हिंद महासागर में फंसे नेवी कमांडर अभिलाष टोमी को 3 दिन बाद सुरक्षित निकाला गया

NewsCode | 24 September, 2018 5:50 PM
newscode-image

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के जवान और गोल्डन ग्लोब रेस में भाग ले रहे भारतीय प्रतिनिधि कमांडर अभिलाष टोमी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बता दें कि गोल्डन ग्लोब रेस में हिस्सा लेने के दौरान अभिलाष दक्षिणी हिंद महासागर के आसपास बीच रास्ते में तूफान के चलते घायल हो गए थे। अभिलाष को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय नौसेना के आईएनएस सतपुड़ा और ऑस्ट्रेलियाई नेवी दल ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया था। कमांडर फिलहाल होश में हैं और उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट दी जा रही है।

गोल्डल ग्लोब रेस नौका दौड़ प्रतियोगिता होती है और इसमें दुनिया भर के मशहूर नाविक हिस्सा लेते हैं। इस साल यह प्रतियोगिता 1 जुलाई को फ्रांस से शुरू हुई थी। कमांडर अभिलाष का गोल्डन ग्लोब रेस में हिस्सा ले रहे थे और पर्थ से कुछ दूरी दक्षिणी हिंद महासागर में उनके जहाज का संपर्क टूट गया था। कमांडर अभिलाष इससे पहले भी एक बार बिना रुके दुनिया का चक्कर लगा चुके हैं। उन्हें इस रेस में हिस्सा लेने के लिए विशेष सदस्य के तौर पर आमंत्रित किया गया है। कमांडर अभिलाष की सुरक्षित वापसी के लिए दुनियाभर में प्रार्थना हो रही थी।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा, ‘राहत की सांस महसूस कर रही हूं। कमांडर अभिलाष टोमी को फ्रेंच फिशिंग जहाज के जरिए सुरक्षित निकाल लिया गया है। वह सचेत हैं और अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्हें निकट के एक टापू पर ले जाकर शुरुआती मेडिकल सुविधा दी जा रही है। आईएनएस सतपुड़ा का दल जल्द ही मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मॉरिशस ले जाएगा।’

कौन हैं कमांडर अभिलाष?

कमांडर अभिलाष टोमी भारतीय नौसेना में कमांडर हैं। मूल रूप से मुंबई के रहने वाले अभिलाष ने गोवा यूनिवर्सिटी से साइंस में बैचलर की डिग्री ली है। 2000 में वह नौसेना में भर्ती हुए और 18 साल से वे भारतीय नौसेना के साथ हैं। सेना में कमांडर होने के आलावा अभिलाष रेकॉन पायलट और नाविक भी हैं। उन्होंने अकेले समुद्र मार्ग से पूरी दुनिया का चक्कर लगाया है। वह कीर्ति चक्र से सम्मानित हैं और दुनियाभर के कई संस्थानों में मोटिवेशनल व्याख्यान भी देते हैं।


थाईलैंड: 17 दिन बाद फुटबॉल टीम के सभी खिलाड़ी आए बाहर, भारत का रहा अहम योगदान

जब 24 घंटे से लापता महिला मिली 23 फुट लंबे अजगर के पेट में…

14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
newscode-image

नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


पहले टेस्ट में ही पृथ्वी शॉ ने ठोका शानदार शतक, बना डाले ये रिकॉर्ड

रोहित शर्मा बने ‘सिक्सर किंग’, छक्कों से तोड़ दिया सचिन का रिकॉर्ड

sun

320C

Clear

Jara Hatke

Read Also

रांची : मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने किया कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का शुभारंभ

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:38 PM
newscode-image

रांची। राज्य के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने आज मोरहाबादी स्थित पार्क प्लाजा के दूसरे तल्ले में कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने आशा जतायी कि यह सर्विसेज आम जनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

कंफर्ट लाइव सर्विसेज में फ्लैट खरीद- बिक्री, स्वास्थ्य बीमा, अवधि बीमा, म्युचुअल फंड, एसआईपी एवं वाहनों की बीमा आदि की सुविधा लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

शुभारंभ के मौके पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, चंद्रशेखर महतो, संचालक राजेश कुमार, रंजना चौधरी, गीता महतो, कल्पना मुखिया, संतोष  मुखिया, अमित साव एवं अजय श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

भोगनाडीह : झामुमो ने संथाल को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:36 PM
newscode-image

भोगनाडीह  में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए

भोगनाडीह। राज्य को संथाल परगना ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से तीन तीन मुख्यमंत्री दिये,  लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया वो गरीब आदिवासी, वंचित दलित की अनदेखी कर अर्थपेटी और मतपेटी भरने का कार्य किया।

साथ ही संथाल परगना को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया। सबसे ज्यादा आदिवासियों की जमीन लूटने का काम सोरेन परिवार ने किया है। आज सीएनटी-एस पीटी एक्ट के उल्लंघन कर विभिन्न शहरों में आदिवासियों की जमीन ले ली।

जबकि संथाल परगना समेत राज्य भर में यह कह कर गुमराह किया गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आएगी तो आदिवासी की जमीन लूट लेगी। क्या 4 साल सरकार द्वारा किसी आदिवासी की जमीन लूटी गई नहीं। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही।

बरहेट का प्रतिनिधित्व करने वाला कभी विधानसभा में सवाल नहीं उठाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहेट का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले ने कभी भी विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रश्न नहीं रखा, क्योंकि उसे पता ही नहीं है कि क्षेत्र की समस्या क्या है ऐसे में विकास के कार्य कैसे सम्पन्न होंगे।

लोगों को यह सोचना चाहिए और स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे वोकिसी पार्टी का हो।

कार्यकर्ता पार्टी का प्राण, पार्टी के लिए राष्ट्र पहले

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जहां वंशवाद और परिवार नहीं। एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री और मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है। मैं भी बूथ स्तर का कार्यकर्ता था।

पार्टी के लिए समर्पण भाव से कार्य करते हुए 1995 में विधायक बना और अब मुख्यमंत्री हूं। आप भी ईमानदारी से कार्य करें। सरकार की योजनाओं को जन जन पहुंचाये। पार्टी के वविभिन्न मोर्चा के लोग इस कार्य में लगे। क्योंकि पार्टी के लिए राष्ट्र पहले है।

इस राष्ट्र को और मजबूत करने के लिए वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना चुके प्रधानमंत्री  के हाथों को मजबूत करें। इस अवसर पर अनंत ओझा,  धर्मपाल सिंह, हेमलाल मुर्मू समेत अन्य मौजूद थे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

More Story

more-story-image

रांची : अखिल झारखंड छात्र संघ ने चुनाव को लेकर...

more-story-image

धनबाद : बीजेपी सरकार बनने के बाद कृषि विकास दर...

X

अपना जिला चुने