बाघमारा : कार्यकर्ताओं ने मनाया हेमंत सोरेन का जन्मदिन, दी बधाई

NewsCode Jharkhand | 10 August, 2018 8:36 PM
newscode-image

बाघमारा। बाघमारा के कतरास जेएमएम कार्यालय में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष,पूर्व मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष  हेमंत सोरेन का 43 वां जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर केक काटकर हेमंत सोरेन को जन्मदिन की बधाई दी गई।

कतरास बाजार के नागरिक एवं झामुमो कार्यकर्ताओं ने अपने प्रिय नेता हेमंत सोरेन को जन्मदिन की बधाई देते हुए, कामना की कि जनहित में झारखंड के आगामी मुख्यमंत्री बनें।

चुनाव में भारी सीटों से जीत हासिल कर हेमंत सोरेन के हाथों को मजबूत कर झारखंड के मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आयोजित जन्मदिवस समारोह की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष रतिलाल टुडू ने की।

सरायकेला : राष्ट्रीय कृमि दिवस की सफलता को लेकर जागरूकता रथ रवाना

मौके पर राजेन्द्र प्रसाद राजा, रंजीत महतो, बिरेन्द्र पांडेय, अजमुल अंसारी, प्रेमा पांडेय, उत्तम महतो, साधन महतो, रामजीत टुडू, अरूण दास, सीमंत महतो, आनंद गोस्वामी, फारूख अंसारी, दारा मांझी, शहजाद अंसारी व कंचन महतो मौजूद थे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

रांची : नागपंचमी के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस की रंग में रंगा पहाड़ी मंदिर

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 10:31 AM
newscode-image

रांची । नागपंचमी पर पूरे देश में श्रद्धालु भोलेनाथ के साथ नाग देव की पूजा कर रहे हैं। दूध-लावा का भोग चढ़ा रहे हैं। इस मौके पर रांची के पहाड़ी मंदिर स्थित नाग देवता मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा है। लोग नाग-नागिन को दूध और धान का लावा चढ़ाकर परिवार के लिए दुआ मांग रहे हैं।

कई सपेरों ने अपने सापों के साथ यहां पर डेरा भी डाल रखा है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को महादेव ने गले में नाग देवता वासुकी को धारण किया था तब से इस दिन का विशेष  महत्व है। भक्त नाग राज के साथ राजा तक्षक की भी पूजा कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यता एवं परम्परा के मुताबिक सनातनी श्रद्धालु घरों में कटहल के पत्ते पर दूध-लावा रखकर पूजा करते हैं। कई घरों में सरसों मिले गाय के गोबर से दीवारों पर नाग देवता की आकृति बनायी जाती है। शास्त्रीय दृष्टिकोण से समस्त दुर्गुणों का त्याग कर सदगुण के साथ भोलेनाथ के गले में विराजमान होनेवाले नाग देवता नागपंचमी के दिन सगुण से युक्त होकर अभिष्ट सिद्धि देते हैं। नागपंचमी पर नमका-चमका के महामंत्रों से शिव की आराधना फलदायी होती है ।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया “ऐ मेरे वतन के लोगों”   

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:25 PM
newscode-image

देवघर। एक ओर जहां युवाओं का रुझान पश्चिमी रहन-सहन, खान-पान और व्यवहार की ओर केंद्रित होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत, कुछ ऐसे भी बच्‍चे-बच्चियां हैं जिनके भीतर अपने देश की सभ्यता, संस्कृति और मातृभाषा की जननी संस्कृत के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण देखने को मिलती है। देवघर की आयुषी अनन्‍या भी ऐसे ही लोगों में से एक है। आयुषी डीएवी स्कूल में 9वीं क्लास की छात्रा है।

देवघर : आयुषी ने बहायी देश-प्रेम की गंगा, संस्‍कृत में गाया "ऐ मेरे वतन के लोगों" 

संस्कृत को लोकप्रिय बनाने का प्रयास

विलक्षण प्रतिभा की धनी ये बालिका, बॉलीवुड हो या फिर कोई पाश्‍चात्‍य गीत, सभी का न सिर्फ संस्कृत में अनुवाद करती है बल्कि उसे सस्‍वर खुद गाती भी है। आयुषी ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लता मांगेशकर के गए गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का संस्कृत में अनुवाद किया और खुद ही गाया भी। आयुषी को इस बात का गर्व है कि वह अपनी मातृभाषा की जननि संस्कृत को, गीतों के माध्‍यम से और भी ज्यादा लोकप्रिय बनाने की न सिर्फ एक छोटी से कोशिश कर रही है बल्कि संस्कृत से दूर हो रहे युवाओं को भी अपनी सभ्यता, संस्‍कृति और भाषा की ओर  वापस लौटने के लिए प्रेरित कर रही है।

स्कूल कैंप से मिली संस्‍कृत भाषा में गाने की प्रेरणा

आयुषी को संस्कृत भाषा में गीत गाने की प्रेरणा उसके स्कूल कैंप के दौरान मिली। जहां आयोजित की गई प्रतियोगिता को संस्कृत भाषा में ही पूरा करना था। जब इस प्रतियोगिता में आयुषी ने खुद को संस्कृत के करीब पाया तो फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर एक के बाद एक हिंदी गानों को संस्कृत में अनुवाद करना शुरू कर दिया। आयुषी ने कई कठिन गीतों का सरल संस्कृत में अनुवाद कर उसे अपनी स्‍वर में गाया भी है।

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

 (अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

रांची : नन्‍हे देशभक्‍तों ने देश के लिए बलिदान देने का लिया संकल्‍प

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 2:22 PM
newscode-image

रांची। जश्न-ए-आजाद मनाने में नन्हे देशभक्त भी कहीं पीछे नहीं है। इन नन्हे देशभक्तों में हिंदुस्तानी नस्ल में देशभक्ति कूट कूट कर भरा है। कोई सुभाष चंद्र बोस तो कोई भगत सिंह तो किसी ने चंद्रशेखर आजाद के भेष में अपने जीवन को देश के लिए निछावर करने का संकल्प लिया।

ये है हमारे देश के भविष्य, भारत का सपना और न्यू इंडिया की रीढ़। आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और स्वतंत्र भारत के लिए ना जाने कितने वीरों ने कुर्बानियां दी है। उन्हीं वीरों के बताए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।

रांची : जश्‍न–ए-आजाद पर बच्‍चों ने प्रस्‍तुत किए रंगारंग कार्यक्रम

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

More Story

more-story-image

चंदनकियारी : हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

more-story-image

बड़कागाँव : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लाभ लेने...