साढ़े 5 साल में पीएनबी के डूबते खाते में गए 28,500 करोड़ रुपये

NewsCode | 16 February, 2018 1:19 PM
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भोपाल| पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की मुंबई की एक शाखा में फर्जी लेनदेन के जरिए लगभग 11,500 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर होने के बाद एक बात और सामने आई है कि इसी बैंक को बीते साढ़े पांच वर्षो में जबरदस्त घाटा हुआ है।

यह बैंक विभिन्न लोगों को दिए कर्ज की रकम जब वसूल नहीं पाया तो आपसी समझौते से बतौर कर्ज 28,409 करोड़ रुपये डूबते खाते (राइट ऑफ ) में डाल दिया।

सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आए दस्तावेजों में आरबीआई ने स्वीकार किया है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 से लेकर सितंबर 2017 की अवधि में पंजाब नेशनल बैंक की आपसी समझौते के तहत 28,409 करोड़ की राशि राइट ऑफ की गई है।

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी बताती है कि पंजाब नेशनल बैंक की ओर से दिए गए कर्ज में से लंबित पड़े या यूं कहें कि ऐसा कर्ज, जो वापस न आने वाला है, उसमें से वर्ष 2012-13 में 997 करोड़, वर्ष 2013-14 में 1947 करोड़, वर्ष 2014-15 में 5996 करोड़, वर्ष 2015-16 में 6485 करोड़, वर्ष 2016-17 में 9205 करोड़ और वर्ष 2017 में छह माह अप्रैल से सितंबर तक 3778 करोड़ की राशि को आपसी समझौते के आधार पर राइट ऑफ किया गया है।

आरबीआई की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर देखा जाए, तो एक बात साफ हो जाती है कि पीएनबी के साढ़े पांच साल में 28,409 करोड़ रुपये राइट ऑफ किए गए हैं। अपने जवाब में आरबीआई ने इसे आपसी समझौते (इंक्लूडिंग कम्प्रोमाइज)के आधार पर राइट ऑफ किया जाना माना है। 

बैंकिंग कारोबार से जुड़े अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया है कि बैंकों की स्थिति गड़बड़ाने का एक बड़ा कारण एनपीए है और दूसरा उसे राइट ऑफ किया जाना। यह वह रकम होती है, जो वसूल नहीं की जा सकती। सीधे तौर पर कहा जाए तो यह राशि बैलेंस शीट से ही हटा दी जाती है।

अगर पीएनबी द्वारा साढ़े पांच साल में राइट ऑफ की गई राशि पर गौर करें तो एक बात साफ हो जाती है कि, जहां वर्ष 2012-13 में 997 करोड़ रुपये राइट ऑफ किए गए, वहीं वर्ष 2016-17 में 9209 करोड़ राइट ऑफ हुए।

साथ ही वर्ष 2017-18 के छह माह में 3778 करोड़ रुपये की राशि राइट ऑफ की जा चुकी है। समझौते के आधार पर राइट ऑफ किए जाने वाली राशि की मात्रा साल दर साल बढ़ती जा रही है।

जानकार बताते है कि कर्ज देने के आरबीआई ने नियम बनाए हैं और उसी के आधार पर कर्ज दिया जाता है। जब कर्ज लेने वाले की संपत्ति की कीमत शून्य हो जाती है, तब बैंक को कर्ज की राशि को राइट ऑफ करने की जरूरत पड़ती है ताकि, बैलेंस शीट में वह राशि नजर नहीं आए।

इसका सबसे बुरा असर उन लोगों पर होता है, जो बैंक में रकम जमा करते हैं। राइट ऑफ होने के कारण ही ब्याज दरें कम हो रही है, बैंक कर्मचारियों की सुविधाओं में कटौती करनी पड़ रही है।

आईएएनएस

रांची : टाटा सबलीज मामले में 17.26 अरब वसूली की अनुशंसा

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 4:26 PM
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रांची। झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने टाटा सब लीज मामले में 17.26 अरब रुपये वसूलने की अनुशंसा की है। विधानसभा में आज लोक लेखा समिति के सभापति स्टीफन मरांडी ने सभा पटल पर प्रतिवेदन रखा, इस मामले में टाटा सबलीज मामले में पुनः बंदोबस्ती की भी अनुशंसा की गयी।

लोक लेखा समिति के सदस्य और कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने बताया कि समिति ने टाटा लीज के अंतर्गत पूर्व में अनुशंसित 59 सबलीज मामलों में सन्निहित 144.33 एकड़ भूमि के विरुद्ध सलामी, लगान एवं सेस के रुप में 17.26 अरब रुपये की राजस्व वसूली अविलंब करने की अनुशंसा की है।

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उन्होंने आगे बताया कि समिति ने संबंधित लीज भूमि पर राज्य सरकार के संपूर्ण स्वामित्व के तहत सभी 59 सबलीज से संबंधित संपूर्ण जमीन को लीज क्षेत्र से बाहर करते हुए सरकार राजस्व हित को ध्यान में रखे तथा खुली व पारदर्शी नीलामी की प्रक्रिया अपनाते हुए भूमि लीज की पुनः बंदोबस्ती की कार्रवाई करने की अनुशंसा की है।

उन्‍होंने बताया कि समिति की यह अनुशंसा यह है कि लीज पर उद्योगों या अन्य क्षेत्रों को जिन शर्तों के साथ सरकार ने भूमि उपलब्ध करवायी है, उन शर्तों का अनुपालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं। सरकार व विभाग की अहम जिम्‍मेवारी है कि प्रतिवर्ष उसकी समीक्षा करे।

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पलामू : बिजली के तार की चपेट में आने से तीन की मौत

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 8:04 PM
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पलामू। पहला मामला हुसैनाबाद प्रखंड का है जहाँ बेलबीघा गाँव निवासी जुगेश सिंह का निधन बिजली की तार के चपेट में आने से हो गई । जानकारी के अनुसार मृतक जुगेश सिंह मोटर स्टार्ट करने गए थे ,उसी क्रम में वह  बिजली के तार की चपेट में आ गए । ग्रामीणों की मदद  से आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हुसैनाबाद ले जाया गया जहाँ डॉक्टर ने उन्हें मृत घोसित कर दिया ।

वहीं दूसरा मामला सतबरवा प्रखंड के चेतमा की है जहाँ अपने खेत में काम कर रहे दंपती किसान की मौत बिजली प्रवाहित तार की चपेट में आने से हो गयी है । पुलिस मौके पर पहुँच कर दम्पति के शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए दलतीनगंज सदर अस्पताल भेज दिया है । इस घटना से पूरा गाँव शोकाकुल है , वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है ।

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धनबाद : जिला डेकोरेटर्स एसोसिएशन का 40 वां वार्षिक अधिवेशन 9 सितम्बर को 

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 8:02 PM
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धनबाद। जिला डेकोरेटर्स एसोसिएशन का 40 वां वार्षिक अधिवेशन आगामी माह 9 सितम्‍बर को आयोजित किया जाएगा। आयेाजन को सफल बनाने को लेकर होटल प्रियांशु में रविवार को एसोसिएशन ने बैठक की। इसमें भाग लेने के लिए जिले के विभिन्न शाखाओं से एसोसिएशन के पदाधिकारी आए थे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस बार वार्षिक अधिवेशन के जरिए समाज को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, साक्षरता मिशन एवं नारी सशक्तिकरण का सन्देश दिया जाएगा।

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इसके साथ ही  जिले में बेहतर कार्य करनेवाले डेकोरेटर्स को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर मुख्य अतिथि धनबाद नगर निगम के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल और धनबाद एसएसपी मनोज रतन चौथे होंगे।

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