सिर्फ महिलाओं के हवाले हैं देश के ये 5 रेलवे स्टेशन

भारतीय रेल के कुल 13 लाख कर्मचारियों में से 7.6 फीसदी यानी कि 1 लाख महिलाएं हैं

NewsCode | 11 March, 2018 12:24 PM

सिर्फ महिलाओं के हवाले हैं देश के ये 5 रेलवे स्टेशन

नई दिल्ली।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 8 मार्च को बेंगलुरू के बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन के पूरी तरह महिलाओं द्वारा चलाने की घोषणा की थी। गोयल ने इस मौके पर कहा, “यह देश का पांचवां रेलवे स्टेशन है, जो महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है और इस स्टेशन की सभी गतिविधियां महिलाओं द्वारा चलाई जा रही हैं। बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर, बुकिंग क्लर्क और रिजर्वेशन क्लर्क समेत सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी।”

इसके अलावा महिलाओं द्वारा पूरी तरह चलाए जा रहे देश के अन्य रेलवे स्टेशन हैं – मुंबई का माटुंगा, जयपुर का गांधीनगर, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का चंद्रागिरी और महाराष्ट्र के नागपुर का अजनी।

माटुंगा रेलवे स्टेशन

भारतीय रेल का पहला स्टेशन जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है, वह मुंबई उपनगर का माटुंगा रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन मध्य रेलवे (सीआर) के तहत आता है। इस स्टेशन का नाम सभी महिला कर्मचारी को लेकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड्स रिकार्ड्स 2018 में भी दर्ज किया गया है।

यह स्टेशन साल 2017 के जुलाई माह से केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है, लेकिन लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड्स रिकार्ड्स में इसका नाम छह महीने बाद दर्ज किया गया। इस स्टेशन पर कुल 41 महिलाओं के दल की तैनाती की गई है, जिसमें आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), वाणिज्यिक और परिचालन विभाग के कर्मी शामिल हैं। इस स्टेशन की कमान स्टेशन मास्टर ममता कुलकर्णी संभालती हैं। इस रेलवे स्टेशन के परिचालन का सभी काम चौबीसो घंटे महिलाएं ही संभालती हैं।

माटुंगा रेलवे स्टेशन की स्टेशन मास्टर ममता कुलकर्णी का कहना है, “हमारा अनुभव बहुत ही निर्विघ्न रहा है, कह सकते हैं कि जादुई रहा है। मैंने अपने रेलवे के 25 सालों के कैरियर में कभी सोचा नहीं था कि कभी सभी महिला कर्मचारियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा।”

हालांकि कुछ कर्मियों को शुरुआत में परेशानियों का सामना करना पड़ा। कीर्ति कोथाने का कहना है कि उन्होंने कभी किसी दुर्घटना के मामले को नहीं संभाला था, लेकिन अब उन्हें पता है कि ऐसे मामलों में कैसे काम करना चाहिए। यहां तक कि माटुंगा स्टेशन पर तैनात महिला टिकट चेकरों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय पुरुष यात्रियों से निपटने का तरीका सीख लिया है।

गांधी नगर रेलवे स्टेशन

इसके बाद जयपुर का गांधी नगर रेलवे स्टेशन देश का दूसरा रेलवे स्टेशन तथा प्रमुख रेलवे स्टेशनों में सबसे पहला रेलवे स्टेशन था, जहां केवल महिला कर्मियों की तैनाती की गई, जिसमें टिकट चेकर से लेकर स्टेशन मास्टर तक शामिल हैं।


इस रेलवे स्टेशन पर रोजाना औसतन 7,000 यात्री आते हैं और यह जयपुर के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है। इस स्टेशन पर फिलहाल 40 महिला रेलवे कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें स्टेशन मास्टर के अलावा चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर, टिकट चेकर और रिजर्वेशन क्लर्क शामिल हैं। इसके साथ ही इस स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों में केवल महिलाओं की ही तैनाती की गई है।

गुलाबी नगरी का गांधी नगर रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण जयपुर-दिल्ली रूट में है, जहां से रोजाना 50 ट्रेनें गुजरती हैं, जिसमें से इस स्टेशन पर 25 ट्रेनों का ठहराव है। इस स्टेशन को महिला-अनुकूल बनाने के लिए यहां सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें भी लगाई गई है (एनजीओ आरुषि के सहयोग से)। यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है कि किसी बड़े रेलवे स्टेशन पर आनेवाली चुनौतियों का सामना वे आत्मविश्वास के साथ कर पाएं।

अजनी रेलवे स्टेशन

महाराष्ट्र के नागपुर का अजनी रेलवे स्टेशन देश का तीसरा रेलवे स्टेशन है, जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जाता है। अजनी नागपुर का सेटेलाइट स्टेशन है, जो मध्य रेलवे के नागपुर खंड का हिस्सा है और महत्वपूर्ण दिल्ली-चेन्नई रूट का हिस्सा है। इस स्टेशन पर रोजाना औसतन 6,000 यात्रियों की आवाजाही होती है। अजनी रेलवे स्टेशन पर कुल 22 महिला कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें स्टेशन मास्टर समेत 6 वाणिज्यिक क्लर्क, 4 टिकट चेकर, 4 कुली, 4 सफाई कर्मचारी और 3 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मी शामिल हैं। इस स्टेशन को अपग्रेड किया जा रहा है कि शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से भीड़भाड़ को कम किया जा सके।

मणिनगर रेलवे स्टेशन

गुजरात की राजधानी अहमदाबाद का मणिनगर रेलवे स्टेशन देश का चौथा और राज्य का पहला रेलवे स्टेशन है, जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जाता है। यह स्टेशन पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आता है। देश का पहला रेलवे स्टेशन जो केवल महिलाओं के द्वारा चलाया जाता है। इस स्टेशन पर 23 वाणिज्यिक क्लर्क और तीन परिचालन कर्मी (स्टेशन मास्टर और प्वाइंट्स पर्सन्स) के साथ 10 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तैनाती की गई है और सभी महिलाएं हैं। साथ ही 36 अन्य फ्रंट लाइन कर्मियों में भी महिलाएं ही है।

चंद्रागिरी रेलवे स्टेशन

आंध्र प्रदेश का चंद्रागिरी रेलवे स्टेशन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के गृह जिले चित्तूर में स्थित है और यह रेलवे दक्षिण मध्य रेलवे के गुंटकल खंड में आता है। यह देश का पांचवां और आंध्र प्रदेश का पहला रेलवे स्टेशन है, जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है। इस स्टेशन पर कुल 12 कर्मी हैं, जिसमें स्टेशन मास्टर, बुकिंग क्लर्क, प्वाइंट्स मैन, सुरक्षा और सफाई कर्मी शामिल हैं और सभी महिलाएं हैं। इस स्टेशन से रोजाना 234 यात्री गुजरते हैं और इस स्टेशन से औसतन 5,000 रुपये का राजस्व रोजाना प्राप्त होता है।

इसके अलावा दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत आनेवाला तमिलनाडु के तिरुपति, आंध्रप्रदेश के गुंटूर जिले के फिरंगीपुरम रेलवे स्टेशन और हैदराबाद के बेगमपट रेलवे स्टेशन की कमान भी पूरी तरह महिलाओं के हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है।

(इनपुट : आईएएनएस)

केकेआर के कप्तान को डकवर्थ लुईस से गुरेज, कार्तिक ने की इस पद्धति को लागू करने की वकालत

NewsCode | 22 April, 2018 7:46 PM

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कोलकाता। किंग्स इलेवन पंजाब के हाथों डकवर्थ लुइस नियम (डीएलएस) के तहत वर्षा बाधित मैच में नौ विकेट हारने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान दिनेश कार्तिक ने इस प्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कार्तिक ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ” बीसीसीआई को जयदेवन मेथड (वीजेडी) का इस्तेमाल करना चाहिए। मेरा हमेशा मानना है कि वीजेडी मेथड इंडियन मेथड है। आईपीएल भारत का घरेलू टूर्नामेंट है, इसलिए इसका इस्तेमाल यहां होना चाहिए। हम केवल आईपीएल में ही डकवर्थ लुइस प्रणाली इस्तेमाल करते हैं लेकिन हम वीजेडी बारे में क्यों नहीं सोचते और इसे क्यों नहीं लागू करते हैं।”

कोलकाता ने शनिवार को यहां ईडन गार्डन्स मैदान में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण के एक मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 191 रन का मजबूत स्कोर बनाया जिसका पीछा करते हुए पंजाब ने 8.2 ओवर में बिना किसी नुकसान के 96 रन बना लिए थे तभी मैच में बारिश आ गई।

बारिश खत्म होने के बाद खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो मैच 13 ओवरों का कर दिया गया और पंजाब को डकवर्थ लुइस नियम के तहत 125 रन का लक्ष्य दिया गया। पंजाब को 28 गेंदों और 29 रन बनाने थे जिसे उसने 11 गेंद शेष रहते एक विकेट पर 126 रन बनाकर हासिल कर लिया।

कप्तान दिनेश कार्तिक ने कहा, “यह काफी रोचक था क्योंकि जिस समय बारिश के कारण खेल रुका, उन्हें जीत के लिए हर ओवर में आठ रन की दरकार थी। लेकिन डकवर्थ लुइस लागू होने के कारण उन्हें छह रन प्रतिओवर का लक्ष्य मिला।”

कोलकाता को अपना अगला मुकाबला दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 27 अप्रैल को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलना है।

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आईएएनएस

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NewsCode | 22 April, 2018 7:03 PM

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नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर और दिल्ली डेयरडेविल्स के मैच में ट्रेंट बोल्ट के लाजवाब कैच ने सबको हैरान किया हुआ है। आईपीएल के सबसे बेहतरीन लम्हों में शुमार हो चुके बोल्ट के इस कैच का जादू ट्विटर पर भी छा गया है।

एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में शनिवार रात खेले गए मैच में बेंगलोर की बल्लेबाजी के दौरान हर्षल पटेल के ओवर की अंतिम गेंद पर कप्तान विराट कोहली ने बड़ा शॉट मारा। बाउंड्री के पास खड़े बोल्ट ने हवा में उछलते हुए दाएं हाथ से कैच पकड़ा और सीने के बल गिर पड़े। ऐसा लगा कि उनका शरीर सीमा रेखा से छू जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं और बोल्ट ने खुद को सीमा रेखा से कुछ इंच दूर ही संभाल लिया।

इस पल को देख सभी हैरान थे। कोई नहीं समझ पा रहा था कि हुआ क्या है। खुद कोहली भी समझ नहीं पाए थे कि वह आउट हुए हैं या बच गए हैं। बोल्ट के चेहरे पर भी हैरानी साफ नजर आ रही थी। ऐसे में वीडियो रिप्ले देखने के बाद यह साफ हुआ कि यह कैच है और कोहली को आउट करार दे दिया गया।

दर्शकों के साथ-साथ मैदान पर मौजूद खिलाड़ी भी इस कैच से हैरान थे। ट्विटर पर कई खिलाड़ियों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

आस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शेन वार्न ने ट्वीट कर कहा, “आईपीएल में क्या शानदार रात थी। बोल्ट का कैच शानदार था, ऐसा जो आपने शायद ही पहले देखा हो।”

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन ने कहा, “हमने एक शानदार कैच देखा है।”

इंग्लैंड के ही क्रिकेट खिलाड़ी बेन स्टोक्स ने ट्वीट किया, “सोचना भी नहीं कि आप इस कैच को बयान कर पाओगे। यह बिल्कुल अलग था।”

इस मैच के बाद खुद कोहली ने अपने एक बयान में कहा कि उन्हें बोल्ट के इस लाजवाब कैच के कारण आउट होने का मलाल नहीं है। जीवन में अगर कभी पीछे मुड़कर वह इस लम्हे को याद करेंगे, तो उन्हें आउट होने पर निराशा नहीं होगी।

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(इनपुट : आईएएनएस)

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NewsCode Jharkhand | 22 April, 2018 5:26 PM

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सरिया (गिरिडीह)रेलवे कानून उल्लंघन कर यात्रा करने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 30 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। जिन्हें उचित कार्यवाही हेतु लोक धनबाद भेजा गया। इस संबंध में RPF निरीक्षक प्रभारी PK रावत ने बताया कि रेलवे में अपराध को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित रेल यात्रा हेतु सरकार द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बावजूद लोग नियमों को ताक पर रखकर रेल यात्रा करते हैं। जिससे अन्य रेल यात्रियों को परेशानी होती है, इसे देखते हुए रेलवे सुरक्षा आयुक्त धनबाद के निर्देशानुसार लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

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इसी के मद्देनजर शनिवार की रात पटना हटिया एक्सप्रेस तथा गंगा सतलज एक्सप्रेस वे चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसका नेतृत्व ASI रामायण मिश्रा कर रहे थे। इस दौरान लगेज वेन महिला डिब्बा अनाधिकृत प्रवेश आदि रेलवे नियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर सभी पकड़े गए लोगों को लोक अदालत भेजा गया है, इस अभियान में RPF हजारीबाग रोड के ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

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