भारत बंद: बिहार के जहानाबाद में पथराव में ASP घायल, सांसद पप्पू यादव पर हमला

NewsCode | 6 September, 2018 11:41 AM
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नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए SC/ST एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने पर सवर्णों ने आज भारत बंद बुलाया है। ये भारत बंद सवर्ण जातियों के कई बड़े समूहों द्वारा बुलाया गया है। सभी को केंद्र सरकार के इस फैसले से नाराजगी है। देश के अलग-अलग राज्यों में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। भारत बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में देखने को मिल रहा है। मुजफ्फरपुर में बंद समर्थकों ने जन अधिकार पार्टी के सांसद पप्पू यादव पर हमला कर दिया है। पप्पू यादव मधुबनी में पदयात्रा के लिए जा रहे थे।

ताजा जानकारी के मुताबिक जहनाबाद के वैना गांव में सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों ने एएसपी संजीव कुमार पर हमला कर दिया जिसमें वो घायल हो गए हैं। नवादा में भी सवर्ण सेना के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई है जिसमें दस से ज्यादा लोग घायल हो गए। उधर आरा में पुलिस के स्वाट दस्ते ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।पटना के पास नौबतपुर में बंद करा रहे लोगों ने कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ शर्मा के साथ धक्का-मुक्की की।

BJP सांसद बोले – बंद का कोई असर नहीं

BJP सांसद उदित राज ने सवर्णों के भारत बंद पर कहा कि इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। 10 लोग भी इकट्ठा होकर जाम लगा देते हैं और सड़कें रोक देते हैं। उन्होंने कहा कि इस बंद का असर सिर्फ उन इलाकों में है जहां पर चुनाव होना हैं। जो लोग बीजेपी से नफरत करते हैं, सिर्फ वही इसके पीछे हैं। वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरपर्सन राम शंकर कठेरिया ने कहा कि ये आंदोलन राजनीति से प्रेरित है।

भारत बंद का असर इन राज्यों में देखने को मिल रहा है

बिहार

बंद को लेकर बिहार में अच्छा खासा असर देखा जा रहा है। बिहार के खगड़िया में सवर्णों के समूह ने NH31 पर जाम लगा दिया है। यहां पर लोग मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसका पालन किया जाए। बिहार के लखीसराय जिले में भी लोगों ने NH-80 को जाम कर दिया है।

इसके अलावा बिहार के आरा में सवर्णों ने आरा रेलवे स्टेशन के पास लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को रोक दिया गया है। यहां लोगों का कहना है कि देश में SC/ST कानून में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो इससे भी बड़ा आंदोलन देश में होगा।

छपरा में भी सवर्णों ने NH-19 पर जाम लगा दिया है। बड़ी संख्या में लोग मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सड़कों पर उतरे हैं। मधुबनी में सवर्ण आंदोलनकारियों ने एनएच-105 पर जाम लगा दिया है। लोग केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कर रहे हैं।

पिछली हिंसा से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार कई जिलों में अलर्ट जारी कर भारी पुलिस की तैनाती किए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। भीड़ से निपटने के लिए आंसू गैस के गोले भी थानों में पहुंचा दिए गए हैं।

बिहार के मुजफ्फरपुर में भी SC/ST एक्ट के विरोध में कई जगह सड़क जाम की खबरें आ रही हैं। वहीं नवादा में भारत बंद के दौरान लोगों ने घूम-घूमकर बाजार को बंद कराया, यहां पर राजगीर पथ पर लोगों ने आगजानी कर सड़क को जाम किया। बिहार के दरभंगा और मसूदन में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को रोका, भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।

पूरे राज्य में सड़क और रेल ट्रैफिक पर बुरा असर पड़ा। मुजफ्फरपुर, लखीसराय, शेखपुरा, जहानाबाद, आरा, दरभंगा, सुपौल, सीवान, मोतिहारी समेत सभी शहरों में बंद का व्यापक असर देखा गया। सुबह चार घंटे तक लखीसराय, राजगीर, दरभंगा और आरा में कई ट्रेनें रोकी गई। श्रमजीवी एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से रवाना हुई। दिल्ली जाने वाली उत्तर बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को लहेरियासराय में रोका गया। दानापुर इंटरसिटी को भागलपुर में रोका गया।

उत्तर प्रदेश

भारत बंद को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा को मुस्तैद किया गया है। राज्य में कुल 11 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी लखनऊ समेत बिजनौर, इलाहाबाद, आजमगढ़, बरेली जैसे कई शहरों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह के हालातों से निपटा जा सके।

उत्तर प्रदेश के संभल और मुजफ्फरनगर में भी धारा 144 लागू कर दी गई है। लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर जैसे बड़े शहरों में आज बाजार पूरी तरह से बंद हैं। नोएडा में सवर्णों के समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोग काली पट्टी बांध सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे लगाए।

मध्यप्रदेश

भारत बंद को देखते हुए मध्यप्रदेश के दस जिलों में धारा 144 लागू की गई है। मध्यप्रदेश के भिंड, ग्वालियर, मोरेना, शिवपुरी, अशोक नगर, दतिया, श्योपुर, छत्तरपुर, सागर और नरसिंहपुर में धारा 144 लागू की गई है। इस दौरान यहां पर पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज बंद हैं। मध्यप्रदेश में ड्रोन के जरिए नज़र रखी जा रही है।

बता दें कि इससे पहले एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को ‘भारत बंद’ बुलाया था, तब सबसे ज्यादा हिंसा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में हुई थी। इस वजह से इस बार प्रशासन ‘भारत बंद’ को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है।

राजस्थान

एससी/एसटी एक्ट में संशोधन लाए जाने के विरोध में राजस्थान में अगड़ी जातियों ने सड़क पर उतरने का ऐलान किया है। गुरुवार सुबह भारत बंद का असर यहां भी दिखना शुरू हुआ और जयपुर के स्कूल, कॉलेज और मॉल सब बंद नज़र आए।

राजस्थान में सर्व समाज संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जातियों को आपस में लड़ाना चाहती है, लेकिन हम इसे पूरा नहीं होने देंग। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ भारत बंद का असर दिख रहा है। यहां पूरी तरह से बाजार बंद हैं। इस क्षेत्र में करणी सेना की अगुवाई में प्रदर्शन हो रहा है।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के ठाणे में भी सवर्ण जाति के लोगों ने प्रर्दशन किया। इस दौरान लोगों ने सड़कों पर उतर सरकार विरोधी नारे लगाए।

लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार को तुरंत अपना आदेश वापस लेना चाहिए और जैसा सुप्रीम कोर्ट ने कहा था SC/SC एक्ट को वैसा ही करना चाहिए।


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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
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बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

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रांची : स्थापना दिवस- नव चयनित शिक्षक ड्रेस कोड में होंगे शामिल

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:06 PM
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रांची। राज्य स्थापना दिवस का मुख्य समारोह मोरहाबादी मैदान में होगा। इसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की अनुशंसा के बाद चयनित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (पीजीटी) शामिल होंगे। राज्य के सभी जिलों में कुल 1235 पीजीटी शिक्षकों का चयन किया गया है।

इनमें रांची जिला के लिए 130 शिक्षक हैं। इन सभी नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को ड्रेस कोड में शामिल होने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है।

स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) अशोक कुमार शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत वर्मा और जिला शिक्षा अधीक्षक सी. विजय सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सोमवार को जिला स्कूल में रांची जिले के लिए चयनित पीजीटी शिक्षकों के साथ नोडल पदाधिकारी ने बैठक दी।

नोडल पदाधिकारी सह डीएसई रांची सी. विजय सिंह ने नव चयनित पीजीटी शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। निर्धारित ड्रेस कोड में पुरुष शिक्षकों के लिए क्रीम कलर फुल शर्ट, ब्लैक फुल पैंट, मैरून टाई, मैरून स्वेटर या ब्लेजर, पॉकेट नेम प्लेट, ब्लैक शू व डॉ राधाकृष्णन जैसी पिंक कलर की पगड़ी निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार महिलाओं के लिए मैरून कलर की साड़ी या पायजामा, ब्लैक जूती या सैंडल और पिंक पगड़ी में आने का निर्देश नोडल पदाधिकारी ने दिया है।

नोडल पदाधिकारी ने समारोह स्थल पर सुबह आठ बजे तक नव चयनित शिक्षकों को रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया। कहा कि समारोह स्थल पर पहुंचने के साथ शिक्षक अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। शिक्षकों को मोबाइल साइलेंट मोड में रखने का निर्देश दिया है।

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