काफी प्रासंगिक है। इसमें ऐसे ज्वलंत मुद्दे को उठाया गया है जो न सिर्फ भारत बल्कि विश्व भर में अहम है। मंटो का जन्म 11 मई, 1912 को हुआ था और वह बाद में पाकिस्तान चले गए। मंटो का निधन 42 साल की उम्र में 18 जनवरी, 1955 को हुआ।

बता दें कि यह फिल्म लेखक मंटो के 1946 से 1950 तक के जीवन पर केंद्रित है। लेखक भारत-पाक विभाजन पर लिखी गई अपनी कहानियों के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। रिलीज होने से पहले ही फिल्म काफी तारीफ बटोर चुकी है और इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अलावा ऋषि कपूर, परेश रावल और गीतकार जावेद अख्तर जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे। मंटो 21 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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बाघमारा : प्रखंड प्रमुख ने किया ध्‍वजारोहण

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:49 PM
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बाघमारा (धनबाद)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाघमारा प्रखण्ड मुख्यालय में ब्‍लॉक प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर प्रखंड के गणमान्‍य लोग उपस्थित थे।

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इसके अलावा बाघमारा थाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखण्ड संसाधन केंद्र, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बरोरा थाना समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सभी पंचायत सचिवालयों में भी झंडोतोलन किया गया।

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जमशेदपुर : पक्षी प्रेमियों ने दिखायी संवेदना, सैकड़ों पक्षियों को पिंजरे से किया आजाद

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:46 PM
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बेजुबानों को भी होती हैै आजादी प्यारी

जमशेदपुर। आजादी किसे प्यारी नहीं होती… चाहे इंसान हो या जानवर, हर कोई आजाद रहना चाहता है। आज एक ओर जहां पूरा देश  आजादी के जश्न मे डूबा हुआ है, वहीं जमशेदपुर के कुछ पक्षी प्रेमियों ने सौ से भी अधिक विदेशी पक्षियों को पिंजरा से आजाद किया और एक संदेश देने का प्रयास किया कि बेजुबानों को भी आजादी प्यारी होती है।

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वहीं इस कड़ी में टाटा जू ने भी एक कदम बढ़ा दिया है और आज से जू के लंगूरों को छोटे बाड़े से निकालकर बड़े और खुले बाड़े में आजाद रखने का निर्णय लिया गया। वहीं लंगूर खुले बाड़े में काफी खुश नजर आए। खुले बाड़े में छोड़े जाने के बाद सभी लंगूर इधर उधर धमा- चौकड़ी करते हुए काफी खुश दिखे।

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