लगातार 15 घंटे उड़ान के बाद तूफान में फंसा विमान, पायलट ने ऐसे बचाई 370 यात्रियों की जान

NewsCode | 18 September, 2018 3:28 PM
newscode-image

नई दिल्ली। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-101 ने 11 सितंबर को नई दिल्ली से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन वो जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाई। विमान के लैंड करने से पहले ‘‘मौसम खराब है और ईंधन खत्म हो रहा है, हम पूरी तरह फंस चुके हैं’’ – यह संदेश पायलट रुस्तम पालिया ने न्यूयॉर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को दिया तो वहां हड़कंप मच गया। इस विमान में 370 यात्री सवार थे। पायलट ने दो बार एयरपोर्ट पर विमान को उतारने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। आखिर में 38 मिनट के बाद एयरपोर्ट पर विमान को उतारा गया। फ्लाइट के पायलट ने इस घटना के बारे में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा है कि उसकी और 370 यात्रियों की जिदंगी बड़े खतरे में थी।

उड़ान के दौरान पायलटों को बहुत सारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। जो उनके लिए किसी भयानक सपने से कम नहीं था। उड़ान भरने के बाद रास्ते में उन्हें प्लेन के मल्टिपल सिस्टम फेलियर, खराब मौसम और कम ईंधन की कमी का सामना करना पड़ा। इतनी मुसीबतों के बावजूद भी एयर इंडिया के पायलट ने हार नहीं मानी और विमान में मौजूद 370 लोगों को सुरक्षित एयरपोर्ट तक पहुंचाया। विमान को नेवार्क के वैकल्पिक हवाई अड्डे पर लैंड किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक पायलट रुस्तम पालिया ने फ्लाइट से संबंधित सभी परेशानियों के बारे में न्यूयॉर्क के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को जानकारी दी। पायलट ने दिल्ली से बिना रुके 15 घंटे तक विमान उड़ाया। उन्होंने लैंडिंग प्रक्रिया की सहायता के लिए डिजाइन की गई प्रणाली की सहायता के बिना विमान उड़ाया।

पायलट ने बताया कि ‘लैंडिंग के ठीक पहले सारे यात्री और पायलट आसमान में अटक गए थे। हम लोग यातायात नियंत्रण में नाकामी का शिकार हुए थे। ऑटो लैंडिंग, विंडशेर सिस्टम जैसी कई तकनीक ने भी काम करना बंद कर दिया था। अब नौ साल पुराने विमान के पायलट के पास विमान को मैनुअल लैंडिंग का विकल्प बचा था।’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया ने इस घटना के बाद जांच के आदेश दे दिए हैं। एयर इंडिया के प्रवक्ता प्रवीण भटनागर का कहना है कि ‘फ्लाइट सेफ्टी डिपार्टमेंट मामले की जांच कर रहा है। एयर इंडिया के पायलटों ने सफलतापूर्वक स्थिति को संभाला है।’

पायलट का कहना है कि एयर इंडिया न तो इस तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण देता है और न ही बोइंग के ऑपरेशन मैनुअल में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कोई जानकारी दी गई है।


VIDEO: फ्लाइट से यात्रियों को भगाने के लिए एयर एशिया के पायलट ने कर दिया धुआं-धुआं

उड़ते हुए प्लेन में ताजी हवा खाना चीनी यात्री को पड़ा महंगा, बदले में खानी पड़ी हवालात की हवा

प्लेन में बच्चा रोया तो भारतीय जोड़े को ब्रिटिश एयरवेज ने फ्लाइट से उतारा

14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
newscode-image

नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


पहले टेस्ट में ही पृथ्वी शॉ ने ठोका शानदार शतक, बना डाले ये रिकॉर्ड

रोहित शर्मा बने ‘सिक्सर किंग’, छक्कों से तोड़ दिया सचिन का रिकॉर्ड

sun

320C

Clear

Jara Hatke

Read Also

रांची : मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने किया कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का शुभारंभ

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:38 PM
newscode-image

रांची। राज्य के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने आज मोरहाबादी स्थित पार्क प्लाजा के दूसरे तल्ले में कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने आशा जतायी कि यह सर्विसेज आम जनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

कंफर्ट लाइव सर्विसेज में फ्लैट खरीद- बिक्री, स्वास्थ्य बीमा, अवधि बीमा, म्युचुअल फंड, एसआईपी एवं वाहनों की बीमा आदि की सुविधा लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

शुभारंभ के मौके पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, चंद्रशेखर महतो, संचालक राजेश कुमार, रंजना चौधरी, गीता महतो, कल्पना मुखिया, संतोष  मुखिया, अमित साव एवं अजय श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

भोगनाडीह : झामुमो ने संथाल को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:36 PM
newscode-image

भोगनाडीह  में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए

भोगनाडीह। राज्य को संथाल परगना ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से तीन तीन मुख्यमंत्री दिये,  लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया वो गरीब आदिवासी, वंचित दलित की अनदेखी कर अर्थपेटी और मतपेटी भरने का कार्य किया।

साथ ही संथाल परगना को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया। सबसे ज्यादा आदिवासियों की जमीन लूटने का काम सोरेन परिवार ने किया है। आज सीएनटी-एस पीटी एक्ट के उल्लंघन कर विभिन्न शहरों में आदिवासियों की जमीन ले ली।

जबकि संथाल परगना समेत राज्य भर में यह कह कर गुमराह किया गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आएगी तो आदिवासी की जमीन लूट लेगी। क्या 4 साल सरकार द्वारा किसी आदिवासी की जमीन लूटी गई नहीं। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही।

बरहेट का प्रतिनिधित्व करने वाला कभी विधानसभा में सवाल नहीं उठाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहेट का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले ने कभी भी विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रश्न नहीं रखा, क्योंकि उसे पता ही नहीं है कि क्षेत्र की समस्या क्या है ऐसे में विकास के कार्य कैसे सम्पन्न होंगे।

लोगों को यह सोचना चाहिए और स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे वोकिसी पार्टी का हो।

कार्यकर्ता पार्टी का प्राण, पार्टी के लिए राष्ट्र पहले

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जहां वंशवाद और परिवार नहीं। एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री और मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है। मैं भी बूथ स्तर का कार्यकर्ता था।

पार्टी के लिए समर्पण भाव से कार्य करते हुए 1995 में विधायक बना और अब मुख्यमंत्री हूं। आप भी ईमानदारी से कार्य करें। सरकार की योजनाओं को जन जन पहुंचाये। पार्टी के वविभिन्न मोर्चा के लोग इस कार्य में लगे। क्योंकि पार्टी के लिए राष्ट्र पहले है।

इस राष्ट्र को और मजबूत करने के लिए वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना चुके प्रधानमंत्री  के हाथों को मजबूत करें। इस अवसर पर अनंत ओझा,  धर्मपाल सिंह, हेमलाल मुर्मू समेत अन्य मौजूद थे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

More Story

more-story-image

रांची : अखिल झारखंड छात्र संघ ने चुनाव को लेकर...

more-story-image

धनबाद : बीजेपी सरकार बनने के बाद कृषि विकास दर...

X

अपना जिला चुने