बुंडू : पीएलएफआई उग्रवादी देव कुमार मुंडा गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

NewsCode Jharkhand | 10 August, 2018 10:07 PM
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बुंडू(रांची)। आजसू पार्टी में शामिल होने के बाद भी पीएलएफआई का काम रहे अपराधी देव कुमार मुंडा को बुंडू पुलिस ने गिरफ्तार करके चौथी बार जेल भेजा दिया। पुलिस ने बताया कि सिकिदीरी थाना क्षेत्र के कुच्चू गांव में राधामोहन उर्फ डब्लू सिंह से लेवी की मांग की गयी थी। लेवी नहीं मिलने पर अपराधियों ने उनके क्रशर मशीन को, 7 अगस्त की रात आग के हवाले कर दिया था।

घटना के दौरान एक अपराधी चंदन पहान को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। चंदन पाहन की निशानदेही पर सुलेन्द्र मुंडा और विजय बेदिया पुलिस के हत्थे चढ़ गये। इन अपराधियों से पूछताछ में पीएलएफआई के सक्रिय सदस्य देव कुमार मुंडा का भी नाम सामने आया। पुलिस ने जोन्हा-नावाडीह रोड से देव कुमार मुंडा को एक देसी पिस्तौल, 303 की एक गोली तथा जेसीबी जलाने की घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद समेत गिरफ्तार कर लिया।

देव कुमार मुंडा 2013, 2015 और 2016 में तीन बार चोरी और रंगदारी जैसे मामले में जेल जा चुका है। वह पीएलएफआई का सक्रिय सदस्‍य भी है। जोन्हा क्षेत्र में उसका पूरा दबदबा है। तीसरी बार जेल से छूटने के बाद वह आजसू पार्टी में शामिल हो गया था।

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तिसरी : डायन बिसाही का आरोप लगा मां-बेटी को बुरी तरह पीटा

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 7:54 AM
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तिसरी (गिरिडीह) । तिसरी थाना क्षेत्र के भठ्ठीकुंड बलियारी गांव में मंगलवार की देर रात को डायन बिसाही मामले को लेकर गांव के ही कथित लोगों ने मंझली मरांडी व उनकी पुत्री मुन्नी बास्के तथा मुनिका बास्के की लाठी, डंडे और पत्थर से जमकर पिटाई कर दी। जिसके कारण मंझली व उनकी दोनों बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गयी।

बताया जाता है कि दो दिनों पहले गांव के एक व्यक्ति के पुत्र की सांप काटने से मौत हो गई थी। इसके बाद गांव के सुनील टुडू व श्यामेल बास्के मंझली पर डायन का आरोप लगाकर उसे पड़ताडित कर रहे थे। मंगलवार रात को सुनील व श्यामेल ने गांव के कथित लोगों के साथ मिलकर मंझली व उनकी दोनों बेटियों को जान मारने की नीयत से लाठी, डंडे और पत्थर से पिटाई कर दी।

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सूचना मिलते ही तिसरी पुलिस आनन-फानन में भठ्ठीकुंड गांव पहुंची और मंझली व उनकी बेटी मुन्नी की जान बचाने का काम किया। पुलिस ने मंझली और उनकी बेटी मुन्नी बास्के को तिसरी अस्पताल लेकर आई जहां पर दोनों मां बेटी का प्राथमिक इलाज करने के बाद गिरिडीह रेफर कर दिया गया है। वहीं मुनिका बास्के लापता है। पुलिस मुनिका को ढूंढने में लग गई है।

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देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
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देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

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रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:22 PM
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रांची। जश्न-ए-आजाद मनाने में नन्हे देशभक्त भी कहीं पीछे नहीं है। इन नन्हे देशभक्तों में हिंदुस्तानी नस्ल में देशभक्ति कूट कूट कर भरा है। कोई सुभाष चंद्र बोस तो कोई भगत सिंह तो किसी ने चंद्रशेखर आजाद के भेष में अपने जीवन को देश के लिए निछावर करने का संकल्प लिया।

ये है हमारे देश के भविष्य, भारत का सपना और न्यू इंडिया की रीढ़। आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और स्वतंत्र भारत के लिए ना जाने कितने वीरों ने कुर्बानियां दी है। उन्हीं वीरों के बताए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।

रांची : जश्‍न–ए-आजाद पर बच्‍चों ने प्रस्‍तुत किए रंगारंग कार्यक्रम

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