दिल के लिए फायदेमंद है विटामिन डी3, इन चीजों के खाने से नहीं होगी कमी

NewsCode | 1 February, 2018 2:31 PM

दिल के लिए फायदेमंद है विटामिन डी3, इन चीजों के खाने से नहीं होगी कमी

यदि आप दिल के रोगी हैं तो विटामिन डी3 के साथ इलाज आपके दिल के लिए लाभकारी हो सकता है। विटामिन डी3 आपके शरीर में प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी में बनता है। उच्च रक्तचाप, वसा का जमा होना, धमनी की दीवार में कोलेस्ट्रॉल व मधुमेह सहित कई बीमारियों से आपके दिल को नुकसान पहुंच सकता है और इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।

शोध में कहा गया है कि हालांकि, विटामिन डी3 का सेवन हड्डियों से जुड़ा हुआ है। हड्डियों के इलाज में इस्तेमाल की गई इसकी ज्यादा मात्रा दिल से जुड़ी प्रणाली के लिए फायदेमंद हो सकती है।

ओहियो विश्वविद्यालय के एक स्नातक छात्र टेड्यूज मलिंस्की ने कहा, “आम तौर पर विटामिन डी3 हड्डियों के साथ जुड़ा हुआ है। हालांकि, हाल के सालों में चिकित्सकीय जांच में पता चला है कि दिल के दौरे वाले मरीजों में डी3 की कमी रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि डी3 की कमी की वजह से दिल का दौरा पड़ता है, लेकिन यह दिल के दौरे का जोखिम बढ़ा देता है।”

इन चीजों के सेवन से नहीं होगी विटामिन डी की कमी

1. हमारी सेहत के लिए विटामिन डी3 फायदेमंद होता है। ये स्क‍िन को यूवी किरणों से सुरक्षित रखने का काम करता है। सूर्य की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत है। लेकिन दोपहर की धूप नहीं, सुबह की धूप फायदेमंद होती है। इससे चर्म रोग होने का खतरा भी कम हो जाता है।

2. सॉल्‍मन और टुना फिश खाने से भी विटामिन डी की कमी पूरी हो जाती है। अगर आपको मछली खाना पसंद नहीं है तो आप अंडे को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इससे भी विटामिन डी की कमी नहीं होती है।

3. डेयरी प्रोडक्ट्स से भी विटामिन डी की कमी पूरी हो जाती है। अपनी डाइट में दूध को शामिल करके भी आप विटामिन डी की कमी को पूरा कर सकते हैं।

4. कॉड लिवर में भी विटामिन डी भरपूर मात्रा होता है। इससे हड्ड‍ियों की कमजोरी दूर होती है।

5. विटामिन डी की कमी होने पर गाजर खाना भी फायदेमंद होता है। गाजर खाने से बेहतर होगा कि आप गाजर का जूस पिएं।
(इनपुट : आईएएनएस)

कोडरमा : लायंस क्लब ने अस्थमा जांच कर नि:शुल्क बांटी दवाईयां

NewsCode Jharkhand | 25 May, 2018 9:34 PM

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कोडरमालायंस क्लब के द्वारा स्थनीय ब्लॉक रोड स्थित डॉ. राजन कुमार के क्लिनिक में शुक्रवार को मुफ्त अस्थमा जांच शिविर लगाया गया। शिविर में कई रोगियों का मुफ्त स्पिरोमेट्री जांच किया गया तथा उसी अनुरूप दवाएं भी दी गई। शिविर में लायंस अध्यक्ष सुजीत अंबष्ट, लायंस के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र राम एवं लायंस डॉ. राजन भी मौजूद थे।

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अध्यक्ष सुजीत अंबष्ट ने बताया कि लायंस क्लब आगामी माह में चेचक एवं खसरा के टीकाकरण हेतु जागरूकता के कई कार्यक्रम करने जा रही है।

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निपाह वायरस से बचने के लिए WHO ने किया आगाह, भूलकर भी न खाएं ये 3 फल

NewsCode | 25 May, 2018 6:12 PM

निपाह वायरस से बचने के लिए WHO ने किया आगाह, भूलकर भी न खाएं ये 3 फल

नई दिल्ली। केरल में निपाह वायरस के कारण मरने वालों की संख्‍या बढ़ रही है। जबसे निपाह वायरस से जुड़ी खबरें आ रही हैं लोगों में डर का माहौल है। निपाह वायरस का सबसे बड़ा खतरा अब फलों से भी पैदा हो गया है।

क्‍या है निपाह वायरस?

निपाह वायरस को NiV इन्‍फेक्‍शन भी कहा जाता है। ये जूनोटिक बीमारी है। यानी ऐसी बीमारी जो जानवरों से इंसान में फैलती है। इस बार इसके फैलने का कारण फ्रूट बैट्स (चमगादड़) कहे जा रहे हैं।

कैसे फैलता है?

WHO के मुताबिक, निपाह वायरस चमगादड़ की एक नस्ल में पाया जाता है। यह वायरस उनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है, चमगादड़ जिस फल को खाता है, उनके अपशिष्ट जैसी चीजों के संपर्क में आने पर यह वायरस किसी भी अन्य जीव या इंसान को प्रभावित कर सकता है। ऐसा होने पर ये जानलेवा बीमारी का रूप ले लेता है। ऐसे में केरल से आने वाले फलों को विशेषकर ध्‍यान से खाया जाएं।

शरीर में वायरस का प्रवेश कैसे होता है?

NiV शरीर में खाद्य पदार्थ के माध्‍यम से प्रवेश करता है। प्रभावित चमगादड़ द्वारा झूठे किए गए फलों, बेरी या फूलों के सेवन से ये वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है। या घरेलू पशु जिन्‍होंने ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन किया हो या चमगादड़ के संपर्क में आए हों, उनसे भी ये फैलता है। प्रभावित व्‍यक्ति के संपर्क में आने से ये वायरस दूसरे के शरीर में प्रवेश कर जाता है।

क्या हैं निपाह (NiV) के लक्षण मनुष्‍यों में निपाह वायरस, encephalitis से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है. बुखार, सिरदर्द, चक्‍कर, मानसिक भ्रम, कोमा और आखिर में मौत, इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। 24-28 घंटे में यदि लक्षण बढ़ जाए तो इंसान को कोमा में जाना पड़ सकता है। कुछ केस में रोगी को सांस संबंधित समस्‍या का भी सामना करना पड़ सकता है।

इन तीन फलों से फैल सकता है निपाह वायरस

खजूर– धोकर खाएं खजूर और आम। रमजान के महीने में खजूर सबसे ज्यादा खाए जाते हैं। भारत में कई जगह बड़ी मात्रा में केले और खजूर केरल से मंगाए जाते हैं। निपाह वायरस से प्रभावित केरल के कालीकट और मल्लापुरम जिले में केले और खजूर की बड़ी मात्रा उत्‍पाद किए जाते है।

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केला- निपाह वायरस लोगों में फलों के जरिए फैल सकता है इसलिए केरल से जो केले आ रहे हैं, उनको खाने से बचें। अगर खाना ही है तो अच्छे से धोकर खाएं। क्योंकि, उत्तर भारत में ज्यादातर केले, केरल से आते हैं। ऐसे में इन्हें खाना मौजूदा हालात में सही नहीं है।

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बड़कागांव : 26 जून से शुरू होगा खसरा, रूबेला टीकाकरण अभियान

NewsCode Jharkhand | 25 May, 2018 5:54 PM

बड़कागांव : 26 जून से शुरू होगा खसरा, रूबेला टीकाकरण अभियान

बड़कागांव (हजारीबाग)बड़कागांव प्रखंड में खसरा, रूबेला टीकाकरण को लेकर प्रखंड कार्यालय में प्रमुख राजमुनी देवी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसका संचालन चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर श्याम किशोर कांत ने किया। कहा कि बीएलडी आयोजित किया जायेगा।

अभियान को सफल बनाने के लिए जल सहिया, महिला स्वास्थ्य कर्मी, महिला स्वयं सहायता समूह सभी धर्म के धर्मगुरु जनप्रतिनिधि अन्य विभागों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है ताकि अभियान के तहत घर-घर जाकर जागरूक करने, 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों को खसरा और रूबेला बीमारी से बचने के लिए टीकाकरण लगवाने का अपील किया गया।

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खसरा रोग के कारण बच्चों में अपंगता और मृत्यु दर में वृद्धि खसरा बहुत घातक रोग है। इसका लक्षण तेज बुखार के साथ त्वचा पर दिखाई पड़ने वाले लाल चकत्ते, खाँसी, बहती नाक और लाल आंखे रूबेला रोग सीसीआरएस जन्मजात रूबेला सिंड्रोम विकसित हो सकता है। जो भ्रूण और नवजात शिशुओं के लिए गंभीर और घातक साबित हो सकता है।

इस बीमारी से गर्भवती महिलाओं में गर्भपात, अकाल प्रसव और मृत प्रसव की संभावना बढ़ जाती है ताकि उक्त बीमारी से बच सके। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी अलका कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका अनुराधा पासवान, स्वास्थ्य प्रशिक्षक सुशील प्रसाद,  बीपीएल नवीन कुमार, संगणक संजय साव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थिति थे।

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