जब कुलदीप पर भड़क गए माही और कहा – ‘पागल हूं मैं जो 300 ODI खेले हैं’

NewsCode | 11 July, 2018 6:51 PM
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नई दिल्ली। ‘व्हाट द डक’ शो के नये एपिसोड में टीम इंडिया के ‘स्पिन ट्विन’ कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल साथ में नजर आए। दोनों ने होस्ट विक्रम सथाए के साथ क्रिकेट के कई राज खोले। चहल का जैकलीन फर्नांडिस के साथ योगा सेशन, महेंद्र सिंह धोनी का विकेट के पीछे से कितना योगदान होता है और दोनों मिलकर कैसे विकेट लेने की प्लानिंग करते हैं इस पर बात की।

इस दौरान कुलदीप यादव ने एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। कुलदीप बताते हैं कि मैदान पर अपने कूल अंदाज के लिए मशहूर धोनी ने एक बार कुलदीप को तेज डांट लगा दी थी। हालांकि, माही की इस डांट से कुलदीप को फायदा मिला था और उन्होंने फिर विकेट चटकाना शुरू कर दिया था।

धोनी को क्यों आया था गुस्सा ?

कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने इंदौर में खेले गए टी20 मैच का जिक्र किया। श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर में खेले गए इस मैच में भारत ने 260 रन बनाए थे और जवाब में श्रीलंका के बल्लेबाज भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे थे। कुलदीप और चहल दोनों की जमकर धुनाई हो रही थी। विकेट के पीछे से धोनी बार-बार दोनों से कह रहे थे- ‘थोड़ा और दूर…’ कुलदीप को जब लगातार चौके-छक्के पड़े तो उन्होंने धोनी की तरफ देखा।

इंडियन चाइनामैन कुलदीप ने कहा, ‘माही भाई ने मेरा आधा काम आसान कर दिया’

इस किस्से के बारे में बात करते हुए कुलदीप ने बताया, ‘माही भाई मेरे पास आए और कहा कवर्स हटाकर कवर्स डीप कर लो और प्वॉइंट ऊपर रख लो। मैंने कहा नहीं माही भाई ठीक है, तो वो गुस्से में बोले- मैं पागल हूं यहां पर 300 वनडे खेला हूं।’ माही की डांट के बाद कुलदीप ने इस मैच में तीन विकेट झटके, जबकि चहल ने चार।

जैकलीन फर्नांडिस के साथ योगा

चहल ने इस दौरान एक किस्सा सुनाया कि एक शूट के लिए उन्हें जैकलीन फर्नांडिस के साथ योगा करना था। जैकलीन का हेडस्टैंड देखकर वो हैरान रह गए थे और जब उनकी खुद की बारी आई, तो हेडस्टैंड के लिए उनकी टांगें पकड़नी पड़ी थी।

विकेट के लिए ऐसे तैयार करते हैं प्लॉट

दोनों गेंदबाजों ने बताया कि विकेट के लिए दोनों साथ में प्लॉट तैयार करते हैं और एक दूसरे की गेंदबाजी का पूरा ख्याल रखते हैं। इसके अलावा कुलदीप यादव ने अपनी हैट्रिक की भी कहानी सुनाई।

देखें पूरा एपिसोड-

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14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
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नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


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रांची: भापुसे के 17 अधिकारियों का तबादला,कई जिलों के एसपी बदले

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 2:20 PM
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रांची। झारखंड सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (भापुसे) के 17 अधिकारियों का स्थानांतरण और पदस्थापन किया है। इसके साथ ही कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों का तबादला हो गया है। इस संबंध में गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मंगलवार देर शाम अधिसूचना जारी कर दी गयी।

गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार डीआईजी उ.छो. क्षेत्र हजारीबाग पंकज कंबोज को डीआईजी एसीबी का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जबकि पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के एसपी क्रांति कुमार गदिदेसी को एसपी विशेष शाखा बनाया गया है। विशेष शाखा के एसपी शैलेंद्र कुमार सिन्हा को जामताड़ा का एसपी बनाया गया है,वहीं रांची के यातायात पुलिस अधीक्षक संजय रंजन सिंह को समादेष्टा जैप-2 के पद पर पदस्थापित किया गया है, वहीं धनबाद के एसएसपी चोथे मनोज रतन को एसपी सीआईडी, सीआईडी के एसपी वाईएस रमेश को एसपी दुमका, विशेष शाखा के एसपी आलोक को खूंटी का एसपी, खूंटी के एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा को गुमला का एसपी, राज्यपाल के परिसहाय चंदन कुमार झा को चाईबासा का एसपी, जामताड़ा की एसपी जया राय को सीआईडी का एसपी, दुमका के एसपी किशोर कौशल को धनबाद का एसएसपी, एसटीएफ के एसपी अंजनी कुमार झा को विशेष शाखा का एसपी, गुमला के एसपी अंशुमन कुमार को राज्यपाल का परिसहाय, रांची के सिटी एसपी अमन कुमार को ग्रामीण एसपी धनबाद, जैप-5 की समादेष्टा सुजाता कुमारी वीणापानी को रांची का सिटी एसपी, धनबाद के ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर को रांची का ग्रामणी एसपी और रांची के ग्रामीण एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को रांची यातायात का एसपी बनाया गया है।

 

रांची: अन्तराष्ट्रीय व्यापार मेले में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा बढ़ा रही है कौतुहल

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 2:07 PM
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रांची।भगवन बिरसा मुंडा धरती आबा देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानियों में माने जाते हैं। झारखण्ड प्रदेश में भगवान माने जाने वाले इस महान पुरुष को भारतीय जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी धार्मिक पुरुष और लोक नायक के रूप में मान्यता प्राप्त है।जिनका जन्म झारखण्ड के खूँटी ज़िले में 15 नवम्बर 1875 को हुआ था। 19 के दशक के शुरूआती सालो में ही अपनी युवा अवस्था 25 वर्ष में उन्होंने ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध जो आंदोलन बनाया उसको जनजातीय प्रजातियों में सबसे महत्त्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने अपने समूदाय के लोगो को धार्मिक क्रिया की तरह सोचने को तैयार किया और अपने अधिकारों को मांगने के लिए ब्रिटिश सरकार से लडे। भगवान् बिरसा मुंडा झारखण्ड प्रदेश में किसी भी काम के पहले याद किये जाते हैं। जिस कड़ी में 38वें भारतीय अन्तराष्ट्रीय मेले के झारखण्ड पवेलियन में उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। मेले में आने वाले लोग इस प्रतिमा को देख उत्सुकता से इनके विषय और कार्य की चर्चा कर रहे है। भगवान बिरसा मुंडा पर देश ही नहीं दुनिया को भी गर्व होता है। उनके जीवन पर कई साहित्य और फिल्मे भी बनाई जा चुकी हैं।

झारखण्ड पवेलियन में उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक श्री अलोक कुमार ने बताया कि मेले में झारखण्ड पवेलियन 22 नवम्बर को प्रगति मैदान स्थित हंसध्वनी थिएटर में झारखण्ड दिवस का आयोजन करेगा जिसमें झारखण्ड के लोक नृत्य कला एवं संस्कृति प्रदर्शित किया जायगा इस अवसर पर झारखण्ड प्रदेश के राजस्व और भूमि सुधार ए कला संस्कृति खेल और युवा मंत्री श्री अमर कुमार बाऊरी उपस्थित रहेंगे साथ ही उद्योग विभाग के अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे

इसके अलावा झारखण्ड पवेलियन से निकले के बाद लोग हॉल नं 7 के सामने लगे फ़ूड स्टाल में झारखण्ड के फ़ूड स्टाल में झारखण्ड के व्यंजन का भी लुफ्त उठा रहे हैं लोगों को लिट्टी चोखा मालपुआ एवं कुल्हड़ चाय काफी पसंद आ रहे हैं स्टाल के संचालक राजेश तिवारी ने बताया कि लोगों की भारी भीड़ झारखण्ड के व्यंजन को पसंद कर रहे है

 

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