मोदी सरकार से ‘आजादी’ मांग रहे RBI को जेटली ने लताड़ा, अंधाधुंध लोन बांटने पर उठाए सवाल

NewsCode | 30 October, 2018 8:07 PM
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नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2008-2014 के बीच अंधाधुंध कर्ज देने वाले बैंकों पर लगाम लगाने में नाकाम रहने को लेकर रिजर्व बैंक की आलोचना की है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि इससे बैंकों में फंसे कर्ज (एनपीए) का संकट बढ़ा है। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जब रिजर्व बैंक की स्वायत्तता को लेकर वित्त मंत्रालय और आरबीआई के बीच बीते कुछ समय से चल रही तल्खी खुलकर बाहर आ गई है। इससे पहले जेटली ने आज FSDC की एक बैठक भी की, जिसमें रिजर्व बैंक के गवर्नर और चारों डिप्टी गवर्नर भी मौजूद थे।

RBI ने उठाई थी ‘आजादी’ की मांग

जेटली का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय बैंक अपनी ‘आजादी’ की बात पुरजोर तरीके से उठा रहा है। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल वी आचार्य ने शुक्रवार को ही कहा था कि रिजर्व बैंक के कामकाज में सरकारी दखलंदाजी ‘बड़ा घातक’ सिद्ध हो सकता है। उनकी इस टिप्पणी को रिजर्व बैंक के नीतिगत रुख में नरमी लाने तथा उसकी शक्तियों को कम करने के लिए सरकार के दबाव और केंद्रीय बैंक की ओर से उसके प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है।

2008-2014 तक बैंकों ने अंधाधुंध बांटे कर्ज

यूएस इंडिया स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप फोरम की ओर से आयोजित इंडिया लीडरशिप समिट में अरुण जेटली ने कहा, ‘वैश्विक आर्थिक संकट के बाद 2008 से 2014 के बीच अर्थव्यवस्था को कृत्रिम रूप से आगे बढ़ाने के लिए बैंकों को अपना दरवाजा खोलने और अंधाधुंध तरीके से कर्ज देने को कहा गया।’

उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय बैंक की निगाह कहीं और थी। उस दौरान अंधाधुंध तरीके से कर्ज दिए गए।’ वित्त मंत्री ने कहा कि तत्कालीन सरकार बैंकों पर कर्ज देने के लिए जोर दे रही थी जिससे एक साल में कर्ज में 31 प्रतिशत तक वृद्धि हुई जबकि औसत वृद्धि 14 प्रतिशत थी।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा था- स्वतंत्रता जरूरी है

आचार्य ने मुंबई में शुक्रवार को एडी श्राफ स्मृति व्याख्यानमाला में कहा था कि आरबीआई बैंकों के बही-खातों को दुरुस्त करने पर जोर दे रहा है। ऐसे में उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बेहतर तरीके से नियमन के लिये आरबीआई को अधिक शक्तियां देने की मांग की। उन्होंने कहा था कि व्यापक स्तर पर वित्तीय तथा वृहत आर्थिक स्थिरता के लिये यह स्वतंत्रता जरूरी है।

RBI से तनाव पर जेटली की चुप्पी

हालांकि अब तक न तो वित्त मंत्रालय और न ही जेटली ने इस टिप्पणी पर कोई बयान दिया है। जेटली ने अपने संबोधन में आचार्य के भाषण या उनके मंत्रालय तथा आरबीआई के बीच कथित तनाव के बारे में कुछ नहीं कहा। पूर्व में वित्तमंत्री यह कह चुके हैं कि किसी भी गड़बड़ी के लिए राजनेताओं को अनुचित तरीके से आरोप झेलना पड़ता है, जबकि निगरानीकर्ता आसानी से बच निकलते हैं।

मोदी सरकार के फैसलों से सुधार

अरुण जेटली ने कहा कि सुधार की दिशा में सरकार के उठाये गये कदमों से राजस्व में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ‘मेरा अपना अनुमान है कि 2014 से 2019 के बीच हम अपना काराधार करीब दोगुना करने के करीब होंगे।’ जेटली ने कहा कि यह वृद्धि बिना कर दर बढ़ाये हुई। राजस्व में वृद्धि की वजह अर्थव्यवस्था में असंगठित रूप से कार्य कर रही इकाइयों को संगठित क्षेत्र के दायरे में लाना और इसकी वजह नोटबंदी, जीएसटी तथा अप्रत्यक्ष कर ढांचे में सुधार है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी कठिन कदम था लेकिन इससे हमें यह साफ करने में मदद मिली कि हमारा इरादा अर्थव्यवस्था को संगठित रूप देना था।

टैक्स भरने वालों की संख्या में इजाफा

वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब बीजेपी सरकार सत्ता में आई आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 3.8 करोड़ थी। चार साल में यह संख्या बढ़कर 6.8 करोड़ पर पहुंच गई है। मुझे भरोसा है कि इस साल यह संख्या 7.5 से 7.6 करोड़ हो जाएगी जो लगभग दोगुना है। अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन के पहले साल में ही अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या 74 प्रतिशत बढ़ी।


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जमशेदपुर : लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो- रघुवर दास

NewsCode Jharkhand | 8 November, 2018 4:15 PM
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जमशेदपुर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने चाहिए। जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत में रघुवर दास ने एक बार फिर विपक्षी दलों के गठबंधन को महाठगबंधन बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 नवंबर को रांची के रिनपास में टाटा कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी गरीबों को घर मुहैय्या कराने का वायदा 2022 में ही पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कोई जनता बेघर नहीं रहे, इस संकल्प को लेकर सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में भी यह फैसला लिया गया कि शहरी क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी  एवं स्लम बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों को भी मकान उपलब्ध कराया जाए, इसके तहत राज्यभर में करीब डेढ़ लाख मकान बनाये जाएंगे। सिर्फ जमशेदपुर के ही शहरी क्षेत्र में 27 हजार मकान बनाये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के क्षेत्र में भी झारखंड में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। चार वर्ष पहले जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तो सिर्फ 18प्रतिशत घरों में ही शौचालय की सुविधा था, अब यह 99 प्रतिशत से अधिक घरोंतक पहुंच गयी है, दिसंबर 2018 तक सभी घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

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रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
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10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

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बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
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बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

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